नयी दिल्ली. डीएचएफएल बांड पर 50 करोड़ रुपये के भुगतान में चूक गई है. कंपनी ने कहा कि पिछले साल नवंबर से वह रोक के तहत है, ऐसे में वह ऋणदाताओं का भुगतान करने की स्थिति में नहीं है. डीएचएफएल ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा है कि कंपनी गारंटी वाले गैर परिवर्तनीय डिबेंचरों (एनसीडी) पर संबंधित निवेशकों को तीन जुलाई, 2020 को 50 करोड़ रुपये की मूल राशि का भुगतान नहीं कर पाई है.

कंपनी 29 नवंबर, 2019 से दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) में रोक के तहत है. ऐसे में कंपनी एनसीडी धारकों सहित ऋणदाताओं को ब्याज या मूल राशि का भुगतान करने की स्थिति में नहीं है. कंपनी ने कहा कि वह अभी ऋणदाताओं या एनसीडी धारकों को भुगतान करने की स्थिति में नहीं है. कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) पूरी होने के बाद ही वह भुगतान करने की स्थिति में होगी.

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