SIR विवाद पर अमित शाह की राहुल गांधी को खुली चुनौती, बोले- संसद में आमने-सामने बैठिए, हर सवाल का जवाब देंगे

SIR विवाद पर अमित शाह की राहुल गांधी को खुली चुनौती, बोले- संसद में आमने-सामने बैठिए, हर सवाल का जवाब देंगे

प्रेषित समय :16:25:17 PM / Thu, Nov 5th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

करनाल. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देश की राजनीति में जारी विवाद के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को संसद में बहस करने की चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है. यदि राहुल गांधी एसआईआर पर विशेष सत्र चाहते हैं तो उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इसकी मांग करनी चाहिए. सरकार इस विषय पर हर पहलू से चर्चा करने को तैयार है.

गुरुवार को हरियाणा के करनाल में भाजपा की ओर से आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि विपक्ष को आरोप लगाने के बजाय संसद में आकर सवालों का सामना करना चाहिए.

लगातार चुनावी हार को लेकर कांग्रेस पर निशाना

अमित शाह ने अपने संबोधन में राहुल गांधी और कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि देश की जनता ने नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री चुना है. इसके अलावा कई राज्यों में हुए चुनावों में भी भाजपा को जनसमर्थन मिला है.

उन्होंने हरियाणा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस को राज्य में सत्ता में वापसी की उम्मीद थी, लेकिन जनता ने लगातार तीसरी बार भाजपा को सरकार बनाने का अवसर दिया. उन्होंने महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार और असम समेत अन्य राज्यों के चुनाव परिणामों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी चुनावी हार का जिम्मेदार चुनाव आयोग और मतदाता सूची पुनरीक्षण को ठहरा रही है.

संसद में चर्चा से बचने का लगाया आरोप

गृह मंत्री ने कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण मंच है, जहां हर राजनीतिक दल को अपनी बात रखने और सवाल पूछने का अधिकार है. इसके बावजूद कांग्रेस महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के दौरान सदन की कार्यवाही बाधित करती है.

उन्होंने कहा कि भाजपा एसआईआर से जुड़े सभी सवालों का जवाब संसद में देने के लिए तैयार है. राहुल गांधी को भी संसद में आकर इस विषय पर चर्चा करनी चाहिए. शाह ने कहा कि सरकार संसद से लेकर गांव और खेत तक विपक्ष के आरोपों का जवाब देगी.

मतदाता सूची में 10 करोड़ नामों से जुड़ी विसंगतियों का दावा

एसआईआर प्रक्रिया का समर्थन करते हुए अमित शाह ने कहा कि मतदाता सूची को सही और त्रुटिरहित बनाना चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है. उनके अनुसार, मतदाता सूची में मृत व्यक्तियों, दूसरे स्थानों पर जा चुके लोगों और एक से अधिक जगह नाम दर्ज होने जैसी विसंगतियां मौजूद हैं.

उन्होंने दावा किया कि करीब 10 करोड़ नामों से जुड़ी इस तरह की समस्याएं सामने आई हैं. इसके अलावा लगभग तीन करोड़ लोगों के सत्यापन के लिए उपलब्ध नहीं होने का भी उल्लेख किया.

शाह ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण इसलिए जरूरी है, ताकि वास्तविक मतदाताओं के नाम सुरक्षित रहें और गलत तरीके से दर्ज नामों की पहचान की जा सके.

घुसपैठियों के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा

अमित शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह एसआईआर का विरोध करके घुसपैठियों को संरक्षण देने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का उद्देश्य अवैध रूप से देश में रह रहे घुसपैठियों की पहचान करना और कानून के अनुसार कार्रवाई करना है.

उन्होंने चुनाव आयोग की ओर से राजनीतिक दलों को बूथ स्तर पर प्रतिनिधि नियुक्त करने का अवसर दिए जाने का उल्लेख करते हुए कांग्रेस से सवाल किया कि उसके प्रतिनिधियों ने मतदाता सूची की जांच के दौरान अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभाई.

भाजपा के कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद

करनाल में आयोजित जनसभा में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष स्मृति ईरानी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए. अमित शाह ने भारत माता की जय और जय श्रीराम के नारों के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-