पलपल संवाददाता, जबलपुर. पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर सहित सभी प्रमुख स्टेशनों पर सिंगल यूज प्लास्टिक को बैन कर दिया गया है, यहां पर अब प्लास्टिक के कप की बजाय कागज के कप या कुल्हड़ में चाय मिलेगी. इस मामले का उल्लंघन करने पर अभी तक कार्रवाई का अधिकार वाणिज्य विभाग को था, लेकिन अब यह अधिकार आरपीएफ को भी दिया गया है, ताकि पर्यावरण को बचाने के लिए  प्लास्टिक के उपयोग पर सम्पूर्ण रोक लगाई जा सके. यह बात पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक अजय विजयवर्गीय ने जबलपुर रेलवे स्टेशन पर स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत श्रमदान अभियान की शुरुआत के पश्चात पत्रकारों से चर्चा में कही.

इस मौके पर पमरे के एजीएम अंशुल गुप्ता, मंडल रेल प्रबंधक डा. मनोज कुमार सिंह, मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्रीमती प्रियंका दीक्षित सहित सभी विभाग प्रमुख मौजूद रहे.

श्री विजयवर्गीय ने इस दौरान कहा कि पश्चिम मध्य रेलवे देश का ऐसा पहला जोन बन चुका है, जो स्वच्छता अभियान के तहत सभी कोचों में बायो टायलेेट लगा दिया है, जिससे ट्रेक पर गंदगी नहीं होती है, जिसका असर पर्यावरण, रेल पांतों व यात्रियों की सेहत पर अनुकूल हो रहा है. उन्होंने कहा कि जबलपुर सहित भोपाल व कोटा मंडलों के सभी स्टेशनों पर सिंगल यूज प्लास्टिक को पूरी तरह बैन कर दिया गया है, इसके स्थान पर कागज के कप या मिट्टी से बने कुल्हड़ का उपयोग किया जा सकेगा.

पहले तो इसके लिए लोगों को जागरुक किया जा रहा है, नहीं मानने वालों पर जुर्माना भी किया जा सकेगा, जिसके अधिकार आरपीएफ को दे दिये गये हैं. उन्होंने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर आगामी 2 अक्टूबर तक पमरे में आयोजित किये जाने वाले स्वच्छता अभियान की जानकारी भी दी.

यार्ड रिमाडलिंग से स्थिति सुधरी

एक सवाल के जवाब में जीएम श्री विजयवर्गीय ने कहा कि जबलपुर स्टेशन व यार्ड की रिमाडलिंग होने के बाद आपरेशनल व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है, पहले आउटर पर काफी देर तक ट्रेनों को खड़ा करना पड़ता था, जिसमें काफी कमी आयी है. जो कुछ कमी है, उसे भी दुर किया जा रहा है.

कटनी-सतना के बीच दिसम्बर तक पूरा हो जायेगा विद्युतीकरण

श्री विजयवर्गीय ने कहा कि जबलपुर मंडल के अंतर्गत चल रहे विद्युतीकरण का जो कार्य कटनी-सतना के बीच शेष है, वह काम काफी तेजी से किया जा रहा है और दिसम्बर 2019 तक पूरा करने का टारगेट दिया गया है. वहीं दक्षिण-पश्चिम-मध्य रेलवे बिलासपुर जोन के अंतर्गत जबलपुर-गोंदिया ब्राडगेज परियोजना का थोड़ा सा काम नैनपुर-बालाघाट के बीच तथा मंडला-नैनपुर के बीच शेष है, उसे मार्च 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है.

स्पीड बढ़ाने की योजना पर चल रहा काम

पमरे के महाप्रबंधक अजय विजयवर्गीय ने कहा कि पश्चिम मध्य रेलवे में ट्रेक की स्पीड को बढ़ाने का काम चल रहा है. इटारसी-भोपाल-बीना होकर दिल्ली जाने वाला रूट 140 किमी का है, जबकि मुंबई-दिल्ली व्हाया रतलाम-कोटा रेलमार्ग भी लगभग 130 की स्पीड का है, इस रेलमार्ग को 160 से 200 किमी प्रतिघंटा करने की मंजूरी केबिनेट ने दी है और उस पर भी काम शुरू किया जा रहा है.

वहीं जबलपुर मंडल की बात करें तो यहां पर इटारसी-इलाहाबाद रूट 110 किमी का है, जबकि कटनी-बीना रूट में कुछ  खंड में 105 से 110 की स्पीड है. भविष्य में यह सभी रेलमार्ग 130 किमी के हो जाएंगे, क्योंकि सभी ट्रेनों में एलएचबी कोच लगना शुरू हो गये हैं, यह कोच 130 से ज्यादा स्पीड के लिए फिट हैं. 

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