नई दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के पूरे परिवार से एसपीजी की सुरक्षा हटाए जाने को लेकर बवाल मच गया है. इसपर कांग्रेस की ओर से जोरदार प्रतिक्रिया आई है. एक तरफ जहां कांग्रेस ने प्रेस कांफ्रेस विरोध जताया, वहीं पार्टी के छात्र संगठन एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने गृह मंत्री अमित शाह के आवास के बाहर प्रदर्शन किया. उन्होंने एसपीजी सुरक्षा बहाल करने की मांग की.

बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से अब गांधी परिवार को पूरे भारत में सीआरपीएफ की 'जेड प्लस' सुरक्षा दी जाएगी. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के परिवार को दी गयी एसपीजी सुरक्षा वापस लेने का फैसला एक विस्तृत सुरक्षा आकलन के बाद लिया गया. लिट्टे के आतंकवादियों ने 21 मई 1991 को राजीव गांधी की हत्या कर दी थी. गांधी परिवार 28 साल बाद बिना एसजीपी सुरक्षा के रहेगा. उन्हें सितंबर 1991 में 1988 के एसजीपी कानून के संशोधन के बाद वीवीआईपी सुरक्षा सूची में शामिल किया गया था. गौरतलब है कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इकलौते शख्स होंगे जिन्हें एसपीजी सुरक्षा मिलती रहेगी. 

नियमों के तहत एसपीजी सुरक्षा प्राप्त लोगों को सुरक्षाकर्मी, उच्च तकनीक से लैस वाहन, जैमर और उनके कारों के काफिले में एक एम्बुलेंस मिलती है. सरकार ने इस साल अगस्त में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की एसपीजी सुरक्षा हटायी थी. संसद द्वारा 1988 में लागू एसपीजी कानून को शुरुआत में केवल देश के प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्रियों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए बनाया गया था.

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