नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार 1 अगस्त की शाम को स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2020 के ग्रैंड फिनाले के प्रतिभागियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद किया. प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 21वीं सदी ज्ञान की सदी है और तेजी से बदली दुनिया में भारत को भी तेजी से बदलना होगा. उन्होंने नई शिक्षा नीति की तारीफ करते हुए कहा कि इसमें पहले की कमियों को दूर किया गया है. उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति नौकरी खोजने वालों के बजाय नौकरी देने वालों को बनाने पर जोर देती है.

पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी ज्ञान की सदी है और इस दौरान सीखने पर फोकस होना चाहिए. उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती हुई दुनिया में भारत को अपनी वही प्रभावी भूमिका निभाने के लिए उतनी ही तेजी से बदलना होगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति में पहले की कमियों को दूर किया गया है. उन्होंने कहा कि अब अगर कोई मैथ और म्यूजिक की एक साथ पढ़ाई चाहता है तो वह ऐसा कर पाएगा.

संवाद के दौरान प्रतिभागी छात्रों ने अपने-अपने इनोवेटिव आइडियाज और तकनीकी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शेयर किया. पीएम ने भी प्रतिभागियों की हौसलाअफजाई की. प्रधानमंत्री से रूबरू होने पर स्टूडेंट भी काफी खुश दिखे. पहला स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2017 में शुरू किया गया था. इसे एचआरडी मिनिस्टिरी और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद संयुक्त रूप से आयोजित करती हैं.

इस दौरान पीएचडी कॉलेज ऑफ कोयंबटूर की टीम माइंड बेंडर्स के एक प्रतिभागी कुंदन ने मशीन लर्निंग के इस्तेमाल वाली एक ऐसी तकनीक के बारे में पीएम मोदी को बताया जिससे पुलिसिंग में सुधार हो सकती है. प्रतिभागी ने बताया कि उनकी टीम एक ऐसा प्लेटफॉर्म बना रही है, जिससे पुलिस को लोगों की समस्याओं को सही से समझने में आसानी होगी. पुलिस और लोगों के बीच का गैप पटेगा. लोगों में पुलिस का जो डर है बह खत्म होगा. इस दौरान बहुत रोचक संवाद भी हुआ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुंदन नाम के उस स्टूडेंट से पूछा कि क्या आपको पुलिस के पास कभी जाना पड़ा है तो स्टूडेंट ने जवाब दिया कि हां, एक बार मोबाइल खोने के सिलसिले में उसे पुलिस के पास जाना पड़ा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि पुलिसिंग में ह्यूमन टच बहुत जरूरी है. इसमें आर्टिफिशल इंटेलिजेंस का बहुत बड़ा रोल हो सकता है. उन्होंने स्टूडेंट को इससे जुड़े इनोवेशन को सफल बनाने के लिए शुभकामना भी दी.

गोविंद नाम के एक प्रतिभागी ने हेल्थ केयर से जुड़े अपने नवाचार के बारे में पीएम को बताया. इस पर पीएम मोदी ने कहा कि हेल्थ केयर में डेटा ड्रिवेन सलूशन से बहुत बड़ा बदलाव हो रहा है. इस वजह से गरीब से गरीब तक, दूर-दूर के गांवों तक एक किफायती और विश्वस्तरीय सेवा पहुंचा सकते हैं. हमारे लिए यही एक सबसे बड़ा माध्यम है. आयुष्मान भारत की तरह यह प्रयास भी बहुत सफल होगा. गांव के हेल्थ ऐंड वेलनेस सेंटरों को बड़े अस्पतालों से जोडऩे का भारत में काम चल रहा है. आप जैसे इनोवेटर जिस दिशा में काम कर रहे हैं, आप इसे बहुत गति दे सकते हैं. प्रधानमंत्री ने प्रतिभागियों को बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किसी तरह के अलर्ट सिस्टम के बनाए जाने को लेकर प्रेरित किया. उन्होंने पूछा कि क्या यह स्कूल बस, ऑटो, कैब को पुलिस कंट्रोल रूम के साथ रियल टाइम कनेक्ट हो सकता है.

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