नई दिल्ली. एक साल पहले आज ही के दिन जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकवादियों ने सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था. इस कायराना हरकत में 40 जवान शहीद हो गए थे. देश आज उन शहीद जवानों को सलाम कर रहा है, जिन्होंने हमले के आगे प्राणों को न्यौछावर करके शहादत और बलिदान की बेमिसाल नजीर पेश की. श्रीनगर के लेथपोरा कैंप में आज पुलवामा आतंकी हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गयी.

सीआरपीएफ के बड़े अफसर आज यहां पर पहुंच रहे हैं और शहीदों को याद कर रहे हैं.  पुलवामा में भी वक्त शहीदों को सलामी दी गयी.  यहां पर एक स्मारक का निर्माण किया गया है, जो शहीद जवानों के सम्मान में बनाया गया है. महाराष्ट्र के उमेश यादव ने यहां पर कलश सौंपा है, जिसमें सभी 40 जवानों के घर की मिट्टी है. अब इस कलश को इसी स्मारक में रखा जाएगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई मंत्री और नेताओं ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की है. आज सीआरपीएफ ने अपने वीर जवानों को याद करते हुए कहा कि हम न भूले हैं, न माफ करेंगे. शहीदों को नमन करते हुए लिखा कि 'तुम्हारे शौर्य के गीत, कर्कश शोर में खोये नहीं. गर्व इतना था कि हम देर तक रोये नहीं. हम अपने उन भाइयों को सलाम करते हैं जिन्होंने पुलवामा में राष्ट्र की सेवा में अपने जीवन का बलिदान दिया. 

लेथपोरा स्थित सीआरपीएफ कैंप में शहीदों के लिए आयोजित श्रद्धांजलि सभा में महाराष्ट्र के उमेश गोपीनाथ यादव विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए. उमेश गोपीनाथ जाधव पेशे से म्यूजिशियन और फार्माकॉलजिस्ट हैं. पिछले एक साल से शहीदों को अनोखे तरीके से श्रद्धासुमन अर्पित कर रहे हैं.  इस दौरान वह शहीदों के घर गए और उनके गांव से मिट्टी इकट्ठा की.

जब उमेश ऐसा बोल रहे थे तो वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो उठे. जाधव ने हमले में शहीदों के परिजनों से मिलने के लिए पूरे भारत में 61 हजार किमी की यात्रा की. पिछले हफ्ते ही उनकी यह यात्रा खत्म हुई जिसे वह तीर्थ यात्रा' मानते हैं

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।