नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी के कनॉट प्लेस इलाके ने 2019 जनवरी-मार्च अवधि के लिए अपने 9वें सबसे महंगे जगह के टैग को बरकरार रखा है. इसकी औसत ऑक्यूपेंसी कीमत 143.97 डॉलर (9,800 रुपये) प्रति वर्ग फीट है. सीबीआरई की एक रिपोर्ट में बुधवार को यह जानकारी दी गई.

इस सूची के शीर्ष पर हॉन्गकॉन्ग (सेंट्रल) लगातार दूसरे साल बना हुआ है. यह औसत कीमत 322 डॉलर प्रति वर्ग फीट है. इसके बाद लंदन (वेस्ट इंड) है, जहां औसत ऑक्यूपेंसी दर 222.7 डॉलर प्रति वर्ग फीट है. हॉन्गकॉन्ग का कोलून क्षेत्र तीसरे स्थान पर है, यहां औसत कीमत 208.67 डॉलर प्रति वर्ग फीट है. सूची के चौथे व पांचवें स्थान पर क्रमश: न्यूयॉर्क का मिडटाउन मैनहट्टन क्षेत्र (196.89 डॉलर) व बीजिंग का फाइनेंस स्ट्रीट (187.77 डॉलर) है.

रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई का बांद्रा कुर्ला कांप्लेक्स (बीकेसी) व नरीमन प्वाइंट-सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (सीबीडी) को क्रमश: 27वां व 40वां स्थान मिला है. इस स्थिति के अनुसार, बीकेसी का मौजूदा वार्षिक प्राइम रेंट का मूल्य 90.67 डॉलर (6,213.39 रुपये) प्रति वर्ग फीट व नरीमन प्वाइंट -सीबीडी की कीमत 68.38 डॉलर (4685.91) प्रति वर्ग फीट है.

रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए सीबीआरई के चेयरमैन (भारत एवं दक्षिण पूर्व एशिया) अंशुमान मैगजीन ने कहा कि भारतीय बाजारों में विभिन्न शहरों के सीबीडी (सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट) में अधिक निवेश की जगह बनी हुई है और इन शहरों में अपने कार्यालय स्थापित करने के लिए वैश्विक कॉरपोरेट का इन जगहों पर निवेश जारी है.

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