प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, विराट कोहली जैसी हस्तियों से जागरूकता बढ़ाने का सुझाव

प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, विराट कोहली जैसी हस्तियों से जागरूकता बढ़ाने का सुझाव

प्रेषित समय :19:08:27 PM / Thu, Oct 29th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली.दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई. इस दौरान अदालत ने प्रदूषण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विराट कोहली जैसी लोकप्रिय हस्तियों की मदद लेने का सुझाव दिया. वहीं, दिल्ली सरकार ने अदालत को बताया कि प्रदूषण से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं और राजधानी में कई स्तरों पर कदम उठाए जा रहे हैं.

608 एंटी-स्मॉग गन तैनात, प्रदूषण नियंत्रण की तैयारी

दिल्ली सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) ऐश्वर्या भाटी ने अदालत को बताया कि सरकार पिछले वर्षों की तुलना में इस बार प्रदूषण से निपटने के लिए बेहतर तरीके से तैयार है. उन्होंने कहा कि दिल्ली के बाहर से आने वाले ऐसे वाहनों को राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी, जो बीएस-IV उत्सर्जन मानकों का पालन नहीं करते हैं.

सरकार के अनुसार, यातायात जाम कम करने के लिए सरकारी कार्यालयों के कामकाज के समय में बदलाव किया गया है. निर्माण स्थलों के आसपास एंटी-स्मॉग गन लगाई गई हैं. राजधानी में कुल 608 एंटी-स्मॉग गन तैनात की गई हैं. इसके अलावा, प्रदूषण नियंत्रण के लिए वार्षिक कार्ययोजना और समर्पित नियंत्रण केंद्र भी बनाया गया है. सरकार ने निगरानी और प्रदूषण कम करने के लिए 'वायु रक्षक' जैसी पहल भी शुरू की हैं.

विराट कोहली जैसी हस्तियों से जागरूकता बढ़ाने पर जोर

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया कि प्रदूषण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए लोकप्रिय हस्तियों की मदद क्यों नहीं ली जा रही है. अदालत ने क्रिकेटर विराट कोहली जैसी जानी-मानी हस्तियों को जागरूकता अभियानों से जोड़ने का सुझाव दिया.

कोर्ट ने कहा कि लोगों की आदतों और व्यवहार में बदलाव रातोंरात संभव नहीं है. इसके लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाने के साथ नियमों का सख्ती से पालन कराना भी जरूरी है. प्रदूषण का बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए अदालत ने इस समस्या से निपटने की जरूरत पर जोर दिया.

पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध के पक्ष में नहीं कोर्ट

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण और पटाखों पर प्रतिबंध के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के पक्ष में नहीं है. अदालत ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि प्रदूषण को नियंत्रित करना है.

कोर्ट ने कहा कि दिवाली के त्योहार के दौरान मौजूदा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए. इसके लिए अधिकारियों को दिवाली के आसपास के दो दिनों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए, ताकि त्योहार की खुशियों के साथ पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जा सके.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-