प्रदीप द्विवेदी. दक्षिण राजस्थान के लोकप्रिय डाॅ. युधिष्ठिर त्रिवेदी की दूसरी पुस्तक- विचार प्रवाह आई है. वे यह पुस्तक अपने प्रिय संपादक- सुरेश गोयल को भेंट करने उदयपुर पहुंचे, जहां से उन्होंने कुछ ऐसे विचार साझा किए....

रविवार का दिन मेरे लिए महत्वपूर्ण रहा प्रमुख राष्ट्रवादी तथा सनातन भारतीय संस्कृति के पोषक सुरेश गोयल, संपादक प्रातःकाल से चर्चा करने का अवसर मिला. भारत की अस्मिता पर प्रहार करने वाले सूडो सेकुलर, वामपंथियों और बॉलीवुड के नचयो का अपने कॉलम ट्विटर पर मुंहतोड़ जवाब देने वाले 82 वर्षीय गोयल अभी जवानों से भी ज्यादा सक्रिय हैं. प्रातः 8 बजे फोन करने पर बताया गया कि पिछोला पर घूम रहे हैं, साढ़े दस बजे तैयार होकर घर से अग्रवाल धर्मशाला जाते हैं, वहां से बारह बजे प्रातःकाल के हिरणमगरी कार्यालय तथा शाम को चार बजे के बाद सूरजपोल मिलते हैं.

आपने मुझसे अपनी कई पुराने अनुभव साझा किए तथा मेरी प्रकाशित पुस्तक- विचार प्रवाह पर सुझाव भी दिए.

सुरेश गोयल हिंदू समाज की दुर्दशा तथा समाज में जागरूकता के अभाव पर अत्यंत आक्रोशित थे. उनका कॉलम ट्विटर इतना लोकप्रिय है कि बहुत से लोग इसीलिए प्रातःकाल खरीदते हैं तथा पूरी दुनिया में बहुत से लोग इसे इंटरनेट पर देखते हैं और व्हाट्सएप पर अपने मित्रों को भेजते हैं.

उल्लेखनीय है कि दक्षिण राजस्थान का प्रमुख दैनिक अखबार- प्रातःकाल और उसके संपादक- सुरेश गोयल का प़त्रकारिता के क्षेत्र में विशेष सम्मान और पहचान है. प्रातःकाल का मुंबई संस्करण वहां राजस्थानियों के बीच खासा चर्चित और लोकप्रिय है.  

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