नयी दिल्ली. आगामी आम चुनाव से पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का जिन्न एक बार फिर बाहर आया है और कम से कम 21 विपक्षी दलों ने चुनाव परिणाम से पहले ईवीएम के 50 प्रतिशत मतों का मिलान वोटर्स वेरीफाइड पेपर्स ट्रेल (वीवीपैट) पर्ची से कराये जाने को लेकर उच्चतम न्यायालय में अर्जी दी है.

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की तेलुगू देशम पार्टी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, वामपंथी पार्टियां, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी सहित 21 विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं ने आज शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया.

आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने पिछले महीने एक ज्ञापन चुनाव आयोग को सौंपा था, जिसमें नवंबर-दिसंबर में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कई संदेहास्पद गतिविधियों के बारे में बताया गया था. विपक्षी दलों की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी.

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


1. RBI के खिलाफ आजादी के बाद पहली बार सरकार ने किया विशेष शक्ति का इस्तेमाल

2. CM योगी का राम मंदिर पर बड़ा बयान- धैर्य रखें, दिवाली पर खुशखबरी दूंगा

3. मध्यप्रदेश स्थापना दिवस विशेष...देखें हैं रंग हजार

4. न्यूनतम वेतन पर 'आप' की जीत, दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर SC ने लगाई रोक

5. सार्वजनिक वाहनों में अब जरूरी होगा लोकेशन ट्रेकिंग एवं आपात बटन

6. 50 पैसे का ये दुर्लभ सिक्का आपको दिला सकता है 51 हजार 500 रुपए, जानें कैसे

7. ईज ऑफ डुइंग बिजनेस: भारत 23 पायदान की छलांग लगा 100 से पहुंचा 77 वें स्थान पर

8. दिवाली पर घर जाने के लिए ऐसे कराएं कन्फर्म तत्काल टिकट

9. MeToo:HC ने खारिज की छानबीन के लिए निर्देश की मांग वाली याचिका

10. भारत में आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करने एक दशक में 10 करोड़ नए रोजगार की जरूरत

11. मंगलनाथ की भात पूजा सहित इन उपायों से कर्ज संकट कम होता

************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।