जींद. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम मंगलवार रात दिए गए संदेश को-कोई, रो-रोड पर, ना- ना निकले संदेश के साथ 21 दिनों तक घरों में रहने के आह्वान पर हरियाणा के जींद जिले के 13 गांवों ने अपने यहां लॉकडाउन कर दिया है तथा किसी भी गांव में आने-जाने पर लगभग पाबंदी लगा दी है. पंचायतों ने अपने-अपने गांवों में आने वाले रास्तों पर पहरा देना शुरू कर दिया है. गांव से कोई भी व्यक्ति बाहर नहीं जा रहा है तो गांव में बाहरी व्यक्ति के आने पर उससे पूरी जानकारी लेने के बाद ही गांव में जाने दिए जा रहा है.

गांव में आने वालों के साबुन से हाथ धुलाए जा रहे हैं. जिले के झील, डोहाना खेड़ा, काकड़ोद, मोहनगढ़ छापड़ा, कसुहन, छातर, तारखां, मंगलपुर, सुरबरा, उदयपुर, दुर्जनपुर, शाहपुर और रूपगढ़ में लॉकडाऊन किया गया है. 14 अप्रैल तक अपने-अपने गांवों में सम्पूर्ण लॉकडाऊन सुनिश्चित करने के लिए बकायदा युवाओं की टीमें पहरा दे रही हैं. ग्रामीणों और युवाओं का कहना है कि कोरोना महामारी को फैलने से बचाने के लिए हर कोई घर पर रहे.

जरूरी काम 21 दिन बाद भी हो सकते है. कोई अगर जीवित रहना चाहता है तो वह 21 दिन तक घर में रूके. यह बीमारी तेजी से फैलती है. इसका एक मात्र बचाव है घर पर ही रहना है. गांवों में सामूहिक रूप से न हुक्का पीने और न ही ताश खेलने का फैसला लिया गया है. ग्रामीणों का कहना है कि कोरोना जैसी महामारी से सभी को मिलकर लड़ना है.

सबको चाहिए कि वे अपने-अपने गांव में लक्ष्मण रेख खींचते हुए गांव में बाहरी व्यक्ति के आने पर पाबंदी के साथ-साथ गांव के लोगों को जरूरी हो तो ही काम पर जाने दें. इस तरह की सावधानी से कोरोना जैसी महामारी से हम लड़ कर उसे हरा सकते है. उनका कहना है कि कोरोना को हराने के लिए आपस में दूरी जरूरी है.

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