आज के समय में सोशल मीडिया हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है. लेकिन इसे लेकर एक ऐसा शोध हुआ है, जिसे सुनकर लड़कियां हैरान हो सकती हैं. इस शोध के रिपोर्ट की मानें तो सोशल मीडिया पर अपना ज्यादा समय बितानेवाली लड़कियां डिप्रेशन का शिकार हो सकती हैं.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (यूसीएल) की यवोन्ने केली की अगुवाई में शोधकर्ताओं ने पाया कि सोशल मीडिया पर एक दिन में पांच घंटे से ज्यादा समय बितानेवाली लगभग 40 फीसदी लड़कियाें में अवसाद के लक्षण दिखे हैं. इसमें शोध दल ने 14 साल की उम्र के करीब 11,000 लोगों के साक्षात्कार शामिल किये.

अब आप यह पूछेंगे कि सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव का शिकार लड़के नहीं होते हैं क्या. तो जवाब यह है कि लड़कों में यह दर बहुत कम है. इनमें यह 15 फीसदी से कम है. रॉयल कॉलेज ऑफ सायकायट्रिस्ट्स के पूर्व अध्यक्ष साइमन वेस्ली कहती हैं कि सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव का अंतर लड़के और लड़कियों में इतना ज्यादा क्यों हैं, यह कहना मुश्किल है.

अंग्रेजी अखबार 'गार्जियन' ने वेस्ली के बयान के हवाले से कहा कि शोधकर्ता अभी निश्चित तौर पर नहीं कह सकते हैं कि सोशल मीडिया के इस्तेमाल से मानसिक स्वास्थ्य पर खराब असर पड़ता है, लेकिन साक्ष्य इसी दिशा में संकेत देना शुरू कर चुके हैं. इस शोध को 'ईक्लिनिकलमेडिसीन' पत्रिका में प्रकाशित किया गया है.

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