प्राचीन समय से घर में रोज सुबह-शाम दीपक जलाने की परंपरा चली आ रही है. जो लोग विधिवत पूजा नहीं कर पाते हैं, वे दीपक जरूर जलाते हैं. घी या तेल का दीपक जलाने से धार्मिक लाभ मिलता है और वास्तु दोष दूर होते हैं. अगर नियमित रूप से दीपक जलाया जाता है तो घर में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा सक्रिय रहती है. वास्तु दोष बढ़ाने वाली नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है.

दीपक के धुएं से वातावरण में मौजूद हानिकारक सूक्ष्म कीटाणु भी नष्ट हो जाते हैं. दीपक अंधकार खत्म करता है और प्रकाश फैलाता है. मान्यता है देवी-देवताओं को दीपक की रोशनी विशेष प्रिय है, इसीलिए पूजा-पाठ में दीपक अनिवार्य रूप से जलाया जाता है. रोज शाम के समय मुख्य द्वार के पास दीपक लगाना चाहिए. ये दीपक घर में नकारात्क ऊर्जा के प्रवेश को रोकता है.

पूजा में घी का दीपक अपने बाएं हाथ की ओर जलाना चाहिए. तेल का दीपक दाएं हाथ की ओर रखना चाहिए. इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पूजा के बीच में दीपक बुझना नहीं चाहिए. ऐसा होने पर पूजा का पूर्ण फल नहीं मिल पाता है. दीपक हमेशा भगवान की प्रतिमा के ठीक सामने लगाना चाहिए. शास्त्रों की मान्यता है कि मंत्र जाप के साथ दीपक जलाने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है. वास्तु दोष दूर होते हैं.

दीपक जलाते समय इस मंत्र का जाप अवश्य करें -

मंत्र - शुभम करोति कल्याणं, आरोग्यं धन संपदाम् .
शत्रु बुद्धि विनाशाय, दीपं ज्योति नमोस्तुते..

साभार : Gurudev Gd Vashist फेसबुक    

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।