सावन के समय में कोई भी सच्चे मन और भक्ति के साथ भगवान भोलेनाथ की पूजा करता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ति होती है. आज हम जानेंगे राशि अनुसार किस प्रकार भगवान शिव की आराधना करना हमारे लिए सबसे ज्यादा फलदाई होगा. पुराणों के अनुसार सावन में भोले शंकर की पूजा, अभिषेक, शिव स्तुति, मंत्र जाप का खास महत्व है. खासकर सोमवारी के दिन महादेव की आराधना से शिव और शक्ति दोनों प्रसन्न होते हैं.इनकी कृपा से दैविक, दैहिक और भौतिक कष्टों से मुक्ति मिलती है. निर्धन को धन और नि:संतान को संतान की प्राप्ति होती है. कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर मिलता है. बाबा भोले की पूजा से भाग्य पलट सकता है. कहते हैं कि सावन में यदि कुछ चीजों को घर में रखा जाए तो किस्म त भी बदल सकती है-

गंगा जल: गंगा जल की पवित्रता एवं महत्त्व तो हर हिन्दू समझता है. इसीलिए किसी भी धार्मिक कार्य में या किसी भी वस्तु की शुद्धि के लिए गंगा जल का प्रयोग किया जाता है. भगवन शिव ने गंगा को अपनी जटाओं में स्थान दिया था, जिसके कारण घर के किचन में गंगा जल रखने से घर में तरक्की ओ र सफलता बानी रहती है.

भस्म: भस्म शिव जी की सबसे ज्यादा प्रिय वस्तुओं में से एक है ये सभी जानते है. शिव जी का भस्म से श्रृंगार किया जाता है महाकाल की भस्म आरती तो विश्व प्रसिद्द है. इसलिए सावन के दौरान घर के मंदिर में शिव मूर्ति के साथ इसे जरूर रखना चाहिए .

चांदी या ताम्बे का त्रिशूल: शिव जी के प्रमुख शास्त्रों में शामिल है त्रिशूल. हमने हमेशा शिव जी की प्रतिमा या चित्रों में शिव जी के साथ त्रिशूल देखा है क्योंतकि वो उन्हें अत्यन्त प्रिय है. इसलिए घर के हाल में ताम्बे या चांदी के त्रिशूल की स्थापना करने से घर पर किसी तरह का नकारात्मक प्रभाव असर नहीं कर पाता है.

रुद्राक्ष: रुद्राक्ष का हिन्दू धर्म में बहुत महत्त्व है. हर एक साधु को एवं खास कर शिव जी के भक्तो को रुद्राक्ष धारण किये हुए देखा जा सकता है. रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसू से हुए है ऐसा माना है. इसलिए शिव जी के सभी भक्त हमेशा ही रुद्राक्ष धारण करते है एवं उनकी पूजा करते है. इसलिए अगर रुद्राक्ष को घर के मुखिया के कमरे में रख जाये तो इस से ढेर सरे लाभो की प्राप्ति होती है.

पानी से भरा ताम्बे का लोटा: घर के जिस हिस्से में सदस्य सबसे ज्यादा समय बीतते हो, वहां ताम्बे के लोटे में पनि भरकर रखने से घर में हमेशा प्रेम और विश्वास बन रहता है.

डमरू: शिव जी को डमरू भी उनके त्रिशूल के जैसे ही प्रिय है वो हमेशा उनके साथ रहती है. घर में बच्चों के कमरे में डमरू रखने से बच्चों पर किसी तरह की नेगेटिव एनर्जी प्रभाव नहीं दाल पायेगी एवं उन्हें हर कार्य में सफलता प्राप्त होगी.

चांदी या ताम्बे के नंदी जी: नंदी जी को शिव जी की सवारी माना जाता है एवं हमे कोई भी बात अगर शिव जी तक पहुंचानी हो तो नंदी जी इसके लिए उत्तम होते है. जिस तरह घर में चांदी की गाय रखने का महत्त्व है, उसी तरह चांदी के नंदी को घर की उस अलमारी या तिजोरी में रखना चाहिए, जिसमे ज्वेलरी रखी जाती हो.

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