नई दिल्ली. नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) के संज्ञान में आया है कि कई नई वेबसाईटें प्रधानमंत्री किसान उर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) योजना के लिए पंजीकरण पोर्टल होने का दावा करती हैं.

ऐसी वेबसाइटें संभावित रूप से आम जनता को धोखा दे रही हैं और फर्जी पंजीकरण पोर्टल के माध्यम से प्राप्त डेटा का दुरुपयोग कर रही हैं. आम जनता को किसी भी तरह के नुकसान से बचाने के लिए, एमएनआरई ने 18 मार्च 2019 को एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें लाभार्थियों और आम जनता को किसी भी तरह के पंजीकरण शुल्क जमा नहीं करने और अपना डेटा साझा न करने की सलाह दी गई थी.

इसके बावजूद फर्जी वेबसाइटों के नए मामले फिर से सामने आये हैं. इसलिए एमएनआरई द्वारा सभी संभावित लाभार्थियों और आम जनता को जागरूक रहने और इन वेबसाइटों पर धन जमा करने या डेटा साझा करने से बचने की सलाह दी जाती है.

मंत्रालय ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को संदिग्ध या फर्जी वेबसाइट की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना मंत्रालय को दी जा सकती है. नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा 8 मार्च 2019 को पीएम-कुसुम योजना के लिए प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई थी.

योजना के कार्यान्वयन के लिए दिशा-निर्देश 22 जुलाई 2019 को जारी किए गए थे. यह योजना सौर पंपों की स्थापना, मौजूदा ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों को सौर उर्जा से जोड़ने और ग्रिड से जुड़े नवीकरणीय बिजली संयंत्रों की स्थापना से सम्बंधित है.

यह योजना राज्य सरकार की एजेंसियों के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही है. इन एजेंसियों की सूची, कार्यान्वयन दिशा-निर्देश और योजना के बारे में अन्य विवरण मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध हैं, www.mnre.gov.in. इच्छुक व्यक्तिएमएआरई की वेबसाइट देख सकते हैं या हेल्प लाइन नंबर 1800-180-3333 पर कॉल कर सकते हैं.

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