पलपल संवाददाता, जबलपुर. मध्यप्रदेश के जबलपुर में आज नर्मदा नदी के ग्वारीघाट में उस वक्त हड़कम्प मच गया, जब कुछ लोगों ने नदी में सरकारी दवाईयां देखी, सरकारी दवाओं को फेंकने की खबर क्षेत्र में आग की तरह फैल गई, देखते ही देखते कई लोग एकत्र हो गए, यहां तक कि इस बात की शिकायत कलेक्टर भरत यादव से की गई है. कलेक्टर ने मामले मेें जांच के आदेश देते हुए कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी से भी मामले में जबाव तलब किया जाएगा. 

बताया जाता है कि कोरोना संकटकाल में जब संक्रमण फैलने का खतरा है, प्रदेश सरकार के प्रयास है कि सभी जिलों में बीमारियों से पीडि़त लोगों को सरकारी अस्पताल में बेहतर इलाज व दवाएं मिल सके, जिसके चलते दवाईयां पहुंचाई जा रही है. लेकिन जबलपुर में सरकारी दवाओं को साजिश के तहत फें का जा रहा है.

नर्मदा नदी के ग्वारीघाट में अज्ञात लोगों ने भारी मात्रा में सरकारी दवाईयां फेंक दी, लोग जब नर्मदा जी के दर्शन करने पहुंचे तो उनकी नजर दवाओं पर पड़ी तो स्तब्ध रह गए, नदी में उतरा रही दवाईयां गर्वनमेंट सप्लाई की थी, जो उपयोग के लायक रही. उक्त दवाईयां उठाकर कलेक्टर भरत यादव को दिखाई गई है, जिसपर उन्होने मामले के जांच के आदेश दे दिए है.

मामले में लोगों का कहना है कि जिन्होने नर्मदा नदी में दवाईयां फेंकी है, उनके इरादे ठीक नहीं है, जिससे किसी बड़े फर्जीवाड़ा की आशंका है. अधिकारियों का कहना है कि नर्मदा नदी में दवाओं का मिला चिंता का विषय है, जिसकी जांच कराकर हकीकत को सामने लाया जाएगा. 

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