प्रकृति के नियमानुसार समय-समय पर मौसम में बदलाव होते रहते हैं. लेकिन इस बदलाव का इंसान के शरीर पर बहुत प्रभाव पड़ता है और बीमारी के चपेट में आ जाता है. बदलते मौसम में फ्लू यानी वायरल बुखार जैसी समस्याएं तेजी से फैलती हैं. जैसे की आजकल के मौसम में जुकाम और खांसी जैसी समस्या होना आम बात होती है.

अधिकांश लोग घरेलू इलाज से ही काम चला लेते हैं. वैसे तो सर्दी-जुकाम जल्दी ही ठीक हो जाता है लेकिन कभी-कभी ये लंबा भी खिंच सकता है. कई बार तो ऐसा भी होता कि इस फ्लू से इंसान गंभीर बीमारी के चपेट में आ जाता है. कार्डियोमायोपैथी एक ऐसी गंभीर बीमारी है जो फ्लू के वजह से होती है.

कार्डियोमायोपैथी के चपेट में आए इंसान के दिल की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिस वजह से शरीर में ब्लड पंप होने में दिक्कत होती है. इस बीमारी में मांसपेशियां फैलती और सिकुड़ती हैं. विदेशी डॉक्टरों ने इसे लेकर एक चेतावनी भी जारी की है. उनका कहना है कि ठंड के दिनों में होने वाला फ्लू कार्डियोमायोपैथी की समस्या उत्पन्न कर सकती है. इसलिए इस बीमारी से सतर्क रहने की जरूरत है.

सर्दियों के दिनों में होने वाले फ्लू से अधिकांश लोगों को सीने में दर्द और सांस में तकलीफ की शिकायत रहती है. हालांकि एक रिपोर्ट के मुताबिक 59 फीसदी लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते और डॉक्टर के पास जाने से बचते हैं.

अगर एक निश्चित समय के बाद आपकी फ्लू की समस्या में कोई सुधार नहीं आता है तो आपको डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए. लंबे समय तक इस स्थिति में रहने से आप भी दिल संबंधी गंभीर समस्याों के चपेट में आ सकते हैं.

इन दिनों के मौसम में सर्दी-जुकाम जैसी समस्या होना आम बात होता है. लेकिन इस समस्या के वजह से आपको दिल से जुड़ी कोई परेशानी महसूस हो तो आपको डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. इन लक्षणों के प्रति लोगों को जागरुक होने की जरूरत है.

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