नई दिल्ली. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर रविवार को दिल्ली में INDIA गठबंधन के नेताओं ने महारैली आयोजित की. इस प्रदर्शन में बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, कांग्रेस सांसद अखिलेश सिंह, बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव समेत कई नेता शामिल हुए. रैली में तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए.
तेजस्वी ने अपने संबोधन में कहा कि देश की जनता सब कुछ देख रही है. संवैधानिक संस्थाएं जिस तरह काम कर रही हैं, उससे लोकतंत्र को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात सुननी है या देश की जनता की.
'देश के लोकतंत्र को मिटने नहीं देंगे'
तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष देश के लोकतंत्र को कमजोर नहीं होने देगा. उन्होंने कहा, "हम देश के लोकतंत्र को मिट्टी में मिलने नहीं देंगे. हम बिहारी हैं, मिटने नहीं देंगे."
आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष भाजपा को हराने के लिए पूरी ताकत लगाएगा. उनके इस बयान को रैली में मौजूद समर्थकों ने जोरदार समर्थन दिया.
वोट चोरी के मुद्दे पर महाभारत का जिक्र
अपने भाषण में तेजस्वी यादव ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर जारी विवाद की तुलना महाभारत से की. उन्होंने कहा कि विपक्ष ने वोट चोरी के खिलाफ महाभारत छेड़ दिया है और जब शकुनी अपना खेल खेल रहे हैं तो उन्हें कुरुक्षेत्र में उतरना पड़ रहा है.
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग यह तय करने की कोशिश कर रहे हैं कि देश में कौन मतदान करेगा और कौन नहीं. तेजस्वी ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को निष्पक्ष तरीके से अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए.
RJD नेता ने यह भी मांग उठाई कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने ऐसे लोगों पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की बात भी कही.
पप्पू यादव भी पहुंचे, साधुओं के साथ दिखे सांसद
दिल्ली में आयोजित इस महारैली में पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भी शामिल हुए. उनके साधुओं के साथ पहुंचने की तस्वीरों और चर्चा ने भी राजनीतिक गलियारों में ध्यान खींचा. बिहार के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रैली में भाग लेकर SIR के विरोध में अपनी आवाज उठाई.
मुकेश सहनी को न्योता नहीं मिलने पर उठे सवाल
इस महारैली में विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी को मंच पर आमंत्रित नहीं किए जाने की बात भी सामने आई. इस पर सहनी ने कहा कि उनकी पार्टी के कई कार्यकर्ता रैली में शामिल हुए हैं.
उन्होंने अपनी राजनीतिक भूमिका को लेकर कहा कि वे मंच पर कुर्सी के पीछे बैठने के लिए नहीं हैं, बल्कि बिहार में अपनी पार्टी के नेतृत्व में आगे बढ़ेंगे. उनके इस बयान से INDIA गठबंधन के भीतर बिहार की राजनीतिक हिस्सेदारी और नेतृत्व को लेकर चर्चा शुरू हो गई है.
SIR को लेकर विपक्ष का चुनाव आयोग पर दबाव
रैली का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR रहा. विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की. नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची से जुड़े फैसलों का असर मतदान के अधिकार पर पड़ सकता है.
वहीं, तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन में साफ किया कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है. दिल्ली की इस महारैली के जरिए INDIA गठबंधन ने चुनावी प्रक्रिया, मतदाता अधिकार और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर अपनी राजनीतिक लड़ाई आगे बढ़ाने का संदेश दिया.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

