लखनऊ. समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके चाचा एवं प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) संस्थापक शिवपाल सिंह यादव के बीच पिछले कुछ सालो से कायम तल्ख रिश्तों में नरमी के संकेत मिलने लगे है. अखिलेश ने जसवंतनगर के विधायक की सदस्यता खारिज करने संबंधी विधानसभा में दायर याचिका वापस ले ली है.

चाचा (शिवपाल) और भतीजे (अखिलेश) के रिश्तों में फिर से गर्माहट हाल में सम्पन्न होली के त्योहार से ही मिलने लगी थी जब दोनो ने परिवार के मुखिया मुलायम सिंह यादव के साथ गृहनगर सैफई में आयोजित होली मिलन समारोह में मंच साझा किया था. पिछले साल लोकसभा चुनाव में शिवपाल ने फिरोजाबाद सीट से पर्चा भरा था जहां सपा उम्मीदवार के तौर पर सपा महासचिव प्रो रामगोपाल यादव के पुत्र एवं शिवपाल के भतीजे अक्षय यादव खड़े थे.

चाचा के इस कदम से खिसियाये अखिलेश ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष याचिका दायर कर शिवपाल को अयोग्य ठहराने की मांग की थी. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सपा के रामगोविद चौधरी ने बुधवार को कहा कि कुछ तकनीकी कारणों के चलते पार्टी ने याचिका वापस लेने का फैसला किया है हालांकि उन्होने कारण बताने से इंकार कर दिया.

गौरतलब है कि हाल ही में सम्पन्न होली के त्योहार में पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान अखिलेश ने प्रसपा अध्यक्ष के पांव छूकर आर्शीवाद लिया था. इस मौके पर समर्थकों ने ‘जय अखिलेश जय शिवपाल’ के नारे लगाये थे जिससे सपा अध्यक्ष कुछ असहज दिखे थे और उन्होने समर्थकों से नारेबाजी बंद करने को कहा था. सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव पिछले एक अरसे से भाई और पुत्र के बीच सुलह समझौते के प्रयास करते रहे हैं.

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