नजरिया. कोरोना वायरस दुनियाभर में कैसे फैला और डब्ल्यूएचओ की क्या भूमिका रही इसे लेकर भारत सहित 62 देशों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है.

यह वाकई जरूरी है, लेकिन ऐसी ही जांच भारत में भी जरूरी है, ताकि कोरोना अपराधियों को सामने लाया जा सके?

ऐसी बर्बादी देनेवालों को देश के सामने लाना इसलिए जरूरी है, क्योंकि अब अच्छे दिन तो दूर, जनता को सामान्य दिन भी लंबे समय तक नसीब नहीं होंगे!

इधर तो लाॅकडाउन-4 लागू होने के साथ ही इसमें ढील दी गई है और उधर, कोरोना वायरस का अटैक एक बार फिर शुरू हुआ है, जिसकी गिरफ्त में मजदूर वर्ग आया है.

पहली बार लाॅकडाउन शुरू होने के साथ ही हजारों मजदूर पैदल चलकर अपने गृहराज्यों में पहुंचे थे, लेकिन उनमें संक्रमितों की संख्या कम थी.

ज्यादातर मजदूरों को शहरों में रोक लिया गया, परन्तु न तो उन्हें वहां रोजी-रोटी नसीब हुई ओैर न ही उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा का ध्यान रखा गया. इसका परिणाम यह है कि अब वे अपने गांव कोरोना संक्रमण के साथ पहुंच रहे हैं.

हालत यह है कि राजस्थान के छोटे से जिले डूंगरपुर में एक ही दिन में 64 मामले सामने आए हैं, ये मुंबई जैसे शहरों से राजस्थान आए लोग हैं.

महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि इसके लिए जिम्मेदार कौन है? यह जिम्मेदारी तय करने के लिए निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है.

इन खास बिन्दुओं पर जांच होनी चाहिए....

एक- नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम की भूमिका, गुजरात में कोरोना कैसे फैला, गुजरात में पहला कोरोना संक्रमित कब सामने आया?

दो- लाॅकडाउन का निर्णय देरी से क्यों लिया गया?

तीन- तबलीगी जमात की भूमिका?

चार- लाॅकडाउन शुरू होने से पहले मजदूरों को अपने घर जाने क्यों नहीं दिया गया?

पांच- मजदूरों को उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? मजदूरों की मौत के लिए जिम्मेदार कौन है?

जाहिर है, कोरोना वायरस देश में कैसे फैला? यदि इसकी निष्पक्ष जांच होती है, तो कई सियासी चेहरे बेनकाब हो सकते हैं!

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।