नगर प्रतिनिधि, जबलपुर. मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष और अन्य प्रमुख पदों के निर्वाचन को लेकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं. अब राज्य बार काउंसिल के शीर्ष पदों पर एक से अधिक उम्मीदवार होने की स्थिति में हाथ उठाकर मतदान या खुले तौर पर समर्थन जताने की प्रक्रिया नहीं अपनाई जा सकेगी. ऐसी स्थिति में निर्वाचन गुप्त मतदान यानी सीक्रेट बैलेट के माध्यम से ही कराया जाएगा. बीसीआई ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए चुनाव प्रक्रिया में गोपनीयता, निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है. इस निर्णय को मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल के आगामी निर्वाचन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सचिव अशोक कुमार पांडेय की ओर से भेजे गए पत्र में निर्वाचन के दौरान लागू किए जाने वाले नियमों और मतदान की प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है. यह कार्रवाई नवनिर्वाचित सदस्यों नवीन शुक्ला, राकेश सिंह भदौरिया, दिनेश शुक्ला, प्रवीण तिवारी, नित्यानंद मिश्रा और वरिष्ठ अधिवक्ता जितेंद्र कुमार शर्मा की ओर से 21 और 22 अक्टूबर 2026 को दिए गए आवेदनों के बाद सामने आई है. बीसीआई ने इस मामले में महाधिवक्ता एवं स्पेशल कमेटी के चेयरमैन प्रशांत सिंह को आवश्यक निर्देश भेजे हैं.
एक से अधिक दावेदार होने पर गुप्त मतदान जरूरी
बीसीआई ने अपने निर्देश में स्पष्ट किया है कि अध्यक्ष सहित किसी भी पद के लिए एक से अधिक प्रत्याशी होने पर चुनाव का निर्णय गोपनीय मतदान के जरिए ही किया जाना चाहिए. ऐसी स्थिति में हाथ उठाकर मतदाताओं की राय जानना या खुले तौर पर समर्थन प्रदर्शित कराना निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप नहीं होगा. निर्वाचन की पूरी कार्यवाही संबंधित नियमों के दायरे में रहकर कराई जानी आवश्यक है.
गुप्त मतदान की व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक सदस्य अपनी पसंद के उम्मीदवार के पक्ष में स्वतंत्र रूप से मत दे सके. मतदान के दौरान किसी सदस्य पर दूसरे प्रत्याशियों, समर्थकों या अन्य लोगों का दबाव नहीं होना चाहिए. बीसीआई के निर्देशों के बाद चुनाव संचालन से जुड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है. उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्वाचन के प्रत्येक चरण में निर्धारित नियमों का पालन किया जाए.
राज्य और राष्ट्रीय नियमों का दिया गया हवाला
निर्वाचन प्रक्रिया को स्पष्ट करने के लिए बीसीआई ने राज्य बार काउंसिल नियमावली के अध्याय पांच के नियम पांच तथा बार काउंसिल ऑफ इंडिया रूल्स के भाग दो, अध्याय एक, नियम 8(4) का उल्लेख किया है. इन प्रावधानों के आधार पर बहु-प्रत्याशी स्थिति में मतदान की प्रक्रिया को गोपनीय रखने पर जोर दिया गया है.
नियमों का हवाला देते हुए यह स्पष्ट किया गया है कि किसी पद के लिए दो या उससे अधिक उम्मीदवार मैदान में होने पर निर्वाचन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कराया जाना चाहिए. मतदान की ऐसी व्यवस्था नहीं होनी चाहिए, जिससे किसी सदस्य की पसंद सार्वजनिक हो जाए या उसे अपनी पसंद जाहिर करने के लिए बाध्य होना पड़े.
निर्वाचन नियमों का पालन करना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता सामने आने पर विवाद की स्थिति बन सकती है. ऐसे में चुनाव संचालन से जुड़े अधिकारियों को पहले से ही सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होंगी, ताकि मतदान और मतगणना को लेकर किसी प्रकार की आपत्ति की गुंजाइश कम हो.
प्रशांत सिंह को निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी
बीसीआई ने मध्य प्रदेश के महाधिवक्ता और स्पेशल कमेटी के चेयरमैन प्रशांत सिंह को निर्देश भेजकर निर्वाचन की निष्पक्षता और शुचिता बनाए रखने पर जोर दिया है. निर्देशों के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया स्वतंत्र और निष्पक्ष वातावरण में संपन्न कराई जानी चाहिए. मतदान के दौरान प्रत्येक मतदाता सदस्य को बिना किसी दबाव के अपनी पसंद का उम्मीदवार चुनने का अवसर मिलना चाहिए.
इसके लिए मतदान केंद्र पर ऐसी व्यवस्था जरूरी होगी, जिसमें मतदाता की पसंद गोपनीय बनी रहे. सदस्यों को अलग केबिन में जाकर मतपत्र पर अपना मत अंकित करने की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है. इससे दूसरे सदस्यों या उम्मीदवारों को यह पता नहीं चल सकेगा कि किस मतदाता ने किस प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया है.
निर्वाचन की शुचिता बनाए रखने के लिए केवल नियमों का उल्लेख पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि मतदान स्थल पर उनका प्रभावी क्रियान्वयन भी जरूरी होगा. चुनाव प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि मतदाताओं को स्वतंत्र वातावरण मिले और किसी भी तरह की ऐसी गतिविधि न हो, जिससे मतदान की गोपनीयता प्रभावित हो.
मतपत्र से लेकर मतगणना तक करनी होगी तैयारी
बीसीआई के निर्देशों के बाद चुनाव संचालन से जुड़े तंत्र को मतदान की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देना होगा. गुप्त मतदान के लिए मतपत्रों की छपाई, मतपेटियों की उपलब्धता, मतदान केंद्र की व्यवस्था और मतगणना की प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुरूप व्यवस्थित करना आवश्यक होगा.
इसके साथ ही मतदाता सदस्यों की पहचान का सत्यापन, पात्र मतदाताओं की सूची और प्रत्येक सदस्य को मतपत्र जारी करने की प्रक्रिया भी व्यवस्थित रखनी होगी. मतदान के बाद मतपत्रों की सुरक्षित निगरानी और मतगणना के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना भी महत्वपूर्ण होगा.
पूरी प्रक्रिया इस तरह संचालित की जानी होगी कि मतदान की गोपनीयता बनी रहे और मतगणना के परिणाम को लेकर अनावश्यक विवाद की स्थिति पैदा न हो. निर्वाचन संचालन में शामिल अधिकारियों को नियमों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी, ताकि किसी भी स्तर पर प्रक्रिया की वैधता पर सवाल न उठें.
बार काउंसिल चुनाव में बढ़ेगी प्रक्रिया की अहमियत
मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल के शीर्ष पदों का निर्वाचन अधिवक्ताओं के संगठनात्मक नेतृत्व के लिहाज से महत्वपूर्ण है. ऐसे में चुनाव की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट नियम और उनका निष्पक्ष पालन आवश्यक माना जाता है. बीसीआई के ताजा निर्देशों से यह स्पष्ट हो गया है कि एक से अधिक उम्मीदवार होने पर खुले मतदान के बजाय गुप्त मतदान की व्यवस्था अपनानी होगी.
इस फैसले के बाद निर्वाचन की तैयारी करने वाले अधिकारियों और संबंधित सदस्यों को निर्धारित नियमों के अनुरूप आगे बढ़ना होगा. खास तौर पर मतदान की गोपनीयता, मतदाताओं की स्वतंत्रता और मतगणना की निष्पक्षता पर ध्यान देना होगा.
बीसीआई के निर्देशों का मुख्य उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया को नियमसम्मत बनाए रखना और सदस्यों को बिना किसी दबाव के मतदान का अवसर उपलब्ध कराना है. अब चुनाव संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं में इन निर्देशों का पालन महत्वपूर्ण होगा. इससे निर्वाचन की निष्पक्षता बनाए रखने के साथ-साथ प्रक्रिया को लेकर संभावित विवादों को रोकने में भी मदद मिल सकती है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

