सुनील परसाई. छछंूदर सबसे आदिम यूथीरियन हैं. इनमें अनेक आदिम लक्षण पाए जाते हैं. ये छोटे स्थलीय एवं रात्रिचर प्राणी हैं. ये कीटों एवं कृमियों का आहार करते हैं. आमतौर पर इनकी कुछ विशेष जातियां घरों में भी पाई जाती हैं. कुछ लोग इसे ‘घूस‘ भी कहते हैें. इनके कुछ विशेष प्रकार अधोलिखित हैं. श्रियु छछून्दरः- यह प्रायः घरों में देखी जा सकते हैं. यह चूहे की तरह दिखाई देते है. पूंछ सहित इसकी लंबाई 5 इंच होती है. इसका रंग भूरा और पीला-पीला होता है. इसकी देह पर नरम रेशमी फर होते हैं.

थूथन लंबा होता है. आंखें और कान छोटे होते हैं. सभी दांत लाल होते हैं. कुल दांत 32 होते हैं. टांगों में नाखून सहित पांच उंगलियां होती हैं. कीट, कृमि तथा चूहे इसका भोजन हैं. इसका आवास सुरंग होता है. यह बिना भोजन के 10 घंटों से अधिक जीवित नहीं रह सकता. यह प्रतिदिन अपने भार से दुगुना भोजन करता है. ये एशिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका में पाया जाता हैं. कस्तूरी छछून्दरः-यह भी चूहे की तरह दिखाई देता है. इसका रंग हल्का धूसर तथा फर रेशमी होता है. इसकी आंखें छोटी और थूथन नुकीला होता है. दांत पूरे पाए जाते हैं एवं कान छोटे एवं दबे हुए होते हैं.

पूंछ छोटी होती है. थूथन, कान एवं पूंछ गुलाबी रंग की होती है. इन भागों पर बहुत कम बाल पाए जाते हैं. इसकी विशेषता इसकी तेज अप्रिय गंध है जो इसमें पाई जाने वाली कस्तूरी गं्रथियों के कारण होती है. प्रजनन काल में इसका स्राव बहुत अधिक होता है. यह कीटभक्षी है. रात में कीटों की तलाश में यह घरों में आ जाता है. यह एशिया, अफ्रीका, यूरोप और उत्तर अमेरिका में पाया जाता है. झाऊ-मूसा छछून्दरः- इसकी पीठ के बाल तेज कांटों के रूप में रूपांतरित हो जाते हैं.

पेट की त्वचा नरम होती है. पेशियों की एक पट्टी पार्श्वों के सहारे-सहारे चलती है और गर्दन पर तथा पूंछ के अधर के ऊपर खतरे के समय ये गेंद की तरह लिपट जाती हैं और कांटे पूंछ तथा शीर्ष दोनों को ढंक लेते हैं. इसमें एक छोटा शीर्ष होता है. इस पर एक नुकीला थूथन होता है. इसकी पूंछ बहुत छोटी होती है. इसकी आंखें काली एवं छोटी होती हैं. कान छोटे और टांगें पतली एवं छोटी होती हैं. यह रात्रिचर होते हैं और कीटों, स्लगों, फलों, पक्षियों एवं सांपों को खाते हैं. सांप इसका प्रिय भोजन है. सांप के विष का इस पर कोई प्रभाव नहीं होता. ठंड के मौसम में ये शीतनिष्क्रिय हो जाते हैं.

मोल-छछून्दरः- इसका वैज्ञानिक नाम टाल्पा है. ये श्रियू छछून्दर की तरह ही होते हैं. ये हमेशा बिल में रहते हैं. इसकी लम्बाई छः इंच के लगभग होती है. इसका शीर्ष पच्चर की आकृति का होता है. इसकी थूथन के भीतर एक प्रीनेजल हड्डी होती है. आंखें मूलांगी होती हैं और कर्णफ्ल्लव नहीं होते. इनके शरीर के ऊपर मोटा मखमली फर होता है. इनकी पूंछ छोटी, बालरहित एवं संवेदी होती है. इनकी अगली टांगें शक्तिशाली होती हैं. हाथ बड़ा एवं चौड़ा होता है. उंगलियां पांच होती हैं एवं उनमें लंबे चौड़े नाखून होते हैं.

इसके हाथ मिट्टी खोदने के काम में आते हैं. ये छछून्दर जमीन में सुरंगें बड़ी तेजी से खोदते हैं. जमीन की ऊपरी सतह पर ये कभी नहीं आते. केंचुए इनका प्रिय भोजन है. ये एशिया एवं यूरोप में पाए जाते हैं. अफ्रीका में पाए जाने वाले छछून्दर का रंग सुनहरा होता है.

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