YouTube में बड़ा बदलाव अब नीचे नहीं मिलेगा Subscriptions टैब, Shorts और वीडियो क्रिएशन के लिए बदला पूरा मोबाइल ऐप

YouTube में बड़ा बदलाव अब नीचे नहीं मिलेगा Subscriptions टैब, Shorts और वीडियो क्रिएशन के लिए बदला पूरा मोबाइल ऐप

प्रेषित समय :22:36:08 PM / Sat, Nov 7th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. दुनिया के सबसे लोकप्रिय वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब ने अपने मोबाइल एप के इस्तेमाल के तरीके में बड़ा बदलाव करना शुरू कर दिया है. कंपनी ने आईओएस और एंड्रॉयड दोनों यूजर्स के लिए नए इंटरफेस का रोलआउट शुरू किया है. इस रीडिजाइन में सबसे बड़ा बदलाव एप के निचले नेविगेशन बार में देखने को मिलेगा. अब तक पांच बटन वाले इस मेन्यू में शामिल सब्सक्रिप्शन टैब को हटा दिया गया है. इसकी जगह केवल चार बटन होम, शॉर्ट्स, क्रिएट और प्रोफाइल दिखाई देंगे. कंपनी का नया डिजाइन खासतौर पर यूट्यूब शॉर्ट्स को बढ़ावा देने, वीडियो बनाने की प्रक्रिया को आसान करने और यूजर्स को उनकी पसंद के अनुसार कंटेंट उपलब्ध कराने पर केंद्रित है. इसके साथ ही प्लेटफॉर्म पर कस्टम फीड बनाने की सुविधा भी लाई जा रही है, जिससे यूजर्स अपनी पसंद के विषयों और चैनलों के आधार पर अलग-अलग वीडियो फीड तैयार कर सकेंगे.

पांच की जगह अब नीचे दिखाई देंगे केवल चार बटन

यूट्यूब के नए मोबाइल इंटरफेस में सबसे स्पष्ट बदलाव बॉटम नेविगेशन बार में किया गया है. पहले इस हिस्से में होम, शॉर्ट्स, क्रिएट, सब्सक्रिप्शन और प्रोफाइल के पांच विकल्प मौजूद थे. नए डिजाइन में सब्सक्रिप्शन टैब को नीचे से हटा दिया गया है. अब स्क्रीन के निचले हिस्से में केवल चार विकल्प दिखाई देंगे.

इनमें होम के जरिए यूजर्स को उनकी पसंद के वीडियो और सुझाव मिलेंगे. शॉर्ट्स विकल्प से छोटे वीडियो देखे जा सकेंगे. क्रिएट बटन वीडियो बनाने और अपलोड करने की प्रक्रिया तक पहुंच देगा, जबकि प्रोफाइल में यूजर अपने अकाउंट और व्यक्तिगत सेटिंग्स का प्रबंधन कर सकेंगे.

इस बदलाव के पीछे कंपनी की रणनीति मोबाइल एप को अधिक सरल बनाने के साथ शॉर्ट वीडियो और कंटेंट क्रिएशन को प्रमुखता देना है. नए इंटरफेस में शॉर्ट्स को अधिक दृश्यता दी गई है. इससे यूजर्स को एप खोलते ही छोटे वीडियो देखने और नए कंटेंट की खोज करने के अधिक अवसर मिलेंगे.

सब्सक्रिप्शन टैब हटाया नहीं, अब ऊपर मिलेगा नया विकल्प

सब्सक्रिप्शन टैब को निचले मेन्यू से हटाने का अर्थ यह नहीं है कि यूट्यूब ने सब्सक्राइब किए गए चैनलों तक पहुंच समाप्त कर दी है. कंपनी ने इस सुविधा को नए टॉप नेविगेशन बार में स्थानांतरित कर दिया है. अब होम स्क्रीन के ऊपरी हिस्से में होम, सब्स, म्यूजिक, लाइव और मोर जैसे विकल्प दिखाई देंगे.

सब्स विकल्प पर जाकर यूजर्स अपने पसंदीदा और सब्सक्राइब किए गए चैनलों के नए वीडियो और अपडेट देख सकेंगे. वहीं म्यूजिक और लाइव के जरिए संबंधित कंटेंट तक पहुंच मिलेगी. मोर विकल्प में मूवीज एंड टीवी, चार्ट्स, गेमिंग और मेंबरशिप जैसी अन्य सुविधाओं को शामिल किया गया है.

हालांकि, नए डिजाइन में सब्सक्रिप्शन तक पहुंचने का तरीका पहले की तुलना में थोड़ा अलग हो गया है. रिपोर्ट के अनुसार, एप खोलने के लगभग दो सेकंड बाद होम स्क्रीन का ऊपरी नेविगेशन बार अपने आप छिप सकता है. इसे दोबारा देखने के लिए यूजर्स को स्क्रीन पर दिखाई दे रही फीड को नीचे की ओर खींचना होगा. इसके बाद सब्स विकल्प पर टैप करके अपने सब्सक्राइब किए गए चैनलों के अपडेट देखे जा सकेंगे.

होम स्क्रीन पर बढ़ेगा Shorts का दबदबा

यूट्यूब के नए डिजाइन में शॉर्ट्स को विशेष प्राथमिकता दी गई है. होम स्क्रीन पर पहले की तुलना में शॉर्ट वीडियो को अधिक जगह मिलती दिखाई देगी. इससे यूजर्स को छोटे वीडियो आसानी से मिल सकेंगे और वे लगातार नए कंटेंट की खोज कर पाएंगे.

कंपनी ने हालांकि उन यूजर्स के लिए भी विकल्प रखा है, जो होम स्क्रीन पर बहुत अधिक शॉर्ट्स नहीं देखना चाहते. नए टॉप नेविगेशन बार के पास दिए गए तीन डॉट वाले मेन्यू में 'Show fewer Shorts' का विकल्प उपलब्ध कराया गया है.

इस विकल्प को चुनने पर यूट्यूब यूजर को संदेश दिखाता है कि अब होम स्क्रीन पर कम शॉर्ट्स दिखाए जाएंगे. यदि यूजर बाद में अपना फैसला बदलना चाहता है तो उसके लिए अनडू का विकल्प भी मौजूद रहेगा. इस तरह कंपनी शॉर्ट्स को बढ़ावा देने के साथ यूजर्स को अपनी पसंद के अनुसार कंटेंट नियंत्रित करने का अवसर भी दे रही है.

अपनी पसंद के अनुसार बना सकेंगे कस्टम वीडियो फीड

नए रीडिजाइन में सबसे दिलचस्प सुविधाओं में कस्टम फीड का विकल्प शामिल है. इसका उद्देश्य यूजर्स को केवल प्लेटफॉर्म के सामान्य रिकमेंडेशन पर निर्भर रखने के बजाय अपनी पसंद के अनुसार वीडियो देखने की सुविधा देना है.

यह फीचर नए टॉप नेविगेशन बार के बाईं ओर प्लस (+) के निशान के रूप में दिखाई देगा. इस पर टैप करके यूजर अपनी पसंद का नया फीड तैयार कर सकेंगे. इसके लिए उन्हें सामान्य बोलचाल की भाषा में यह बताना होगा कि वे किस तरह के वीडियो देखना चाहते हैं.

उदाहरण के लिए, कोई यूजर तकनीक से जुड़े नए वीडियो, स्मार्टफोन रिव्यू और गैजेट्स की जानकारी एक ही फीड में देखना चाहता है तो वह अपनी पसंद के अनुसार इसका विवरण दे सकता है. इसी तरह शिक्षा, खेल, मनोरंजन, समाचार, यात्रा, विज्ञान या किसी विशेष विषय से संबंधित वीडियो के लिए भी अलग फीड तैयार किया जा सकेगा.

कस्टम फीड में केवल विषय ही नहीं, बल्कि पसंदीदा चैनल और वीडियो की शैली भी शामिल की जा सकती है. इससे यूजर्स के लिए अपनी रुचि के अनुसार कंटेंट खोजना आसान हो सकता है.

फ्री और प्रीमियम यूजर्स के लिए अलग-अलग सीमा

यूट्यूब ने कस्टम फीड सुविधा के इस्तेमाल को लेकर फ्री और प्रीमियम ग्राहकों के लिए अलग-अलग सीमा निर्धारित की है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सामान्य यानी फ्री यूजर्स एक समय में अधिकतम तीन सक्रिय कस्टम फीड बना सकेंगे. वहीं यूट्यूब प्रीमियम ग्राहकों को आठ सक्रिय कस्टम फीड तक जोड़ने की सुविधा मिलेगी.

इस अंतर से स्पष्ट है कि कंपनी अपनी नई व्यक्तिगत कंटेंट सुविधाओं को प्रीमियम सब्सक्रिप्शन से भी जोड़ रही है. हालांकि, फ्री यूजर्स को भी अपनी पसंद के अनुसार अलग-अलग फीड बनाने का विकल्प मिलेगा.

कस्टम फीड की सुविधा फिलहाल सभी यूजर्स के लिए एक साथ उपलब्ध नहीं होगी. कंपनी इसे आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चरणबद्ध तरीके से रोलआउट करेगी. इसलिए संभव है कि कुछ देशों और क्षेत्रों में यह फीचर पहले दिखाई दे, जबकि अन्य जगहों के यूजर्स को इसके लिए इंतजार करना पड़े.

कंटेंट देखने और बनाने के अनुभव में बदलाव की तैयारी

यूट्यूब का यह रीडिजाइन केवल बटनों की जगह बदलने तक सीमित नहीं है. इसके जरिए कंपनी मोबाइल पर वीडियो देखने, शॉर्ट्स एक्सप्लोर करने और नया कंटेंट तैयार करने के अनुभव को एक नए स्वरूप में पेश करना चाहती है.

निचले नेविगेशन बार को चार विकल्पों तक सीमित करने से स्क्रीन पर सरलता आएगी, जबकि सब्सक्रिप्शन को ऊपर स्थानांतरित करने से कंटेंट की खोज का तरीका बदलेगा. दूसरी ओर कस्टम फीड यूजर्स को अपनी रुचि के अनुसार वीडियो व्यवस्थित करने की सुविधा देगी.

वीडियो प्लेटफॉर्म के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा में शॉर्ट वीडियो का महत्व लगातार बढ़ा है. ऐसे में यूट्यूब का नया इंटरफेस उसकी इसी रणनीति को आगे बढ़ाता है. हालांकि, यूजर्स इस बदलाव को कितना पसंद करते हैं और नया नेविगेशन उनके लिए कितना सुविधाजनक साबित होता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा. फिलहाल आईओएस और एंड्रॉयड पर नए डिजाइन का रोलआउट शुरू होना मोबाइल वीडियो देखने के अनुभव में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-