आस्ट्रेलियाई कंपनी ने किसानों को हाईटैक करने के लिए लांच किया साफ्टवेयर 

पलपल संवाददाता, नई दिल्ली. डिजीटल इंडिया के साथ कदम ताल करते हुए डेयरी किसानों के लिए मूफार्म नाम से एक नया साफ्टवेयर लांच किया गया है, जो किसानों का मुनाफा बढ़ाने के साथ ही अन्य गुरों को सिखाएगा. मूफार्म नाम से यह एप्लिकेशन आस्ट्रेलियाई कंपनी एगटैक ने लांच किया है, जिसका प्रयोग डेयरी किसानों की आय में बढोत्तरी के लिए बेहतरीन डिजीटल विकल्प साबित हो सकता है. एप्लिेकशन की खासियत है कि यह किसानों के डेयरी फार्मिंग कम्यूनिटी के निर्माण को प्रोत्साहित करेगा और इसी के साथ रोजगार के नए अवसरों के साथ ही महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए भी कारगर होगा.

किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार से लेकर गैर सरकारी संस्थाएं लगातार प्रयास कर रही है. इसके लिए जहां वैज्ञानिक तौर पर खेती को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता रहा है तो वहीं अब तकनीकि का प्रयोग गांवों, किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए क्रांतिकारी साबित हो रहा है. आस्टे्रलियाई कंपनी एगटैक ने डेयरी किसानों के लिख खास तौर पर मुफार्म नाम के जिस साफ्टवेयर का निर्माण किया है वह किसानों की आय में दोगुना इजाफा करेगा. इस एप को लांच करते समय विशेषज्ञों ने कृषि क्षेत्र में उपयोग फार्मर एप, वीएलई ऐप, वेब डेटा एनालिटिक्स आदि के बारे में भी बताया. 

मुफार्म एप

डेयरी उत्पादों में भारत है नंबर वन         

डेयरी उत्पादों में शीर्ष पर रहे डेनमार्क को पीछे करके भारत अब दुनियां में नंबर वन देश बन चुका है. हांलाकि देश में अब भी दूध का जितना उत्पादन होता है उतना ही उपभोग होता है. यही कारण है कि अब भी देश में डेयरी उद्योग में विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं. एगटैक कंपनी ने इस संभावना को देखते हुए ही मूफार्म नाम से जिस एप का विकास किया है उससे किसान न केवल नए तरीके सीखेंगे बल्कि अपने व्यवसाय को भी बढ़ा सकेंगे. इसके माध्यम से अकाउंट से लेकर ईकार्मर्स का प्रयोग आसान होगा तो वहीं इनपुट आपूर्तिकर्ताओं, सेवा प्रदाताओं, ऋण और बीमा कंपनियों के साथ भी आसानी से जुड़ा जा सकता है.  इसके अलावा मवेशियों के दूध, उनकी गुणवत्ता, प्रजनन, मवेशियों के स्वास्थ्य आदि पर भरोसेमंद तरीके से जानकारियां भी एप के माध्यम से लिया जा सकता है. 

कैसे काम करेगें वीएलई

यह ऐप विपेज लैवल एंटरेप्रेन्यूर और वीएलई के नेटवर्क पर आधारित है. इसके लिए कंपनी दो से तीन गांवों के लिए एक वीएलई नियुक्त करेगी जो सौ से डेढ सौ किसानों का समूह होगा. वीएलई विशेषज्ञों के साथ मिलकर किसानों को 36 बिंदुओं प्रशिक्षण और जागरुकता के लिए कार्य करेंगे. इसके लिए किसानों की सामुदायिक बैठक, घर-घर जाकर उन्हें प्रशिक्षण के लिए तैयार किया जाएगा. 

मुफार्म एप

परम सिंह के अनुसार मूफार्म को लांच करते समय मुझे खुशी है. मूफार्म डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और उनके लिए 50 फीसदी से अधिक रोजगार के लिए प्रतिबद्घ है. वास्तव में भारत में डेयरी उद्योग के संचालन में महिलाओं कि आधारभूत भूमिका है और उनको इसका लाभ मिलना चाहिए. 

गजेंद्र सिंह के अनुसार मै इसके लिए बधाई देता हूं कि इस एप के माध्यम से जमीनी स्तर पर बहुत सकारात्मक परिवर्तन आएगा. वीएलई के साथ मिलकर किसानों को इस तकनीकि के बारे में समझना चाहिए कि कैसे तकनीकि से परिवर्तन किया जा सकता है. इतने कम समय में करीब 4500 किसानों के जीवन में परिवर्तन के लिए जो पहल की गई उसके लिए बधाई देता हूं.

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