मुंबई. अनिल अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड (आरएनईएल) के कर्जदाताओं ने दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता के तहत कंपनी को बेचने के लिए इच्छुक खरीदार कंपनियों से रुचि पत्र आमंत्रित किए हैं. राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की अहमदाबाद पीठ ने 15 जनवरी को आरएनईएल को दिवाला प्रक्रिया के तहत लाने की अनुमति दी थी. दिवाला प्रक्रिया के तहत नियुक्त समाधान पेशेवर के रुचि प्रकटन संबंधी नोटिस में कहा गया है कि रुचि पत्र सौंपने की अंतिम तिथि 27 जून होगी. इसके बाद संभावित समाधान आवेदकों की अंतिम सूची 17 जुलाई को जारी की जाएगी.

नोटिस में कहा गया है कि कम से कम 600 करोड़ रुपये का नेटवर्थ रखने और समूह की स्तर पर कम से 2,000 करोड़ रुपये का एकीकृत कारोबार करने वाली कंपनी ही प्रक्रिया में भाग ले सकेगी. यदि कोई वित्तीय संस्थान अथवा निजी इक्विटी निवेशक इसमें रुचि दिखाता है तो उसके लिए न्यूनतम 1,000 करोड़ रुपये की संपत्तियां प्रबंधन के तहत होना आवश्यक होगा. कंपनी पर बकाया 43,587 करोड़ रुपये की वसूली के लिए इसकी बिक्री की जा रही है.

समाधान पेशेवर ने इस राशि में से 10,878 करोड़ रुपये वित्तीय ऋणदाताओं के बकाए होने की बात स्वीकार की है जबकि शेष 32,693 करोड़ रुपये के बकायेदारों की पुष्टि का काम जारी है. विश्लेषकों के मुताबिक आरएनईएल में जारी दिवाला प्रक्रिया का इसकी प्रवर्तक कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर पर कोई असर नहीं होगा. मार्च 2019 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए ऑडिट खातों को अंतिम रूप देते हुए रिलायंस इंफ्रा ने आएनईएल में अपने निवेश का पहले ही प्रावधान कर लिया था. बहरहाल, आएनईएल के प्रवक्ता ने इस मामले में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

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