जबलपुर. कोरोना वायरस के संक्रण से बचाव के लिए देश में आगामी 14 अप्रेल तक लागू किये गये लॉकडाउन के चलते जहां यात्री गाडिय़ां पूरी तरह बंद कर दी गई हैं, लेकिन देश में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मालगाडिय़ां लगातार चलाई जा रही हैं. रेलवे बोर्ड ने मालगाड़ी के गुड्स पायलेट व अन्य स्टाफ की मांगों को देखते हुए ब्रेथ एनालाइजर व बायोमैट्रिक अटेंडेंस पर रोक लगा दी है. साथ ही मालगाड़ी चलाने के पहले चालक शराब के नशे में तो नहीं है, इसके लिए चालक को खुद शराब का सेवन नहीं करने का शपथ पत्र देना होगा, जो ऐसा नहीं करेंगे, उन्हें मालगाड़ी संचालन में नहीं लगाया जायेगा. हालांकि, रेलवे की कोशिश ऐसे चालकों को माल गाड़ी चलाने की अनुमति देने की है, जिनका पहले से शराब पीने का कोई रिकॉर्ड नहीं है.

दरअसल, रेल ड्राइवर्स को गाड़ी चलाने से पहले ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट देना होता है. कोरोना आपदा को देखते हुए रेलवे ने इस टेस्ट पर 14 अप्रैल तक रोक लगा दी है. लिहाजा, ब्रेथ एनालाइजर से चालकों का लिकर टेस्ट नहीं हो पा रहा है. ऐसे में अब रेलवे ने खुद चालकों से ही शपथपत्र लेने का कदम उठाया है, ताकि मालगाडिय़ों का संचालन सही तरीके से हो सके.

शराब न पीने वाले चालकों को प्राथमिकता

हालांकि, रेलवे की कोशिश है कि मालगाड़ी चलाने वाले चालकों में उन्हीं चालकों को प्राथमिकता दी जाए जो पहले से शराब नहीं पीते हैं या जिनकी शराब पीने की हिस्ट्री न के बराबर है. बावजूद इसके मालगाड़ी के परिचालन में किसी तरीके की परेशानी न हो इसे देखते हुए चालकों से शपथ पत्र भरवाया जा रहा है, ताकि वह मालगाड़ी चलाते वक्त अनुशासित रहें.

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