महाराष्ट्र MLC चुनाव के बाद महायुति में घमासान! नितेश राणे ने पूछा- कौन है ‘शकुनी मामा’? संजय निरुपम ने जताई नाराजगी

महाराष्ट्र MLC चुनाव के बाद महायुति में घमासान! नितेश राणे ने पूछा- कौन है ‘शकुनी मामा’? संजय निरुपम ने जताई नाराजगी

प्रेषित समय :17:18:39 PM / Thu, Oct 29th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

मुंबई. महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में बयानबाजी तेज हो गई है. पांच सीटों के चुनाव में महाविकास आघाड़ी (MVA) ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि महायुति को दो सीटें मिलीं. नतीजों के बाद बीजेपी नेता नितेश राणे ने गठबंधन के भीतर संभावित असंतोष और क्रॉस वोटिंग को लेकर सवाल उठाए. वहीं, शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता संजय निरुपम ने बीजेपी के कुछ नेताओं की बयानबाजी पर नाराजगी जताते हुए सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप से बचने की सलाह दी.

चुनाव परिणामों के बाद दोनों सहयोगी दलों के नेताओं के बयानों ने महाराष्ट्र की राजनीति में गठबंधन के भीतर आपसी विश्वास और चुनावी रणनीति को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है.

नितेश राणे ने पूछा- महायुति में कौन है ‘शकुनी मामा’?

बीजेपी नेता नितेश राणे ने चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए महायुति के भीतर किसी नेता की भूमिका को लेकर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि गठबंधन में यह पता लगाने की जरूरत है कि कहीं कोई ‘मातोश्री प्रेमी’ तो नहीं है. उन्होंने महायुति के भीतर ‘शकुनी मामा’ को खोजने की बात भी कही.

राणे ने कहा कि महायुति को फेविकोल के जोड़ की तरह मजबूत बताया जाता है और ‘एक हैं तो सेफ हैं’ का संदेश दिया जाता है. ऐसे में चुनाव परिणामों के बाद आत्मचिंतन करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि सभी नेता साथ बैठकर विश्लेषण करेंगे कि कहां क्या हुआ और किस स्तर पर चूक हुई.

उन्होंने शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत पर भी निशाना साधा. राणे ने कांग्रेस के प्रदर्शन और निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव परिणामों का विश्लेषण करने के लिए समय दिया जाना चाहिए.

संजय निरुपम ने बीजेपी नेताओं को दी नसीहत

शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता संजय निरुपम ने चुनाव परिणामों के बाद बीजेपी के कुछ नेताओं की ओर से शिवसेना पर लगाए जा रहे आरोपों पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि चुनाव के नतीजे सामने हैं, लेकिन सहयोगी दलों पर सार्वजनिक रूप से आरोप लगाना उचित नहीं है.

निरुपम के मुताबिक, इससे पहले भी नगर पंचायतों और नगर परिषदों के चुनावों में महायुति के घटक दलों के बीच कई बार फ्रेंडली फाइट हुई है. हालांकि, उस समय सहयोगी दलों ने एक-दूसरे पर इस तरह के आरोप नहीं लगाए थे.

उन्होंने कहा कि गठबंधन में मतभेद होना असामान्य नहीं है, लेकिन ऐसे मामलों को आपसी बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए. सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप से सहयोगियों के बीच विश्वास कमजोर हो सकता है.

‘ऐसा रवैया नहीं चलेगा’, गठबंधन में भरोसा बनाए रखने पर जोर

संजय निरुपम ने कहा कि महायुति के सभी घटक दलों को आपसी विश्वास बनाए रखने की जरूरत है. किसी भी नेता या दल को चुनाव परिणामों से नाराजगी है तो उसे सार्वजनिक बयानबाजी के बजाय गठबंधन के मंच पर अपनी बात रखनी चाहिए.

उन्होंने बीजेपी की चुनावी रणनीति और अकेले चुनाव जीतने की कोशिशों पर भी विचार करने की जरूरत बताई. उनका कहना था कि गठबंधन की मजबूती के लिए सभी सहयोगियों को एक-दूसरे की भूमिका और राजनीतिक हितों का सम्मान करना चाहिए.

नितेश राणे ने कांग्रेस के जश्न पर भी उठाए सवाल

नितेश राणे ने कांग्रेस के चुनाव परिणामों को लेकर किए जा रहे जश्न पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि नतीजों का विस्तृत विश्लेषण होने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी. उन्होंने नागपुर में चुनावी मुकाबले और निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले की भूमिका का जिक्र करते हुए कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाए.

राणे ने कहा कि चुनाव परिणामों को समझने के लिए समय देना होगा और जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं है.

पांच सीटों में MVA को तीन और महायुति को दो सीटें

महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटों के परिणामों में महाविकास आघाड़ी ने तीन सीटें जीतीं, जबकि महायुति को दो सीटों पर सफलता मिली.

  • नागपुर स्नातक सीट: कांग्रेस के अभिजीत वंजारी विजयी.

  • पुणे स्नातक सीट: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की हर्षदा देशमुख-जाधव विजयी.

  • मराठवाड़ा स्नातक सीट: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रतापसिंह पाटील विजयी.

  • पुणे शिक्षक सीट: बीजेपी के कौस्तुभ गावडे विजयी.

  • अमरावती शिक्षक सीट: शिवसेना (शिंदे गुट) के किरण सरनाईक विजयी.

इन नतीजों के बाद महायुति के भीतर चुनावी प्रदर्शन को लेकर समीक्षा की मांग और सहयोगी दलों के बीच बयानबाजी सामने आई है. अब देखना होगा कि गठबंधन के नेता इन मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझा पाते हैं या आने वाले दिनों में राजनीतिक खींचतान और बढ़ती है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-