गांधीनगर. अरब सागर में उठे चक्रवाती तूफान वायु के 13 जून की सुबह गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के वेरावल तट के निकट जमीन से टकराने (लैंडफॉल) की संभावना है. इसके मद्देजनर व्यापक एहतियाती उपाय किये गये हैं. तटवर्ती नौ जिलों के स्कूलों में अवकाश की घोषणा कर दी गयी है. मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने केवल इसी विषय पर कल कैबिनेट की बैठक आहूत की है. सभी प्रभारी मंत्रियों को उनके जिलों में रहने की ताकीद की गयी है. इसके अलावा सभी सरकारी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गयी हैं. उधर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी तूफान को लेकर नयी दिल्ली में एक बैठक की और आवश्यक दिशा निर्देश दिये.

हजारों की संख्या में मछुआरों की नौकाएं वापस लौट आयी हैं जबकि घोघा और दहेज के बीच खंभात की खाड़ी में चलने वाली रो रो फेरी सेवा को आज से तीन दिन के लिए बंद कर दिया गया है. मुख्य सचिव जे एन सिंह ने आज पत्रकारों को यह जानकारी देते हुए बताया कि मौसम विभाग से मिली नवीनतम सूचना के अनुसार तूफान वायु 13 जून को सुबह छह से सात बजे के बीच वेरावल और महुवा के बीच अथवा अधिक संभावना के तहत वेरावल के निकट जमीन से टकरायेगा. अब तक की सूचना के अनुसार यह इतना तीव्र नहीं होगा कि लोगों का स्थानांतरण करना पड़े. वैसे अगर इसकी तीव्रता बढ़ी तो इस बारे में निर्णय लिया जायेगा.

उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार है. एनडीआरएफ की टीमें, सेना, नौसेना और तटरक्षक दलों के साथ समन्वय कर काम करेंगी. एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि हाल में बंगाल की खाड़ी में आये तूफान फानी से निपटने के ओडिशा सरकार के सराहनीय प्रयास के मद्देनजर वह वहां के मुख्य सचिव से भी बात करेंगे और देखेंगे कि जरूरत पड़ने पर उनके अनुभव का लाभ वायु के मामले में कैसे लिया जा सके. ज्ञातव्य है कि मौसम विभाग ने वायु के मद्देनजर गुजरात के तटीय सौराष्ट्र क्षेत्र में कल से लेकर 14 जून तक भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है.

यह आज सुबह साढ़े पांच बजे तक वेरावल तट से 690 किमी दक्षिण में स्थित था. जमीन से टकराते समय इसकी गति 110 से लेकर 135 किमी प्रति घंटा रह सकती है. अहमदाबाद में मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जयंत सरकार ने बताया कि इस तूफान के अति तीव तूफान के तौर पर गुजरात तट से टकराने की संभावना है. इसके चलते राज्य में मानसून का आगमन और विलंबित हो सकता है.

गुजरात में मानसून के आने का सामान्य समय जून का तीसरा सप्ताह है. गौरतलब है कि इससे पहले दो बार ऐसे तूफानों की चेतावनी अंत में फुस्स साबित हुई थी. वर्ष 2014 के अक्टूबर में नीलोफर तूफान और 2017 दिसंबर में ओखी तूफान गुजरात तट से टकराते समय महज निम्न दबाव के मामूली क्षेत्र में तब्दील हो गये थे. इनसे कोई नुकसान नहीं हुआ था जबकि इससे पहले इनसे निपटने के लिए व्यापक तैयारी की गयी थी और सेना के तीनो अंगों को भी तैयार रखा गया था.

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