पलपल संवाददाता, कोटा. केन्द्र सरकार की मजदूर नीतियों के खिलाफ राजस्थान के सभी श्रमिक संगठन एक मंच पर आये जिसमें इंटक, एटक, एच.एम.एस., सीटू, राज. सीटू .केन्द्र, आरएमआरएसयू, बीमा, बैंक के सभी श्रमिकों एवं संगठित व असंगठित क्षेत्र की यूनियनें एवं अन्य शाामिल थे, जिन्होंनेे कोटा में एक विशाल रैली निकालकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ गरजते हुए जोरदार प्रदर्शन किया. केन्द्रीय श्रम संगठनों का संयुक्त मोर्चा के संयोजक मुकेशगालव ने बताया कि गुरुवार 7 नवम्बर को श्रम संगठनों द्वारा सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ विशाल रैली निकालकर जबर्दस्त प्रदर्शन किया, जिसमें संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के मजदूर जो कि इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, आरएमआरएसयू, राज.सीटू, बैंक एवं बीमा से संबंधित सभी मजदूर पंचायत समिति लाड़पुरा से जुलूस के रूप में जिला कलेक्टर कार्यालय तक विशाल रैली निकाली गई.

जिला कलेक्टर कार्यालय पर आमसभा आयोजित की गई जिसमें केन्द्र व राज्य सरकार की निम्नलिखित मांगों का ज्ञापन प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर कोटा को सौंपा गया.

यह है प्रमुख मांगें

1. मूल्य वृद्धि को सार्वभौमिक वितरण प्रणाली एवं व्यवसायिक बाजा में काल्पनिक सौदों पर रोक के माध्यम से नियत्रंण करने की कार्यवाही की जाये.

2. रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं एवं दिनों दिन बढ़ती बेरोजगारी को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं.

3. सभी कर्मचारियों को कवर करती हुई सार्वभौम सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो. नई पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए.

4. रेलवे, डाक, बीमा, बैंक, रक्षा आदि क्षेत्र मे विदेशी पूंजीनिवेश एवं निजीकरण पर रोक लगाई जाएं.

5. श्रम कानूनों में परिवर्तनों को वापस लिया जाए एवं अन्य श्रम कानूनों मे बदलाव की प्रक्रिया रोकी जाए.

6. श्रम कानूनों को बिना छूट के कडाई से लागू किया जाए एवं इनके उल्लंघन की दशा मे कठोर सजा का प्रावधान हो.

7. देश में किसी भी श्रमिक का न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपए प्रतिमाह से कम न हो.

8. केंद्रीय एवं राज्य सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम का विनिवेशिकरण एवं विक्रय रोका जाए.

9. रोजमर्रा के कार्य को ठेके पर देना बंद किया जाए एवं ठेका श्रमिक को नियमित श्रमिक के समान कार्य पर समान वेतन एवं अन्य लाभ दिये जाए.

10. बोनस व पीएफ के भुगतान एवं पात्रता सीमा को हटाया जाए, ग्रेच्युटी की मात्रा एवं सीमा बढ़ाई जाए.

11. ट्रेड यूनियन का रजिस्ट्रेशन आवेदन प्रस्तुत करने के 45 दिन में किया जाना अनिवार्य हो. आईएलओ कन्वेन्शन 87 व 98 को भारत सरकार संस्तुति प्रदान करें.

12. सातवें वेतन आयोग मे न्यूनतम वेतन, फिटमेंट फेक्टर व अन्य भत्तों संबन्धित मांग का शीघ्र निपटारा हो तथा सभी क्षेत्रों में इसके अनुसार वेतन एवं भत्तों का निर्धारण किया जाए.

यह थे मौजूद

इस आमसभा को केन्द्रिय श्रम संगठनों का संयुक्त मोर्चा संयोजक मुकेश गालव, इंटक के रामलाल गूर्जर, सीटू के उमाशंकर एवं वरि. नेता रविन्द्र सिंह, राजस्थान मेडीकल सेल्स रिप्रेजेंटेटिव यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राकेश गालव, वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे एम्पलाईज यूनियन के कोषाध्यक्ष इरशाद खान, आंगनबाड़ी यूनियन की शााहिदा खान, सहित आजाद हिन्द बिल्डिंग वर्कर्स यूनियन, थर्मल ठेकेदार वर्कर्स यूनियन के सैंकड़ों श्रमिक उपस्थित थे.

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