प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ मोदी के लोग, जी हाँ ,ये सच है,आप माने या न माने,भाजपा में पुरानी वाली कांग्रेस शैली में आंतरिक जंग की शुरुआत हो चुकी है.

यदि आप भारतीय राजनीति को हमारी नज़र से देखें  तो आपको हमारी बातों में काफी दम लगेगा. ये प्रधानमंत्री मोदी जी के लिए शुभ संकेत नहीं कहे जा सकते. पार्टी का तथाकथित आंतरिक अनुशासन गड़बड़ाने लगा है.कर्नाटक की करारी हार के बाद उन विशेष विरोधियों के पर पूरी तरह से खुल गए हैं और उड़ने की तैयारी में जुट गए हैं.उन नए वीर शूरमाओ में दो नाम तेजी से उभर कर सामने आ रहें हैं .एक भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय  अध्यक्ष  और मौजूदा केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और दुसरे विदेश मंत्री सुषमा स्वराज हैं. पंडितों की माने तो दोनों की जन्म कुंडलियों में प्रधान मंत्री बनने क योग बताया जाता है.

राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं पर भरोसा किया जाये तो राजनाथ सिंह एवं उनकी टोली 2019 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर गुपचुप तरीके से अपने आका को 7,लोक कल्याण मार्ग का निवासी बनाने में जुट गयी हैं. राजनाथ के पैरोकार भारत सहित अमेरिका.कनाडा,ब्रिटेन और मध्य पूर्व देशों में भी लोबिंग कर रहे हैं.

देश में राजनाथ सिंह- मोदी और भाजपा के विरोधी तेलुगु देशम,तेलंगाना राष्ट्र समिति ,तृणमूल कांग्रेस समेत अन्य विरोधी दलों के सम्पर्क में है.पिछले 3 महीनों में इन सभी दलों के नेताओ से राजनाथ सिंह और उनके सिपहसालारों से कई दौर की बातचीत हो चुकी हैं.इस कार्य में राजनाथ सिंह के पुराने समर्थको में शिवराज सिंह चौहान,डॉ रमण सिंह,वसुंधरा राजे के साथ उनके सलाहकार डॉ सुधांशु त्रिवेदी भी काफी सक्रिय बताये जा रहे हैं.क्योकि ये सभी मोदी जी से अपने अपने कारणों से परेशान बताये जा रहे हैं.

राजनाथ सिंह को अभी से सक्रिय होने के पीछे का तर्क ये हैं कि यदि 2019 के आम चुनाव में श्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा को बहुमत नहीं मिलता है तो उस स्थिति में एकमात्र बड़ी पार्टी की स्थिति में मोदी प्रधान मंत्री नहीं बन सकते ,क्योकि क्षत्रिय दल मोदी के नाम पर समर्थन कतई नहीं देंगे,जबकि राजनाथ सिंह उन सबके लिए इंद्र कुमार गुजराल के तर्ज़ पर सर्व सम्मत से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हो सकते हैं.सर्वमान्य महिला नेता के नाम पर सुषमा स्वराज का नाम भी रखा गया है .इससे नरेद्र भाई मोदी के 2019 के अजेय रथ को रोका जा सकता है.गौरतलब है टीआरएस,तेलुगु देसम सहित कई दल प्रधानमंत्री मोदी से नाराज़ होकर एनडीए से अलग हो चुके हैं और मोदी विरोध के नाम पर फ़ेडरल फ्रंट बनाकर नया खेल खेलने की तैयारी में जुट गए हैं .

प्रधानमंत्री मोदी से अपनों की नाराजगी के कई कारण बताये जा रहे है.जिसमे कुछ सही तो कुछ गलत हैं.कहा जाता रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने सरकार की सारी कमान अपने हाथ में ले रखी है.वह किसी की कुछ सुनते नहीं.मनमाना काम करते है और किसी मंत्री को कुछ भी नहीं करने देते.इस वजह से नौकरशाह सरकार पर पूरी तरह हावी हो गए हैं.जबकि वास्तविकता कुछ और है.ख़बरों के अनुसार, जिस मंत्री को अपने स्वार्थ का काम करना होता है या कराना होता है.वो तो हो जाता है.जिसमे किसी भी मंत्री का निहित स्वार्थ फलित होता नहीं दिखता,वहां पर मोदी बाबा की जय बोलकर टरका दिया जाता है .स्वतंत्रता सबको है.नियंत्रण जरुरी है.पर मोदी जी का वैसा नियंत्रण नहीं हैं ,जैसा कि मोदी के खिलाफ दुष्प्रचारित किया जा रहा है.

इस बारे में हाल में एक बड़ा जीवंत उदाहरण देखने को मिला.जिसमे विला वजह प्रधानमंत्री मोदी जी की किरकिरी कराने की कोशिश की गयी .मोदी जी का नाम लेकर देश,पार्टी और मोदी जी के खिलाफ कार्यक्रम की बाते विदेश मंत्रालय के कुछ अफसरों द्वारा उड़ाई गयी.पर ऐन मौके पर प्रधानमंत्री मोदी जी और उनके कार्यालय की चुस्ती और मुस्तैदी की वजह से वो एक बड़ी साज़िश निष्फल रही.वो मसला था  15 अप्रैल 2018 को न्यू जर्सी ,अमेरिका की एक संस्था द्वारा विश्व शांति सम्मलेन का आयोजन का .जिसे विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके कुछ अफसरों द्वारा रोकने की असफल कोशिश की गयी.जबकि प्रधानमंत्री मोदी जी ने उस वैश्विक कार्यक्रम के लिए समर्थन और आशीर्वाद दिया था. उस कार्यक्रम की सफलता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि न्यू जर्सी असेंबली और सीनेट ने विशेष तौर पर एक  संयुक्त प्रस्ताव पारित कर उस संस्था के कार्यों की तहे दिल से सराहना की .

बताया जाता है कि कई मंत्रियों और अतिथियों को ये झूठ बोलकर उस सम्मेलन में जाने से रोका गया कि उस सम्मलेन में मोदी विरोध ,भारत विरोध और हिन्दू विरोध की बात की जाने वाली है.जबकि ऐसा कुछ न तो होना था न ही हुआ .उस कार्यक्रम प्रवासी भारतीयों का काफी संख्या में मौजूदगी रही.ये सब सिर्फ मोदी विरोध के लिए आन्तरिक तौर पर किया गया और वो भी बड़े बड़े झूठों का सहारा लेकर.

यदि हम पिछले 4 साल के मोदी राज के विदेश मसले का आकलन करे तो कुछ देशों के सिवा प्रधान मंत्री मोदी के कार्य कलापों की जानकारियों के बारे में सम्बन्धित मिशनो की कोई रूचि नहीं दिखती.क्योकि आज भी कई मिशनों में कांग्रेस संस्कृति से ग्रसित अफसर बैठे हैं और गाहे –बगाहे मोदी सरकार की किरकिरी कराते रहते हैं.

इस सन्दर्भ में प्रधानमंत्री मोदी जी के पहल पर विभिन्न मिशनों में तैनात किये गए “भारतीय संस्कृति शिक्षकों” की हालात और हालत काबिले गौर है. ये अपने में एक बहुत बड़ी कहानी है.वे सारे शिक्षक बेचारे हैं और विभिन्न दूतावासों के शोषण का शिकार हो रहे हैं.क्योकि उनके एग्रीमेंट को सही तरीके से परिभाषित नहीं किया गया है.ज्यादातर शिक्षको ने विदेश मंत्री सुषमा जी से अपना दुखड़ा भी रोया.पर आज तक कुछ नहीं हुआ.उनमे कई लोगो से कहा गया  कि जो करेंगे मोदी जी करेंगे.

सम्भवतः मोदी विरोध की सुनियोजित साज़िश के तहत ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज द्वारा 23 सितम्बर 2017 को संयुक्त राष्ट्र में दिए गए भाषण से प्रधानमंत्री मोदी जी की देश में काफी किरकिरी हुयी.सूत्रों की माने तो उस भाषण में पूर्व में तय किये कई मसलो को सुषमा स्वराज ने दरकिनार कर दिया.मोदी सरकार की उपलब्धियों पर कम पिछली सरकार की वकालत कुछ ज्यादा की गयी .जिसे बाद में कांग्रेस नें मोदी जी के खिलाफ एक बड़ा मुद्दा बनाया.गौरतलब है प्रधानमंत्री मोदी का मत कुछ और रहा है.मोदी जी ने सुषमा जी की समग्र भलाई के लिए सब कुछ  किया.जो सभी को पता है.

हाल में कर्नाटक का चुनाव परिणाम भी मोदी विरोध से ग्रसित बताया जा रहा है.सूत्रों के अनुसार राजनाथ सिंह और सुषमा स्वराज का संयुक्त खेल से कई प्रकार की गड़बड़ियाँ हुयी.केन्द्रीय मंत्री और प्रभारी प्रकाश जावडेकर और महासचिव मुरलीधर राव से भी कई गलतियां हुयी.पर ऐसा क्यों? ये भी एक गहन शोध का मसला है.गौरतलब है सुषमा स्वराज कर्नाटक से चुनाव लड़ चुकी हैं.

मोदी विरोध के तहत केन्द्रीय मंत्री राम विलास पासवान और राज्य मंत्री रामदास अठावले भी अपनी अपनी गोटियाँ सकने में लग गए हैं.दोनों नेताओ की कांग्रेस के कई नेताओ से कई दौर की वार्ता हो चुकी है. ये कभी अपना पाला बदल ले तो कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी.इन दोनों का इतिहास सबको पता है.

बिहार से कई दलों से होकर आये रालोसपा के अध्यक्ष और केन्द्रीय राज्य मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा की हालत भी डावाडोल है.ये भी मोदी सरकार में खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं.हालाँकि हमारे पास कई ऐसे तथ्य हैं ,जिससे प्रधानमंत्री मोदी द्वारा काबिना मंत्रियों के अलावा कई राज्य मंत्रियों को भी काम करने की खुली छूट दी गयी हैं.

कुछ कांग्रेस भक्त वरिष्ठ नौकरशाहों का एक समूह भी  भी मोदी सरकार के खिलाफ आन्तरिक तौर पर सरकार को कमजोर करने की नीयत से काम करना शुरू कर दिया है.जिस पर समय रहते नियंत्रण और निवारण की जरुरत है .प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी को अपनी शैली में कुछ अहम बदलाव की जरुरत दिखती है.जिसके श्री मोदी खुद बड़े विशेषज्ञ रहे हैं .इसलिए कोई कुछ भी कर ले ,कह ले ,सभी अपने अपने सपने और घोड़े खोल ले ,पर 2019 में भी डंका तो प्रधानमंत्री मोदी जी का ही बजेगा.सिर्फ जरुरत है मोदी जी को अपनी शैली और रणनीति में विशेष बदलाव की ...


जानिए 2016 में कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में

1. असम में पुलिस फायरिंग के चलते टूटा हाई वॉल्टेज तार, 11 लोगों की मौत, 20 घायल

2. केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, जांच में मैगी सफल: नेस्ले इंडिया

3. गैर-चांदी आभूषणों पर उत्पाद शुल्क को लेकर जेटली अडिग

4. शंकराचार्य का विवादित बोल- साई पूजा की देन है महाराष्ट्र का सूखा

5. कन्हैया और उमर खालिद समेत 5 छात्र हो सकते है JNU से सस्पेंड

6. करोड़ों लोगों ने देखा प्यार का ये इजहार, आप भी जरूर देखिए

7. महाराष्ट्रः बार-बालाओं पर पैसे लुटाने या उन्हें छूने पर होगी सजा

8. नितिन गडकरी की पीएम मोदी को सलाह, गजलें सुनें, टेंशन फ्री रहें

9. कोल्लम हादसा-मंदिर के पास मिली विस्फोटकों से भरी तीन गाड़ि‍यां

10. शत्रु ने की नीतीश जमकर तारिफ, कहा- 2019 में PM पद के दावेदार

11. पाक अदालत में सबूत के तौर पर पेश हुआ ग्रेनेड फटा, 3 घायल

12. असम-बंगाल में हुई बंपर वोटिंग, CM गोगाई के खिलाफ केस दर्ज


************************************************************************************

बॉलीवुड      कारोबार      दुनिया      खेल      इन्फो     राशिफल     मोबाइल

************************************************************************************


पलपलइंडिया का ऐनडरोएड मोबाइल एप्प डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे.

खबरे पढने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने, ट्विटर और गूगल+ पर फालो भी कर सकते है.



अन्य जानकारियां :

सुरुचि: इस पेज पर कुकिंग और रेसेपी के बारे में रोज़ जानिए कुछ नया

तनमन: इस पेज पर जाने सेहतमंद रहने के तरीके और जानकारियां

शैली: यह पेज देगा स्टाइल और ब्यूटीटिप्स सहित लाइफस्टाइल को नया टच

मंगलपरिणय: इस पेज पर मिलेगी विवाह से जुड़ी हर वो जानकारी जिसे आप जानना चाहेंगी

आधी दुनिया: यह पेज साझा करता है महिलाओं की जिन्दगी के हर छुए-अनछुए पहलुओं को

यात्रा: इस पेज पर जानें देश-विदेश के पर्यटन स्थलों को

वास्तुशास्त्र: यह पेज देगा खुशहाल जिन्दगी की बेहद आसान टिप्स