भोपाल. मध्य प्रदेश में 15 साल से सत्ता का वनवास भोग रही कांग्रेस को अब वापसी का भरोसा है| प्रदेश में किसकी सरकार होगी यह 11 दिसम्बर को तय होगा. लेकिन नतीजों से पहले ही कांग्रेस को जीत की पक्की उम्मीद है, इतना ही नहीं, पार्टी में अंदरखाने 'कौन बनेगा मुख्यमंत्री' की चर्चा भी जोरो पर शुरू हो गई है. लम्बे समय से इसकी चर्चा चल रही है लेकिन चुनाव से पहले तक हाईकमान के सीएम कैंडिडेट घोषित नहीं करने पर यह चर्चा बंद हो गयी थी. अब सरकार बनने से पहले ही एक बार फिर मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासत तेज हो गई है.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमंत्री पद का मुख्य दावेदार माना जा रहा है. वहीं प्रत्याशियों द्वारा कमलनाथ को सीएम बनाने की मांग कर इस चर्चा को हवा दे दी है| कांग्रेस विधायक निशंक जैन ने कहा है कि सरकार बनने पर कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए. मतगणना से पहले सभी प्रत्याशियों को कमलनाथ ने पीसीसी बुलाया है, जहां बैठक में पहुंचे कई प्रत्याशियों ने कमलनाथ को सीएम बनाने की मांग मीडिया के सामने रखी. वहीं कमलनाथ इस सवाल को टाल गए, उन्होंने कहा कि बस कुछ दिन का और इन्तजार करें, हालाँकि खुद के सीएम बनने की संभावनाओं पर उन्होंने खुलकर कुछ नहीं कहा और न ही इंकार किया| वहीं सीएम पद के उम्मीदवारी पर दूसरा बड़ा चेहरा सिंधिया का है, जिनके लिए भी लॉबिंग शुरू हो गई| उनके समर्थक भी सिंधिया को सीएम बनाने की मांग कर रहे हैं, पिछले दिनों कोलारस से वर्तमान विधायक और कांग्रेस प्रत्याशी महेंद्र यादव ने सिंधिया के लिए सीट छोड़ने का ऐलान किया था. अब भोपाल में फिर उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया को सीएम बनाने की मांग की है, उनके साथ में हेमंत कटारे भी सिंधिया को सीएम बनाने की मांग की है.

गौरतलब है कि कांग्रेस में लम्बे समय से दिग्गज नेताओं के समर्थक अपने नेता को सीएम उम्मीदवार बनाने की मांग करते आये हैं| लेकिन कांग्रेस ने अपनी परंपरा का हवाला देते हुए चुनाव से पहले चेहरा घोषित नहीं किया| अब जब चुनाव का नतीजा आने में पांच दिन बाकी है, उससे पहले ही कांग्रेस में फिर सीएम कौन होगा इसकी चर्चा तेज हो गई है और अपने अपने नेता के लिए समर्थक आगे आ गये हैं और खुलकर अपनी सीट छोड़ने का एलान भी कर रहे हैं.

कमलनाथ और सिंधिया दोनों ही नेताओं के समर्थकों ने चर्चा छेड़ दी है| वहीं खुद को सीएम उम्मीदवार नहीं बताने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के लिए भी उनके समर्थक मांग उठा रहे हैं. चुनाव से कुछ दिनों पहले ही सीएम उम्मीदवार को लेकर सिंधिया और कमलनाथ का पोस्टर वार शुरू हो गया था| पोस्टर में ख़ास बात थी कि सिंधिया और कमलनाथ दोनों को ही राहुल का ख़ास और भरोसेमंद बताया गया था. सरकार बनने से पहले शुरू हुई सीएम की चर्चा से जहां सियासत में हलचल हे वही, भाजपा ने इस पर चुटकी लेते हुए अपनी ही जीत का दावा किया है.

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