नई दिल्ली. 2019 लोकसभा चुनाव से पहले महागठबंधन के नाम पर विपक्षी दलों को एकजुट करने की दिशा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सभी पार्टी प्रमुखों को बुधवार को इफ़्तार पार्टी का न्योता भेजा है. इससे पहले महागठबंधन की अहमियत समझाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह महज़ राजनीति नहीं है बल्कि इससे आम लोगों की भावनाएं भी जुड़ी है. उन्होंने कहा कि पूरा देश अब बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) और आरएसएस  (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के विरोध में साथ खड़ा है. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, महागठबंधन केवल राजनीति भर नहीं है बल्कि आम लोगों का मिज़ाज है. आज पूरा देश बीजेपी और आरएसएस के ख़िलाफ़ खड़ा हो रहा है. 

उन्होंने पेट्रोल की बढ़ी क़ीमतो को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, पेट्रोल की बढ़ रही क़ीमतो ने आम आदमी पर बोझ बढ़ा दिया है. हमने सरकार से बार बार मांग की है कि इन्हें भी जीएसटी के दायरे में लाया जाए, जिससे आम लोगों को इससे फ़ायादा मिल सके लेकिन सरकार इसमें दिलचस्पी नहीं ले रही है.' बुधवार को हो रही इस इफ़्तार पार्टी में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी समते कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता शामिल होंगे.

इससे पहले कहा जा रहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 13 जून को दी जाने वाली इफ्तार पार्टी में पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को आमंत्रण नहीं भेजा है. सोमवार को कांग्रस ने इसका खंडन करते हुए कहा कि मुखर्जी को आमंत्रण भेजा गया है जिसे उन्होंने स्वीकार भी कर लिया है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट के जरिए कहा, कई मीडिया हाउस ने कांग्रसे अध्यक्ष की ओर से मुखर्जी को इफ्तार पार्टी में आमंत्रित करने को लेकर सवाल उठाया है. कांग्रेस द्वारा इफ्तार पार्टी का आयोजन ऐसे समय में किया जा रहा है जब विपक्षी दल 2019 के आम चुनाव में बीजेपी के खिलाफ मोर्चेबंदी की कोशिश में हैं.

ज़ाहिर है कि पार्टी में कई दलों के नेता शिरकत कर सकते हैं जहां विपक्षी एकजुटता की जमीन तैयार हो सकती है. कांग्रेस की इफ्तार पार्टी में मुलायम सिंह यादव, शरद यादव, शरद पवार, सीताराम येचुरी, तेजस्वी यादव व अन्य के शामिल होने की संभावना है. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगू देशम पार्टी के प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू को भी आमंत्रित किया गया है. कार्यक्रम ताज पैलेस होटल में होगा.

पिछली बार कांग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 2015 में इफ्तार पार्टी दी थी. कांग्रेस की ओर से इफ्तार पार्टी का आयोजन तब किया जा रहा है, जब कुछ ही दिन पहले राष्ट्रपति भवन में इस बार इफ्तार कार्यक्रम नहीं किए जाने का फैसला लिया गया. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि करदाताओं के पैसे से सार्वजनिक भवन में कोई धार्मिक कार्यक्रम नहीं होना चाहिए.

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