1. मान-सम्मान की प्राप्ति हेतु -

यदि संपूर्ण प्रयासों के बावजूद भी मान-सम्मान नहीं मिल रहा है, समाज में आप अपनी बात नहीं कह पा रहे हैं. करना जाते हैं अच्छा और बुरा हो जाता है. लोगों ने आपसे कहा है कि निजकृत कर्मों की वजह से आपका शनि अनुकूल नहीं है तो मंगलवार के दिन यह पूजा प्रारंभ करें और लगातार 40 दिन करें. हर रोज नित्यकर्म से निवृत्त हो स्नानोपरांत गीले कपड़ों में 9, 11 या 21 श्वेतार्क के पुष्प हनुमान जी के श्रीचरणों में अर्पित करें. अवश्य लाभ मिलेगा. हर रोज ऊँ हं पवननदनाय स्वाहा मंत्र की 5 माला का जाप करें.

2. चल-अचल संपत्ति हेतु-

लाख कोशिशें के बावजूद भी आप भूमि-भवन और वाहन की प्राप्ति नहीं कर पा रहे हैं. आपके पास धन है उसके बाद बावजूद भी आप संपत्ति नहीं खरीद पा रहे हो और किसी ने आपसे कहा है कि जन्मकुंडली में निजकृत कर्मों की वजह से शनि अुनकूल फल प्रदान नहीं कर रहा है तो हनुमान जी की यह पूजा आपको लाभ देगी. किसी भी मंगलवार को यह पूजा प्रारंभ करें और लगातार 21 दिन तक करें. हर रोज नित्यकर्म से निवृत्त हो स्नानोपरांत भगवान सूर्य को जल देने के बाद लाल कपड़े में श्रद्घानुसार मसूर की दाल बांधकर सुहागिन कर्मचारी महिला को दान में दे. हर रोज 9 माला ऊँ राम भक्ताय नम: इस मंत्र का जाप करें.

3. पारिवारिक सुख हेतु-

संपूर्ण मेहनत और परिश्रम के बावजूद भी पारिवारिक सदस्य एक साथ नहीं रह पा रहे हो, घर में हमेशा कलाह रहता हो, बाहर सब कुछ ठीक है और घर में प्रवेश करते ही आपस में टकराव हो जाता है और लोगों ने आपको भयभीत किया है कि जन्मकुंडली में निजकृत कर्मों की वजह से शनि अुनकूल फल प्रदान नहीं कर रहा है तो हनुमान जी की यह पूजा आपको लाभ देगी. किसी भी मंगलवार के दिन यह पूजा प्रारंभ करें. लगातार 43 दिन तक करें. हर रोज नित्यकर्म से निवृत्त हो स्नान करने वाले जल में हल्दी की गांठ डालकर स्नान करें. ततपश्चात गीले वस्त्रों में भगवान सूर्य को जल चढ़ाएं. ऊँ कपिराजाय नम: मंत्र का 108 बार जाप करें.

4. वाहन प्राप्ति हेतु-

संपूर्ण आर्थिक संपन्नता के बावजूद भी वाहन प्राप्ति में तकलीफ आ रही हो, लोगों ने आपको डराया हो कि जन्मकुंडली में निजकृत कर्मों की वजह से शनि अुनकूल फल प्रदान नहीं कर रहा है तो हनुमान जी की यह पूजा आपके लिए रामबाण रहेगी. किसी भी मंगलवार के दिन यह पूजा प्रारंभ करें. लगातार 40 दिन करें. हर रोज नित्यकर्म से निवृत्त हो स्नानोपरांत 400 ग्राम साबूत मसूर गंगाजल से धोकर अपने ऊपर से 7 बार उसारकर बहते पानी में प्रवाह करें. साथ ही हनुमान जी के ऊँ नमो भगवते आन्ञ्जनेयाय महाबलाय स्वाहा. मंत्र 3 माला हर रोज करें.

5. संतान सुख हेतु -

प्रयासों के बावजूद भी प्रयासों भी संतान आपके हाथ से निकल रही हो, आपकी बात नहीं मानती हो, संतान को सफलता नहीं मिल रही हो, संतान की शादी नहीं हो रही हो, संतान गलत राह पर चल रही हो तो हनुमान जी का यह उपाय आपके लिए राम बाण रहेगा. यह उपाय आप मंगलवार को प्रारंभ करें. लगातार 40 दिन करें. हर रोज नित्यकर्म से निवृत्त हो स्नानोपरांत हनुमान जी की मूर्ति जो आशीर्वाद देते हुए नजर आती हो उसे 108 गुलाब के पुष्पों की माला अर्पित करें. वहीं बैठकर ऊँ वायु पुत्राय नम: मंत्र का जाप करें. 

6. कोर्ट-कचहरी के मसलें निवारण हेतु-

ईमानदारी, मेहनत, परिश्रम और सच्चाई से काम करने के बावजूद भी कोई न कोई अड़चनें आपको परेशान करती हो और किसी ने आपसे कहा है कि जन्मकुंडली में निजकृत कर्मों की वजह से शनि अुनकूल फल प्रदान नहीं कर रहा है तो हनुमान जी की यह आराधना कष्ट मिटायेगी. मंगलवार के दिन सूर्योदय से पूर्व नित्यकर्म से निवृत्त हो स्नानोपरांत हनुमान जी के श्रीचरणों में ऊँ अग्निगर्भाय नम: मंत्र का जाप करते हुए 108 चुटकी सिंदूर अर्पित करें. अवश्य लाभ मिलेगा. ऐसा नियमित 40 दिन करें. मंगलवार के दिन कन्याओं को श्रद्घानुसार चावल देना भी शुभ रहेगा.

7.दांपत्य सुख हेतु-

वैवाहिक रिश्तों में बिना मतलब कड़वाहट रहती हो, बात-बात पर पति-पत्नी में झगड़ा हो जाता हो, और किसी ने आपसे कहा है कि आप दोनों की जन्मकुंडली में निजकृत कर्मों की वजह से शनि अुनकूल फल प्रदान नहीं कर रहा है तो हनुमान जी की यह पूजा आपको अवश्य लाभ देगी. हर मंगलवार के दिन श्रद्घापूर्वक पंचोपचार पूजन करने के उपरांत मिट्टी के पात्र में शहद भरकर हनुमान जी के मंदिर में अर्पित करें. वहीं बैठकर शुद्घ लाल आसन पर ऊँ श्री हनुमते नम: मंत्र का 108 बार जाप करें. ऐसा 21 मंगलवार करें. अवश्य लाभ मिलेगा.

8. दुर्घटना निवारण हेतु-

यदि आपके साथ में बिना कारण ही दुर्घटना घट जाती है, बार-बार आपकी गाड़ी का एक्सीडेंट होता हो, अनावश्यक भय बना रहता हो, और किसी ने आपसे कहा है कि आपकी जन्मकुंडली में निजकृत कर्मों की वजह से शनि अुनकूल फल प्रदान नहीं कर रहा है तो हनुमान जी की यह प्रयोग आपको अवश्य लाभ देगा. मंगलवार के दिन यह पूजा प्रारंभ करें. हर रोज नित्यकर्म से निवृत्त हो स्नानोपरांत हनुमान जी का ध्यान करते हुए अपने पूजा स्थान में चमेली के तेल का दीपक जलाएं. श्रद्घापूर्वक ऊँ हं हनमते रुद्रआत्मकाय हुं फट्. मंत्र का जाप करें. ततपश्चात 108 चमेली के पुष्प हनुमान जी के श्रीचरणों में अर्पित करें. ऐसा 11 मंगलवार करें.

9. शत्रु कष्ट निवारण हेतु-

बिना वजह दुश्मनों का डर सताता हो, हमेशा मन भयभीत रहता हो, और लोगों ने आपको भयभीत किया हो कि कि आपकी जन्मकुंडली में निजकृत कर्मों की वजह से शनि अुनकूल फल प्रदान नहीं कर रहा है तो हनुमान जी की यह पूजा करने से दुश्मन आपका बुरा नहीं कर पाएगा. किसी भी मंगलवार के दिन यह पूजा प्रारंभ करें. प्रात:काल सूर्योदय से पूर्व उठकर नित्यकर्म से निवृत्त हो स्नानोपरांत माता-पिता के चरण स्पर्श करें. पारद हनुमत प्रतिमा के सामने लाल हकीक की माला पर हर रोज ऊँ नमो हनुमते रुदावताराय सर्व शत्रु संहाराणाय सर्व रोग हराय, सर्व वशीकरणाय राम दूताय स्वाहा मंत्र का जाप करने से अवश्य लाभ मिलेगा.

10. कार्य बाधा निवारण हेतु-

चलते काम में अचानक बाधा आती हो, चलता-चलता काम अचानक रुक जाता हो, व्यवसाय में बिना वजह परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हो और लोगों ने आपसे कहा है कि आपकी जन्मकुंडली में निजकृत कर्मों की वजह से शनि अुनकूल फल प्रदान नहीं कर रहा है तो हनुमान जी की इस पूजा से संपूर्ण कष्टों का निवारण होता है. मंगलवार के दिन पूजा प्रारंभ करें. लगातार 40 दिन करें. हर रोज नित्यक्रम से निवृत्त हो स्नानोपरांत दक्षिणावर्ती हनुमान जी की मूर्ति के सामने तेल का दीपक जलाएं. ततपश्चात गुड़ के चूरमे का भोग लगाएं. ऊँ नम: हरीमरकटमरकटाय स्वाहा इस मंत्र का 3 माला जाप करें. संपूर्ण कष्टों से छुटकारा मिलेगा.

11. कर्जें से मुक्ति हेतु-

लाख प्रयासों के बावजूद भी कर्जें से मुक्ति नहीं मिल पा रही हो और किसी ने आपसे कहा है कि आपकी जन्मकुंडली में निजकृत कर्मों की वजह से शनि अुनकूल फल नहीं है, शनिदेव की वजह से कष्ट आ रहे हैं तो हनुमान जी की इस पूजा का करने से संपूर्ण कष्टों से छुटकारा मिलेगा. किसी भी मंगलवार के दिन लाल चंदन की हनुमान जी की प्रतिमा बनाकर, गंगाजल से पवित्र कर श्रद्घापूर्वक अपने पूजा स्थान में लाल वस्त्र पर स्थापित करें. हर रोज देसी घी का दीपक जलाकर 21 दिन तक 11 माला ऊँ नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा. मंत्र का जाप करें. जाप के उपरांत 9 वर्ष से कम उम्र की कन्याओं को लाल वस्त्र का दान दें. संपूर्ण कष्टों से छुटकारा मिलेगा.

12. कारोबार में लाभ हेतु-

संपूर्ण प्रयासों के बावजूद भी कारोबार में लाभ नहीं मिल रहा हो, सारे प्रयास विफल हो रहे हो तो मंगलवार के दिन हनुमान जी की यह आराधना प्रारंभ करें. और लगातार 40 दिन करें. हर रोज नित्यकर्म से निवृत्त हो स्नानोपरांत सूर्योदय से पूर्व हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें. ततपश्चात शुद्घ चंदन का धूप जलाकर, घी का दीपक प्रज्जवलित कर एक पाठ सुंदरकांड का करें. पूजा के उपरांत मीठा भोजन गरीब व जरूरतमंद कन्याओं को कराएं.

13. रोग मुक्ति हेतु-

यदि प्रयासों के बावजूद भी रोगों से पीछा नहीं छुट रहा हो, डॉक्टर को बीमारी समझ में नहीं आ रही हो, द वा काम नहीं कर रही हो और किसी ने आपसे कहा है कि आपकी जन्मकुंडली में निजकृत कर्मों की वजह से शनि अुनकूल फल प्रदान नहीं कर रहा है तो हनुमान जी की यह पूजा आपको अवश्य लाभ देगी. हर रोज नित्यकर्म से निवृत्त हो स्नानोपरांत मंगलवार के दिन हनुमान जी का ध्यान करते हुए पंचोपचार का पूजन करें. लाल कपड़े 700 ग्राम रेवडिय़ां बांधकर पोटली बनाकर अपने पूजा स्थान में रख दें. घी का दीपक जलाकर संकटमोचन हनुमानष्टक के 11 पाठ करें. ततपश्चात यह पोटली अपने ऊपर से 7 बार उसार करके बहते पानी या सरोवर में प्रवाहित कर दें. पूजा के उपरांत गरीब बच्चों को मीठे परांठे खिलाना भी लाभयदायक रहेगा.

- ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार

साभार: श्री मां कामख्या डॉट कॉम

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