नई दिल्ली. कोरोना की वजह से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है. इसका सीधा असर अब भारत पर दिखने लगा है. आज कोरोना वायरस से एक और शख्स की मौत हो गयी है. जिसके बाद यह अकड़ा 11 हो गई है, जबकि कोरोना पीडि़तों की संख्या 560 तक पहुंच गयी है. इस बीच केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. जानकारी के मुतबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कैबिनेट ने 80 करोड़ लोगों को सस्ती दर पर अनाज देने का फैसला किया है.

2 रुपये किलो गेहूं और 3 रुपये किलो चावल -

कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सरकार ने 80 करोड़ लोगों को 27 रुपये किलोग्राम वाला गेहूं मात्र 2 रुपये प्रति किलोग्राम में और 37 रुपये किलोग्राम वाला चावल 3 रुपये प्रति किलोग्राम में देने का फैसला किया है. साथ ही जावड़ेकर ने यह भी बताया कि सरकार ने राज्य सरकारों को 3 महीने का एडवांस सामान खरीदने को कहा है. बताया गया कि पीडीएस के जरिए मदद होगी.

किसी भी जरूरी सामान की नहीं होगी कमी

किसी जरूरी सामान की कमी नहीं देंगे. राज्य सरकारें भी लोगों की मदद कर रही हैं. उन्होंने कहा कि जान बचाने के लिए लॉकडाउन की जरूरत, तीन महीने का राशन दिया जाएगा. लोगों को जरूरत की चीजें मिलती रहेंगी, अफवाहों से बचने की जरूरत है.

एक बार में 6 महीने का राशन ले सकते हैं

रामविलास पासवान ने बुधवार को कहा कि 75 करोड़ बेनिफिशियरी पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के तहत एक बार में 6 महीने का राशन ले सकते हैं. सरकार ने ये फैसला कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए लिया है. उन्होंने जानकारी दी है कि सरकार के पास 435 लाख टन सरप्लस अनाज है. इसमें 272.19 लाख टन चावल, 162.79 लाख टन गेहूं है.

लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था को 120 अरब डॉलर का नुकसान

जानकारों का कहना है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देश भर में किए गए लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था को 120 अरब डॉलर (करीब 9 लाख करोड़ रुपये) का नुकसान हो सकता है.

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