दिवाली पार्टी में अनन्या पांडे ने लौटाया 2001 का जादू, रानी मुखर्जी के ‘शावा शावा’ लहंगे को नए अंदाज में पहनकर बटोरी सुर्खियां

दिवाली पार्टी में अनन्या पांडे ने लौटाया 2001 का जादू, रानी मुखर्जी के ‘शावा शावा’ लहंगे को नए अंदाज में पहनकर बटोरी सुर्खियां

प्रेषित समय :22:45:45 PM / Sat, Nov 7th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. फैशन की दुनिया में कुछ परिधान ऐसे होते हैं, जो समय के साथ पुराने नहीं पड़ते, बल्कि हर नए दौर में अपनी खूबसूरती और आकर्षण के साथ फिर से चर्चा में आ जाते हैं. बॉलीवुड की फिल्में और उनमें नजर आने वाले सितारों के परिधान भी फैशन के ऐसे ही यादगार अध्याय रचते हैं. वर्ष 2001 में रिलीज हुई करण जौहर की फिल्म ‘कभी खुशी कभी गम’ का ऐसा ही एक यादगार फैशन लुक इन दिनों फिर सुर्खियों में है. फिल्म के लोकप्रिय गाने ‘शावा शावा’ में रानी मुखर्जी का पहना हुआ चमकदार सिल्वर लहंगा एक बार फिर फैशन प्रेमियों की चर्चा का केंद्र बन गया है. इस बार इस पुराने अंदाज को नया रूप दिया है अभिनेत्री अनन्या पांडे ने. मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा की दिवाली पार्टी में अनन्या इसी प्रतिष्ठित लुक से प्रेरित सिल्वर सीक्विन लहंगे में पहुंचीं. उनके इस अंदाज ने न केवल पुरानी फिल्म की यादें ताजा कर दीं, बल्कि यह भी दिखाया कि दो दशक से अधिक पुराना फैशन आज भी नए प्रयोगों के साथ उतना ही आकर्षक हो सकता है.

जब पुराने बॉलीवुड फैशन ने नए दौर में ली एंट्री

बॉलीवुड में फिल्मों का प्रभाव केवल कहानियों, संगीत और अभिनय तक सीमित नहीं रहता. कई बार फिल्मों में पहने गए कपड़े भी अपनी अलग पहचान बना लेते हैं. ‘कभी खुशी कभी गम’ ऐसी ही फिल्मों में शामिल है, जिसके परिधान आज भी फैशन के संदर्भ में याद किए जाते हैं. फिल्म में रानी मुखर्जी की छोटी, लेकिन यादगार भूमिका और उनका पारंपरिक ग्लैमरस अंदाज दर्शकों के मन में अपनी छाप छोड़ गया था.

गाने ‘शावा शावा’ में रानी का सिल्वर सीक्विन लहंगा उस दौर के चमकदार पार्टी फैशन का शानदार उदाहरण था. इस परिधान में पारंपरिक भारतीय पहनावे के साथ आधुनिक ग्लैमर का मेल दिखाई देता था. यही वजह है कि इतने वर्षों बाद भी यह लुक फैशन प्रेमियों और डिजाइनरों के लिए प्रेरणा बना हुआ है.

अनन्या पांडे ने इसी यादगार अंदाज को अपने तरीके से दोहराकर पुरानी फिल्म के फैशन को एक नई पीढ़ी से जोड़ दिया.

मनीष मल्होत्रा की दिवाली पार्टी में दिखा खास अंदाज

पांच नवंबर को आयोजित मनीष मल्होत्रा की वार्षिक दिवाली पार्टी में अनन्या पांडे का सिल्वर लहंगा खास आकर्षण बना. इस लुक की तैयारी में अभिनेत्री के साथ उनकी स्टाइलिस्ट प्रियंका कपाड़िया भी शामिल थीं. दोनों ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर रानी मुखर्जी के पुराने लहंगे की तस्वीर साझा करते हुए ‘मूड टुनाइट’ लिखा और डिजाइनर मनीष मल्होत्रा को टैग किया.

इस संकेत के बाद अनन्या के तैयार होने के वीडियो सामने आए, जिनमें वह इसी प्रेरणा से तैयार किए गए आधुनिक लहंगे में ‘शावा शावा’ गाने पर डांस करती नजर आईं. इस तरह उनका पहनावा केवल एक फैशन स्टेटमेंट नहीं रहा, बल्कि पुराने बॉलीवुड संगीत और स्टाइल को सम्मान देने वाला एक खूबसूरत प्रयास भी बन गया.

दिलचस्प बात यह है कि मूल फिल्म के परिधान भी मनीष मल्होत्रा ने ही डिजाइन किए थे. ऐसे में उनके ही तैयार किए गए आधुनिक संस्करण में अनन्या का नजर आना इस फैशन कहानी को और खास बना देता है.

सीक्विन की चमक में सिमटा रेट्रो और मॉडर्न फैशन

अनन्या के लहंगे की सबसे बड़ी खासियत इसकी चमकदार सीक्विन कारीगरी है. पूरे परिधान में सिल्वर शिमर का इस्तेमाल किया गया है, जो रोशनी पड़ने पर अलग-अलग कोणों से चमकता है. इस लहंगे में पारंपरिक भारतीय पहनावे को आधुनिक पार्टी फैशन के अनुरूप ढाला गया है.

इसकी ब्रालेट ब्लाउज, मरमेड स्टाइल स्कर्ट और हल्के ऑर्गेंजा दुपट्टे का संयोजन इसे आकर्षक बनाता है. मूल लुक से प्रेरित कमर पर जड़ाऊ बेल्ट, स्पेगेटी स्ट्रैप और मिडरिफ दिखाने वाली छोटी ब्लाउज लंबाई को भी इसमें शामिल किया गया है.

हालांकि, डिजाइन में आधुनिक बदलाव किए गए हैं, जिससे यह पहनावा पुराने लहंगे की हूबहू नकल बनने के बजाय एक नया फैशन रूप प्रस्तुत करता है. यही इसकी सबसे बड़ी खूबी है. इसमें रेट्रो अंदाज की पहचान भी बनी रहती है और आज के फैशन ट्रेंड की झलक भी दिखाई देती है.

ब्रालेट ब्लाउज और मरमेड स्कर्ट ने बनाया आकर्षण

इस परिधान का ब्रालेट ब्लाउज खास डिजाइन के साथ तैयार किया गया है. इसमें गहरी नेकलाइन और इनफिनिटी स्टाइल का पैटर्न दिया गया है. इसकी छोटी लंबाई कमर के हिस्से को उभारती है, जबकि सीक्विन वर्क पूरे ब्लाउज को चमकदार बनाता है. इसकी फिटिंग पहनावे को आधुनिक और ग्लैमरस रूप देती है.

लहंगे की स्कर्ट मरमेड सिल्हूट में तैयार की गई है. यह कमर और कूल्हों के आसपास फिट रहती है और नीचे की ओर फैलती है. लो-वेस्ट डिजाइन के साथ कमर के ठीक नीचे एक नाजुक मेटैलिक ज्वेल्ड बेल्ट लगाई गई है. यह छोटी-सी एक्सेसरी पूरे पहनावे को अलग पहचान देती है.

इसके साथ हल्के ऑर्गेंजा कपड़े का दुपट्टा बांहों पर ड्रेप किया गया है. दुपट्टे की पारदर्शी बनावट चमकदार लहंगे के साथ संतुलन बनाती है और पूरे लुक को अधिक नफासत प्रदान करती है.

कम गहनों में भी दिखा शाही अंदाज

अनन्या के इस लुक की खूबसूरती केवल लहंगे तक सीमित नहीं रही. इसके साथ चुने गए आभूषणों ने भी पूरे पहनावे को खास बनाया. स्टाइलिंग में भारी ज्वेलरी के बजाय आकर्षक लेकिन सीमित डायमंड ज्वेलरी को प्राथमिकता दी गई.

उन्होंने कुशन कट डायमंड से सजा सिंगल रो नेकलेस पहना, जिसने गहरी नेकलाइन के साथ खूबसूरत संतुलन बनाया. इसके साथ झुमकी स्टाइल इयररिंग्स और एमराल्ड कट डायमंड रिंग्स पहनी गईं. आभूषणों का यह संयोजन बताता है कि चमकदार परिधान के साथ बहुत अधिक गहनों की आवश्यकता नहीं होती. सही डिजाइन और सीमित एक्सेसरीज भी पूरे व्यक्तित्व को प्रभावशाली बना सकती हैं.

खुले बाल और सॉफ्ट मेकअप ने पूरा किया लुक

अनन्या ने अपने बालों को बीच की मांग निकालकर खुला रखा. सॉफ्ट वेव्स के साथ कंधों पर गिरते बालों ने उनके लुक को सहज और आकर्षक बनाया. यह हेयरस्टाइल चमकदार लहंगे के साथ एक संतुलित प्रभाव पैदा करता है.

मेकअप में भी ग्लैमरस लेकिन संतुलित अंदाज अपनाया गया. उनकी भौंहों को गहरा आकार दिया गया, आंखों पर ब्राउन आईशैडो लगाया गया और पलकों पर मस्कारा इस्तेमाल किया गया. आंखों के ऊपरी और निचले हिस्से पर हल्का स्मज्ड आईलाइनर लगाया गया.

गालों पर हल्का ब्लश, चेहरे पर चमकदार हाइलाइटर और होंठों पर ग्लॉसी पिंक लिप कलर ने मेकअप को पूरा किया. इस तरह पूरे लुक में चमक और कोमलता का संतुलन दिखाई दिया.

क्यों लौट रहा है पुराने बॉलीवुड फैशन का जादू

अनन्या पांडे का यह अंदाज केवल एक दिवाली पार्टी की फैशन चर्चा नहीं है. यह उस बदलते फैशन ट्रेंड की ओर भी इशारा करता है, जिसमें पुराने दौर के लोकप्रिय परिधानों को नए प्रयोगों के साथ दोबारा अपनाया जा रहा है.

आज फैशन प्रेमी केवल नए डिजाइन की तलाश नहीं करते, बल्कि ऐसे परिधानों को भी पसंद करते हैं जिनके पीछे कोई कहानी, याद या सांस्कृतिक पहचान जुड़ी हो. बॉलीवुड की पुरानी फिल्मों के लोकप्रिय लुक इस लिहाज से डिजाइनरों के लिए प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत बन रहे हैं.

रानी मुखर्जी का ‘शावा शावा’ लहंगा इसका उदाहरण है. अनन्या ने इसे आधुनिक अंदाज में पहनकर साबित किया कि फैशन की असली खूबसूरती केवल नएपन में नहीं, बल्कि पुराने अंदाज को नए समय के अनुरूप प्रस्तुत करने की कला में भी छिपी होती है.

दिवाली जैसे उत्सव में चमकदार परिधान, पारंपरिक आभूषण और आधुनिक स्टाइल का यह मेल उन महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन सकता है, जो त्योहारों और खास अवसरों पर कुछ अलग पहनना चाहती हैं. इस लुक का संदेश साफ है कि फैशन बदलता जरूर है, लेकिन खूबसूरत डिजाइन और यादगार अंदाज कभी पुराने नहीं होते.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-