पलपल संवाददाता, जबलपुर. होमगार्ड के रिटायर सिपाही से सतना जिले के सिंहपुर थाना का प्रधान आरक्षक किसी मामले में एफआईआर से नाम हटाने के लिए 4 हजार रुपए की रिश्वत की डिमांड कर रहा था. जिसकी शिकायत लोकायुक्त रीवा में की गई, जहां से आज शुक्रवार 8 नवम्बर को एक टीम पहुंची और थाना के अंदर ही प्रधान आरक्षक को रिश्वत लेते रंगे हाथों धरदबोचा. 

मध्यप्रदेश के सतना जिला अंतर्गत रीवा लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. बताया गया कि सिंहपुर थाने में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक पीडि़त जवान से एफआईआर में दर्ज बेटे का नाम हटाने के एवज में रकम मांगी थी. घूस न देने पर पकड़ दर्ज करने वाला था. थक-हारकर पीडि़त जवान ने लोकायुक्त कार्यालय रीवा में पहुंचकर प्रधान आरक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. रीवा लोकायुक्त एसपी ने मामले की जांच कराई तो शिकायत सही पाई गई. फिर ट्रैपिंग का दिन नियत किया गया. शुक्रवार की सुबह थाना परिसर में जैसे ही आरोपी प्रधान आरक्षक ने रिश्वत के 4 हजार रुपए लिए वैसे ही लोकायुक्त ने रंगे हाथ दबोच लिया. लोकायुक्त टीम ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है.

यह है पूरा मामला

लोकायुक्त सूत्रों की मानें तो सिंहपुर थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक महेंद्र वर्मा के खिलाफ लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत आई थी. पीडि़त होमगार्ड का सेवानिवृत्त जवान संतोष खरे है. जिसने एसपी को बताया था कि एक्सीडेंट के एक मामले में बेटे को फंसाने के लिए एफआईआर दर्ज हुई थी. विवेचना के समय नाम हटाने के एवज में प्रधान आरक्षक 4 हजार रुपए की घूस मांग रहा था. रुपए नहीं देने पर बेकसूर बेटे के उपर एफआईआर दर्ज कर रहा था. इसलिए पीडि़त लोकायुक्त की शरण में पहुंचा था. जहां शिकायत की वस्तुस्थिति पता की गई तो सच पाई गई. लोकायुक्त एसपी ने फिर आरोपी को पकडऩे के लिए जाल बिछाया. जैसे ही शुक्रवार की सुबह सिंहपुर थाना परिसर में रिश्वत के 4 हजार रुपए लिए वैसे ही प्रधान आरक्षक को पकड़ लिया.

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