सिओल. दक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस का इतना खौफ, अवन में जला दिए खरबों डॉलरकोरोना वायरस से जूझ रहे दक्षिण कोरिया में इस महामारी को लेकर लोगों में इतना ज्यादा खौफ फैल गया कि उन्होंने 2.25 ट्रिलियन डॉलर मूल्य के नोटों और सिक्कों को नष्ट कर दिया. दक्षिण कोरिया के लोगों ने कोरोना वायरस से बचने के के लिए इन नोटों को वॉशिंग मशीन में डाल दिया जिससे वे खराब हो गए. यही नहीं कई तो ऐसे थे जिन्होंने नोटों की गड्डी ही अवन में डाल दी. इससे नोट काफी जल गए. अब दक्षिण कोरिया के रिजर्व बैंक को इन खरबों डॉलर के नोटों से जूझना पड़ रहा है.

दक्षिण कोरिया में 3 गुना ज्यादा जले हुए नोट बदले गए

दक्षिण कोरिया के रिजर्व बैंक कहे जाने वाले बैंक ऑफ कोरिया ने शुक्रवार को कहाकि पिछले छह महीने में वर्ष 2019 की अपेक्षा लोगों ने 3 गुना ज्यादा जले हुए नोट बदले हैं. बैंक ने कहा कि इस वृद्धि के पीछे बड़ी वजह कोरोना वायरस का खौफ है. बैंक ने कहा कि जनवरी से जून के बीच में 1.32 अरब वॉन (1.1 अरब डॉलर) के जले हुए नोट बैंक को लौटाए गए हैं. बैंक ने बताया इसी अवधि में पिछले साल मात्र 40 लाख डॉलर के जले हुए नोट लौटाए गए थे. 

2.25 ट्रिलियन डॉलर मूल्य के जले हुए नोट आए

बैंक ने कहा कि इस साल अवन के अंदर नोटों के जलाने के काफी मामले सामने आए हैं. बैंक का इशारा इस ओर था कि लोगों ने नोटों से कोरोना वायरस के फैलने के डर से इन नोटों को ओवन के अंदर जला दिया. बैंक ने बताया कि वर्ष 2020 के पहले 6 महीने में कुल 2.69 ट्रिलियन वॉन या 2.25 ट्रिलियन डॉलर मूल्य के कटे-फटे और जले हुए नोट और सिक्के बरामद हुए हैं. इन नोटों और सिक्कों को गरम करने के लिए माइक्रोवेव्स या ओवन के अलावा वॉशिंग मशीन का इस्तेमाल किया गया.

ओवन में डाल दिया अंतिम संस्कार के लिए मिला पैसा

बैंक ने एक उदाहरण देते हुए बताया कि उम नाम के एक व्यक्ति ने 35.5 मिलियन वॉन या 30 हजार डॉलर के नोट बदले जिसे उसने वॉशिंग मशीन में डाल दिया था. इसमें से उम को केवल 22.9 मिलियन वॉन ही मिले थे. इससे उसकी 35 प्रतिशत मूल धनराशि नष्ट हो गई. बैंक ने बताया कि यह 30 हजार डॉलर उसे अंतिम संस्कार के लिए परिवार के सदस्यों की ओर से दान में मिले थे. नोटों के जलने से उम की टेंशन काफी बढ़ गई है.

नोटों को दो सप्ताह के लिए अलग रख रहा बैंक

इसी तरह के एक अन्य मामले में किम नाम के शख्स ने अपने 5.2 मिलियन वॉन माइक्रोवेब के अंदर डाल दिए, ताकि नोटों पर मौजूद कोरोना वायरस मर जाएं. किम का भाग्य अच्छा था और उनके ज्यादातर नोट उन्हें सही सलामत मिल गए. इससे पहले मार्च महीने में बैंक ऑफ कोरिया ने कहा था कि वह बैंक नोटों को दो सप्ताह के लिए अलग रख रहा है, ताकि कोरोना वायरस को खत्म किया जा सके. यही नहीं बैंक ने कुछ नोटों को जलाया भी था. दक्षिण कोरिया में कोविड-19 के 14 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं.

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