देश में 2019-20 के दौरान रबी फसलों का उत्पादन 4.52 फीसदी बढ़कर 13.42 करोड़ टन पर पहुंच सकता है. नेशनल बल्क हैंडलिंग कॉरपोरेशन (एनबीएचसी) ने अपने रिपोर्ट में कहा कि मिट्टी में अच्छी नमी और उत्तर-पूर्व मानसून सीजन (अक्तूबर-दिसंबर) के दौरान सामान्य से ज्यादा बारिश होने की वजह से उत्पादन में इजाफा होने का अनुमान है. इससे पहले 2018-19 में रबी फसलों का उत्पादन 12.84 करोड़ टन रहा था.  रिपोर्ट में कहा गया है कि रबी फसलों का उत्पादन बढ़ने का सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा.

इसमें सुधार से किसानों की आमदनी पर सकारात्मक असर देखने को मिलेगा. रिपोर्ट के मुताबिक, 2019-20 में गेहूं का रकबा 12.03 फीसदी बढ़कर 3.34 करोड़ हेक्टेयर और उत्पादन 9.01 फीसदी बढ़कर 11.14 करोड़ टन पर पहुंच जाएगा.

हालांकि, चावल का रकबा इस दौरान रिकॉर्ड 23.24 फीसदी घटकर 26.1 लाख टन हेक्टेयर रह जाएगा. पिछले साल यह आंकड़ा 34 लाख हेक्टेयर रहा था. इसी तरह, किसानों के गेहूं और दाल उत्पादन पर जोर देने की वजह से इस दौरान चावल उत्पादन में गिरावट देखने को मिलेगी. पिछले साल के 1.43 करोड़ टन के मुकाबले चावल उत्पादन 27.96 फीसदी घटकर 1.03 करोड़ टन रह जाएगा. 

दाल उत्पादन में रहेगी गिरावट

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019-20 में दाल का रकबा 1.86 फीसदी घटकर 1.59 करोड़ टन हेक्टेयर पर पहुंच जाएगा. पिछले साल यह आंकड़ा 1.56 करोड़ हेक्टेयर रहा था. हालांकि, कुल दाल उत्पादन 2.47 फीसदी घटकर 1.52 करोड़ टन रह सकता है. इस दौरान तेलहन का रकबा मामूली 0.87 फीसदी घटकर 79.7 लाख टन और उत्पादन 7.39 फीसदी घटकर 1.01 करोड़ टन रहने का अनुमान है. पिछले साल 1.09 करोड़ टन तेलहन उत्पादन हुआ था.

इसके अलावा, ज्वार (24.3 लाख टन), मक्का (82.8 लाख टन) और जौ (18.3 लाख टन) का उत्पादन बढ़ने से 2019-20 में मोटे अनाज के कुल उत्पादन में 4.92 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. इस दौरान कुल 1.25 करोड़ टन मोटे अनाज का उत्पादन होने का अनुमान है.

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