रांची. दुमका कोषागार से फर्जीवाड़ा करके पैसे की निकासी के मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को झारखंड हाइकोर्ट से शुक्रवार को जमानत नहीं मिली. कोर्ट ने सीबीआइ से सबूत पेश करने के लिए कहा, लेकिन जांच एजेंसी इसके लिए पूरी तरह से तैयार नहीं थी. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस याचिका पर अब 22 नवंबर को सुनवाई करेगी.

चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता लालू प्रसाद यादव को सीबीआइ की विशेष अदालत ने सजा सुनायी थी. बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बीमार पड़ने के बाद लालू प्रसाद को राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) में भर्ती कराया गया. कई बीमारियों से पीड़ित लालू को रिम्स में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है.

चाईबासा और देवघर कोषागार से फर्जीवाड़ा करके पैसे निकालने के मामले में भी उन्हें सजा हुई है. हालांकि, इन दोनों मामलों में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो को जमानत मिल चुकी है. इसलिए उनके समर्थकों और परिजनों को उम्मीद है कि इस मामले में भी उन्हें जमानत मिल जायेगी. लालू की याचिका पर गुरुवार को ही सुनवाई होनी थी, लेकिन कोर्ट में केस मेंशन नहीं होने की वजह से ऐसा नहीं हो पाया.

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद की ओर से दिवाली से पहले ही हाइकोर्ट में जमानत की अर्जी लगायी गयी थी. छुट्टियों की वजह से उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं हो पायी. गुरुवार को केस मेंशन नहीं हो पाया. उम्मीद है कि शुक्रवार को उनकी जमानत याचिका पर सुनावाई होगी और लालू प्रसाद अपने छोटे बेटे तेजस्वी यादव के जन्मदिन के जश्न में शरीक हो पायेंगे.

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