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फादर्स डे पर विशेष:छोटी ही रहना चाहती हूं...पापा

मनोज कुमार

अखबार पढ़ते हुये अचानक नजर पड़ी कि फादर्स डे आना वाला है. फादर्स डे जैसा चलन नए जमाने का है. सही मायनों में यह दिन पिता का दिन नहीं बल्कि बाजार का दिन है. भारतीय संस्कृति में पिता का दिन अर्थात वह दिन जब उनकी मृत्यु के पश्चात उनकी शांति के लिए तर्पण करते हैं. श्राद्ध पक्ष में यह क्रिया दिवंगत हो चुके परिवार के हर व्यक्तियों के लिए होती है लेकिन नए जमाने में पिता के इस खास दिन को बिसरा दिया गया है. पिता हो, माता हो, दादा-दादी हो या जीवनसाथी बाजार ने सबके लिए दिन नियत कर दिया है. यह दिन बाजार के लिए उत्सव का है लेकिन भारतीय संस्कृति और परम्परा के तर्पण का दिन है. हालांकि इस खराब हालात के बाद भी मेरा भरोसा टूटा नहीं है. छी



मोदी सरकार का भ्रष्टाचार पर सशक्त वार

ललित गर्ग

नरेन्द्र मोदी सरकार ने करप्शन पर सशक्त वार करते हुए भ्रष्टाचार और पेशेवर कदाचार के आरोप में आयकर विभाग के 12 वरिष्ठ अधिकारियों को सेवा से जबरन रिटायर करने का सराहनीय निर्णय लेकर एक मिसाल कायम की है.वरिष्ठ और अहम पदों पर बैठे भारतीय राजस्व सेवा के इन दंडित अधिकारियों पर रिश्वतखोरी, उगाही, यौन शोषण, अफसरशाही जैसे गंभीर आरोप हैं.वित्त मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत आयकर विभाग आर्थिक और वित्तीय संरचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.मेहनत और ईमानदारी से अर्जित आय पर कर का भुगतान करनेवाले करदाताओं के बरक्स एक श्रेणी ऐसे लोगों की भी है, जो भ्रष्ट अधिकारियों से सांठ-गांठ कर करोड़ों रुपये की कर चोरी करते हैं एवं प्र



लोहा और गरम होना अभी बाकी है...

प्रकाश भटनागर

लोहा गरम है. लेकिन वह फिलहाल ममता बनर्जी के दिमाग से कम ही गरम हो पाया है. लिहाजा उस पर हथौड़ा चलाने का यह फिलहाल उचित अवसर नहीं है. हालात के बहाने हिसाब चुकाने का सही समय आ गया दिखता है, किंतु वह आया नहीं है. हां, खुशबू बता रही है कि वो रास्ते में है, मौजे-हवा के हाथ में उसका सुराग है. इसलिए  पश्चिम बंगाल के मामले में राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी को थोड़ा सा इंतजार कीजिए की तर्ज पर खुद को थामे रखना चाहिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को  हम अभी से क्या बताएं, क्या हमारे दिल में है वाले अंदाज में संयम रखना होगा.   पिछले दो-तीन से चर्चा सरगर्म है कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन



रेव पार्टियों के नशे की भेंट चढ़ती युवापीढ़ी

ललित गर्ग

दिल्ली के युवा वर्ग में रेव पार्टियों का बढ़ता प्रचलन गंभीर चिन्ता का विषय है, एक त्रासदी है, विडम्बना है. ऐसे बहुत से गिरोह सक्रिय हैं जो दिल्ली के युवावर्ग को नशे की दलदल में ढकेल रहे हैं. दिल्ली और एनसीआर में एक के बाद एक पकड़ी जा रही रेव पार्टियों से स्पष्ट है कि दिल्ली का युवा वर्ग नशे की चपेट में आ चुका है. पहले उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक फार्म हाउस में चल रही रेव पार्टी पर छापा मारा गया था, तब 192 लोगों को गिरफ्तार किया गया था जिनमें 31 युवतियां भी शामिल थीं. अब दिल्ली के छतरपुर में एक कम्पाउंड में रेव पार्टी पर छापेमारी की गई. दिल्ली पुलिस और एक्साईज डिपार्टमेंट की कार्रवाई में नाबालिग लड़कों और लड़कियों समेत एक



करना होगा ऐसे दरिंदों का सामाजिक बहिष्कार

डाँ नीलम महेंद्र

हर आँख नम है हर शख्स शर्मिंदा है क्योंकि
आज मानवता शर्मसार है इंसानियत लहूलुहान है

एक वो दौर था जब नर में नारायण का वास था लेकिन आज उस नर पर पिशाच हावी है. एक वो दौर था जब आदर्शों नैतिक मूल्यों संवेदनाओं से युक्त चरित्र किसी सभ्यता की नींव होते थे लेकिन आज का समाज तो इनके खंडहरों पर खड़ा है. वो कल की बात थी जब मनुष्य को अपने इंसान होने का गुरूर था लेकिन आज का मानव तो  खुद से ही शर्मिंदा है. क्योंकि आज उस पिशाच के लिए न उम्र की सीमा है न शर्म का कोई बंधन. ढाई साल की बच्ची हो या आठ माह की क्या फर्क पड़ता है. मासूमियत पर हैवानियत हावी हो जाती है. लेकिन इस प्रकार की घटनाओं का सबसे शर्मनाक पहलू यह है कि ऐसी घटनाएं आज हमा



आखिर कहां जाएं बेटियां?

प्रो.संजय द्विवेदी

अलीगढ़ से भोपाल तक हमारी बेटियों पर दरिंदों की बुरी नजर है. आखिर हमारी बेटियां कहां जाएं जाएं ? इस बेरहम दुनिया में उनका जीना मुश्किल है. “यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता” (जहां नारियों की पूजा होती है देवता वहां निवास करते हैं)का मंत्रजाप  करने वाले देश में क्या बच्चियां और स्त्रियां इतनी असुरक्षित हो गयी हैं कि उनका चलना कठिन है. शहर-दर-शहर उन पर हो रहे हमले और शैतानी हरकतें बताती हैं कि हमारा अपनी जड़ों से नाता टूट गया है. अपने को साबित करने के लिए निकली औरत के खिलाफ शैतानी ताकतें लगी हैं. वे उन्हें फिर उन्हीं कठघरों में बंद कर देना चाहती हैं, जिन्हें सालों बाद तोड़कर वे निकली हैं. हालात यह हैं क



मध्यप्रदेश की प्रथम विधानसभा के विधायक हैं 102 साल के नन्नाजू

विवेक कुमार पाठक

1957 में मध्यप्रदेश की पहली विधानसभा देखने वाले नन्नाजू अपनी राजनैतिक यात्रा में दर्जन भर मुख्यमंत्री देख चुके हैं. तब मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में विधायक विश्राम गृह नहीं था. पहली बार विधायक बने लक्ष्मीनारायण गुप्ता नन्नाजू बांस के तंबुओं में अपने साथी विधायकों के साथ रुके थे. अपने उन राजनैतिक साथियों के बीच अब केवल वे ही  उस पहली विधानसभा के जीवित हस्ताक्षर हैं. सरोकारों की राजनीति करने वाले नन्नाजू 102 साल की अवस्था में जनसेवा की विरले ललक रखते हैं. सरोकारों को समर्पित राजनीति के प्रतीक नन्नाजू आज से जीवन के 103वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं.

भाजपा के वयोवृद्ध नेता, सात बार विधायक रहने वाले प्रदेश के



पर्यावरण और बेपरवाह समाज

मनोज कुमार

कुछेक तारीखें हमारी छाती पीटने के लिए तय कर दी गई हैं. विलाप करने का मौका भी ये तारीखें हमें देती हैं. इन्हीं तारीखों में 5 जून भी एक ऐसी ही तारीख है जिस दिन पर्यावरण सुरक्षा के नाम पर सियापा करते हैं और दिन बीतते ना बीतते हम 5 जून को बिसरा देते हैं. खैर, ऐसा करना हम भारतीयों की जीवनशैली बन गई है क्योंकि हम उत्सव प्रेमी हैं और किसी भी तारीख पर उत्सव की बेसब्री से प्रतीक्षा करते हैं. पर्यावरण का संकट दिन-ब-दिन गहराता जा रहा है. ज्यों ज्यों किया इलाज, त्यों-त्यों बढ़ता गया मर्ज वाली कहावत चरितार्थ हो रही है. पर्यावरण के जानकार चेता रहे हैं, सजग कर रहे हैं लेकिन हमारी नींद नहीं टूट रही है. पर्यावरण संरक्षण के लिए अकेले सर



कांग्रेस को अपनी हार नहीं, बीजेपी की जीत की समीक्षा करनी चाहिए

डाँ नीलम महेंद्र

2019 के लोकसभा नतीजे कांग्रेस के लिए बहुत बुरी खबर लेकर आए.और जैसा कि अपेक्षित था, देश की सबसे पुरानी पार्टी में भूचाल आ गया.एक बार फिर हार की समीक्षा के लिए कमेटी का गठन हो चुका है.पार्टी में इस्तीफों की बाढ़ आ गई है.खबर है कि खुद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस्तीफा देने पर अड़े हैं.लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता से लेकर आम कार्यकर्ता तक राहुल गांधी और उनके नेतृत्व में अपना विश्वास जता रहे हैं.यह अच्छी बात है कि ऐसे कठिन दौर में भी किसी संगठन का अपने नेतृत्व पर भरोसा कायम रहे.लेकिन ऐसा कम ही देखने को मिलता है कि लगातार मिलने वाली असफलताओं के बावजूद उस संगठन के बड़े नेता से लेकर आम कार्यकर्ता तक अपने नेता के साथ मजबूत



हिन्दी पत्रकारिता दिवस: कहां से चले थे, कहां पहुंचे?

मनोज कुमार

अपने इतिहास का स्मरण करना भला-भला सा लगता है. और बात जब हिन्दी पत्रकारिता की हो तो वह रोमांच से भर देता है. वह दिन और वह परिस्थिति कैसी होगी जब पंडित जुगलकिशोर शुक्ल ने हिन्दी अखबार आरंभ करने का दुस्साहस किया. तमाम संकटों के बाद भी वे आखिरी दम तक अखबार का प्रकाशन जारी रखा. अंतत: साल भर के छोटे से समय में अखबार का प्रकाशन बंद करना पड़ा. हिन्दी पत्रकारिता में मील के पत्थर के रूप में आज हम उदंत मार्तंड का स्मरण करते हैं. हिन्दी के विलग अन्य कई भाषाओं में अखबारों का प्रकाशन हुआ लेकिन उदंत मार्तंड ने जो मुकाम बनाया, वह आज भी हमारे लिए आदर्श है. हालांकि जेम्स आगस्टक हिक्की के बंगाल गजट को भारत का पहला प्रकाशन कहा जाता है



हिमालय में ग्लेशियर के पिघलने से जुड़े खतरे 

ललित गर्ग

वर्तमान समय में पर्यावरण के समक्ष तरह-तरह की चुनौतियां गंभीर चिन्ता का विषय बनी हुई हैं. ग्लोबल वॉर्मिंग की वजह से ग्लेशियर तेजी से पिघल कर समुद्र का जलस्तर तीव्रगति से बढ़ा रहे हैं. जिससे समुद्र किनारे बसे अनेक नगरों एवं महानगरों के डूबने का खतरा मंडराने लगा है. हिमालय में ग्लेशियर का पिघलना कोई नई बात नहीं है. सदियों से ग्लेशियर पिघलकर नदियों के रूप में लोगों को जीवन देते रहे हैं. लेकिन पिछले दो-तीन दशकों में पर्यावरण के बढ़ रहे दुष्परिणामों के कारण इनके पिघलने की गति में जो तेजी आई है, वह चिंताजनक है.
ग्लोबल वार्मिंग का खतरनाक प्रभाव अब साफतौर पर दिखने लगा है. देखा जा सकता है कि गर्मियां आग उगलने लगी हैं और



जातिवाद से आजाद होता देश का लोकतंत्र

डाँ नीलम महेंद्र

2019 के लोकसभा चुनाव परिणाम कई मायनों में ऐतिहासिक रहे. इस बार के चुनावों की खास बात यह थी कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के चुनाव परिणामों पर देश ही नहीं दुनिया भर की नज़रें टिकी थीं.और इन चुनावों के  परिणामों ने विश्व में जो आधुनिक भारत की नई छवि बन रही थी उस पर अपनी ठोस मोहर लगा दी है कि ये वो भारत है जिसका केवल नेतृत्व ही नहीं बदला बल्कि यहां का जनमानस भी बदला है उसकी सोच भी बदल रही है.ये वो भारत है जो केवल  बाहर से ही नहीं भीतर से भी बदल रहा है.इस भारत का  लोकतंत्र भी बदल रहा है.जो लोकतंत्र जातिवाद मजहब समुदाय की बेड़ियों में कैद था उसे विकास ने आज़ाद करा लिया है.इसकी बानगी दिखी नतीज़ों के बाद जब सेंसेक्स ने भी मोदी &nbs



ईवीएम,चुनाव,राजनीति व लोकतंत्र

कुमार राकेश

देश में ऐसा क्या हो गया है कि सभी विपक्षी दल अपना गुस्सा और हताशा अब बेचारी चुनावी मशीन ईवीएम पर निकालने पर तुल गयी है.विपक्ष अब विश्वास के बजाय भ्रम,शक,सुबहा और अविश्वास की राजनीति को बढ़ावा देने में जुट गया है,ऐसा क्यों?
ईवीम का मतलब सीधा चुनाव आयोग,जो कि हमारे लोकतंत्र में एक स्वतंत्र और निष्पक्ष निकाय है.आयोग की निष्पक्षता को लेकर हारने वाले दल अक्सर अपना विरोध जताते रहे है और आज भी जता रहे है.शायद उसे वे अपना लोकत्रांतिक अधिकार के तौर पर देखते हैं.मेरे विचार से मुद्दा यहाँ पर ईवीम नहीं,बल्कि चुनावी हार का अंदेशा है.उस अंदेशे से सभी विपक्षी दल अलग अलग किस्म के तनाव से ग्रस्त हैं ,जिसका सम्बन्ध आम जनता की ह



प्याऊ पर बोतल का पानी भारी

मनोज कुमार

भारतीय परम्परा में दान का सबसे ऊंचा स्थान रहा है. जन्म से लेकर मृत्यु तक हमारी परम्परा में दान का उल्लेख आता है. तथाकथित सभ्य समाज कई बार इस परम्परा पर आक्षेप करता है लेकिन यह भूल जाता है कि दान से आशय भीख देना नहीं होता है अपितु एक संस्कार होता है. एक सभ्यता का जन्म होता है और एक मनुष्य के प्रति मनुष्यता का भाव होता है. आज हम विकास के नए प्रतिमान गढ़ रहे हंै लेकिन इसके साथ ही परम्परा का विनाश भी कर रहे हैं. परम्पराओं के साथ समाज की वर्जनाएं टूट रही हैं. इससे व्यक्ति का नहीं, समाज का नुकसान हो रहा है. समाज का तानाबाना बिखर रहा है. रिश्तों में कड़़ुवाहट घुल रही है. यकीन ना हो तो अपने आसपास देख लीजिए. अंग्रेजी के एक शब्द



एक नए अध्याय के शुरुआत की आहट

ललित गर्ग

सत्रहवीं लोकसभा के चुनाव का सातवां और आखिरी चरण संपन्न होते ही इलेक्ट्रोनिक मीडिया पर एक्जिट पोल के रुझान आने शुरु हो गये, जिनमें एक बार फिर नरेन्द्र मोदी सरकार बनने एवं एनडीए के बहुमत का एक नया इतिहास बनने के संकेत मिले हैं. एक्जिट पोल मतदाता के फैसले का प्रस्तुतीकरण नहीं है बल्कि यह मात्र रुझान को जानने की प्रक्रिया है, मतदाता का असली निर्णय एवं पूरे देश का भविष्य तो इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों और वीवीपैट की पर्चियों में बंद हैं, जो 23 मई को मतों की गिनती के बाद सार्वजनिक हो जाएगा. लेकिन यह लगभग तय है और एक्जिट पोल से पहले ही ऐसे संकेत मिलने लगे थे कि इस 2019 के चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिल रहा है और एक स्थि



गठबंधन,गांठबंधन या राष्ट्रवंदन ?

कुमार राकेश

घर हो या राजनीति-बिना गठबंधन के कुछ भी सम्भव नहीं दिखता.जहाँ देखे,वही गठबंधन.गठबंधन भारत में हो या विश्व के कई देशों में,वैश्विक तौर पर ये फार्मूला सफल राजनीति का एक नया नुस्खा बन गया है.क्या अब गठबंधन राष्ट्र वंदन हो गया है? यह चिंता और चिन्तन का मसला है.कभी देश में एक दल की सरकार होती थी,परन्तु देश की दशा और दिशा में जिस प्रकार तेजी से बदलाव हुआ,उसका प्रभाव राजनीति पर भी पड़ा.
भारत में गठबंधन को लेकर सभी राजनीतिक दलों का चरित्र एक जैसा हो गया है.उन सभी द्लो में एक गज़ब का उत्साह देखा जा रहा है.उनमे उमंग है ,तरंग है,चुस्ती है और मुस्तैदी भी.क्योकि सभी दलों को आम जनता के नाम पर सत्ता और सिंहासन की चाह है. जनता बेचारी औ




डाँ नीलम महेंद्र

आज़ाद भारत के इतिहास में शायद पहली बार चुनावी हिंसा के कारण देश के एक राज्य में चुनाव प्रचार को 20 घंटे पहले ही समाप्त करने का आदेश चुनाव आयोग ने लिया है. बंगाल में चुनावों के दौरान होने वाली हिंसा के इतिहास को ध्यान में रखते हुए ही शायद चुनाव आयोग ने बंगाल में सात चरणों में चुनाव करवाने का निर्णय लिया था लेकिन यह वाकई में खेद का विषय है कि अब तक जो छः चरणों में चुनाव हुए हैं उनमें से एक भी बिना रक्तपात के नहीं हो पाया. यह चुनावी हिंसा बंगाल में कानून व्यवस्था और लोकतंत्र की स्थिति बताने के लिए काफी है. लेकिन आश्चर्य इस बात का है कि ममता अपने राज्य में होने वाले उपद्रव के लिए अपने प्रशासन को नहीं मोदी को जिम्मेदार ठह



शांत मतदाता,बैचेन राजनेता  

कुमार राकेश

देश में कुल सात चरणों के चुनाव ने छह चरणों के चुनाव सम्पन्न हो चुके हैं. भारत में चुनावी रंग, मौसम के अनुसार कई प्रकार के रंग बिरंगे संकेत देने की कोशिश कर रहा है .देश में 17 वीं लोक सभा चुनाव के लिए सात चरणों मे होने वाले चुनाव का 19 मई अंतिम पड़ाव होगा. 23 मई को चुनाव परिणाम के बाद देश को एक बार फिर से एक तरोताजा नेतृत्व मिलेगा.इस बार के चुनाव में मतदातागण अपेक्षाकृत शांत दिखाई दे रहे हैं ,जबकि कई राजनेताओ के चेहरे पर हवाईयां उडी हुयी है .
मौजूदा तमाम समीकरणों के मद्देनजर ऐसा लगता है कि मौजूदा प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी एक बार फिर से प्रधान मंत्री बन सकते हैं.लेकिन वो डगर 2014 की तरह नहीं दिख रही है.फिर भी प्रधान मंत्र



पत्रकारिता के आचार्य 

संगीता पांडेय

साहित्य और पत्रकारिता में बहुत करीबी रिश्ता रहा है.  दोनों आपस में इतने गूंथे हुए हैं कि कहना मुश्किल हो जाता है कि कौन साहित्यकार है और कौन पत्रकार.  वैसे भी एक साहित्यकार को पत्रकारिता से वाबस्ता होना पड़ता है.  किन्तु ये जरूरी नहीं कि एक पत्रकार साहित्यकार भी हो. बस  एक इसी अंतर् ने साहित्य और पत्रकारिता में विभेद रखा. यहां यह कहना अनुचित नहीं कि एक साहित्यकार को पत्रकार होना उसकी विधा में अत्यधिक पारंगत होना होता है. यही वजह भी है कि साहित्य की दुनिया में अधिकतर साहित्यकार पत्रकारिता से न केवल जुड़े रहे बल्कि कई पत्र-पत्रिकाओं के सम्पादन में श्रेष्ठता हासिल  करते रहे. यदि हम हिंदी साहित्य की बात करे



विकास के लिये पर्यावरण की उपेक्षा कब तक?

ललित गर्ग

आज समग्र मनुष्य जाति पर्यावरण के बढ़ते असंतुलन से संत्रस्त है. इधर तेज रफ्तार से बढ़ती दुनिया की आबादी तो दूसरी तरफ तीव्र गति से घट रहे प्राकृतिक ऊर्जा स्रोत. समूचे प्राणि जगत के सामने अस्तित्व की सुरक्षा का महान संकट है. पिछले लम्बे समय से ऐसा महसूस किया जा रहा है कि वैश्विक स्तर पर वर्तमान में सबसे बड़ी समस्या पर्यावरण से जुडी हुई है. इसके संतुलन एवं संरक्षण के सन्दर्भ में पूरा विश्व चिन्तित है. आज पृथ्वी विनाशकारी हासिए पर खड़ी है. सचमुच आदमी को जागना होगा. जागकर फिर एक बार अपने भीतर उस खोए हुए आदमी को ढूंढना है जो सच में खोया नहीं है अपने लक्ष्य से सिर्फ भटक गया है. यह भटकाव पर्यावरण के लिये गंभीर खतरे का कारण



सियासी सागर में धक्के मार-मार कर मोदी ने राहुल को सफल राजनीतिक तैराक बना दिया?

प्रदीप द्विवेदी

यदि इस बार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कामयाब हो जाते हैं तो इसका सबसे ज्यादा श्रेय पीएम मोदी को जाएगा? सियासी सागर में धक्के मार-मार कर पीएम मोदी ने राहुल गांधी को सफल राजनीतिक तैराक बना दिया है!
वर्ष 2014, जब पीएम मोदी अपने सर्वोच्च पर थे, तब राहुल गांधी जीरो पर थे, बल्कि कहना चाहिए कि सोशल सेना ने उन्हें जीरो से भी नीचे पहुंचा दिया था.
तब, पन्द्रह साल तक दिल्ली की सीएम रही वरिष्ठ कांग्रेस नेता शीला दीक्षित ने भी राहुल गांधी की सियासी समझदारी को लेकर टिप्पणी की थी, लेकिन पीएम मोदी टीम की बदौलत राहुल गांधी राजनीति के रंग पहचानते गए और धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए पीएम मोदी की टक्कर में आ कर खड़े हो गए?
यही वजह है कि



प्रेस की स्वतंत्रता एक मौलिक जरूरत है!

ललित गर्ग

प्रेस किसी भी समाज का आइना होता है. 1991 में यूनेस्को की जनरल असेंबली के 26वें सत्र में अपनाई गई सिफारिश के बाद, संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) ने दिसंबर 1993 में विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस की घोषणा की थी. प्रेस की आजादी से यह बात साबित होती है कि किसी भी देश में अभिव्यक्ति की कितनी स्वतंत्रता है. भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में प्रेस की स्वतंत्रता एक मौलिक जरूरत है. आज हम एक ऐसी दुनिया में जी रहे हैं, जहाँ अपनी दुनिया से बाहर निकल कर आसपास घटित होने वाली घटनाओं के बारे में जानने का अधिक वक्त हमारे पास नहीं होता. ऐसे में प्रेस और मीडिया हमारे लिए एक खबर वाहक का काम करती हैं, जो हर सवेरे हमारी टेबल पर गरमा गर्म खबरें परोस



अब कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल बोले- अबकी बार, गठबंधन सरकार!

अभिमनोज
ज्यों-ज्यों मतदान के विभिन्न चरण संपन्न होते जा रहे हैं, त्यों-त्यों नेताओं के नजरिए भी सामने आ रहे हैं? इसमें एक बात साफ है कि यदि कोई चमत्कार नहीं होता है तो किसी एक दल को 272 सीटें नहीं मिलेंगी, बीजेपी को भी नहीं. इसकी एक वजह है- न तो बीजेपी पूरी तरह हार रही है और न ही कांग्रेस पूरी तरह से जीत रही है? मतलब- अबकी बार, गठबंधन सरकार. लोकसभा की चुनाव दौड़ के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल का कहना है कि- मौजूदा लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस के अपने दम पर बहुमत हासिल करने की उम्मीद नहीं है, हालांकि उन्होंने दृढ़ता के साथ यह जरूर कहा कि कांग्रेस की अगुवाई वाला संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन एकजुट है


सवाल पूछने से पहले पीएम को जवाब देने लायक तो समझिए जनाब

विवेक कुमार पाठक

 वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नकारना चाहते हैं मगर सबसे ज्यादा मोदी उनके दिलों दिमाग पर चढ़े हुए हैं. उनके न्यूज शो आए दिन मोदी से शुरु होकर मोदी पर खत्म होते हैं. सिर्फ न्यूज शो ही नहीं वे सामाजिक व मीडिया मंचों पर अपनी पूरी बात मोदीमय करते हैं. मोदी को नकारते नकारते वे सबसे ज्यादा मोदी को टीआरपी देते हैं. 

जी हां हम बात कर रहे हैं वर्तमान दौर के कथित रुप से जाबांज मीडिया पत्रकार रवीश कुमार की. वे पत्रकार के फ्रेम को तोड़कर इन दिनों कई रुपों में हैं. अगर केवल सवाल पूछना ही पत्रकारिता है तो बेशक वे जाबांज पत्रकार हैं मगर सरकार और व्यक्ति विशेष को पूरी तरह से नकारा घाषित करते हुए फिर उन्हीं से सवाल पूछने



जो पलपल इंडिया ने सबसे पहले बताया था, उस पर सुब्रमण्यम स्वामी ने सियासी मुहर लगा दी?

प्रदीप द्विवेदी

पलपल इंडिया ने सबसे पहले बताया था कि यदि लोकसभा चुनाव में बीजेपी 272 सीटें जीत कर एकल बहुमत हांसिल नहीं कर पाती है, तो नरेन्द्र मोदी का प्रधानमंत्री बनना मुश्किल है?
कुछ ऐसी ही सियासी संभावना वरिष्ठ भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने व्यक्त की है, उनका कहना है कि- अगर भाजपा 220 से 230 सीटों तक सिमट गई तो संभवतः नरेंद्र मोदी दोबारा प्रधानमंत्री नहीं बन सकेंगे! खबर है कि... उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि मुझे लगता है कि भाजपा का आंकड़ा 230 के आसपास पहुंचेगा. एनडीए में दूसरे सहयोगी दल करीब 30 सीटें जीतेंगे, मतलब... एनडीए की 250 सीटें आनी तय हैं. सरकार बनाने के लिए 30-40 सीटों की जरूरत और पड़ेगी. ऐसे में ये नए सहयोगी दलों पर निर्भर करेग



अभिव्यक्ति का सवाल और एक दिन मीडिया का 

मनोज कुमार

एक बार फिर पूरी दुनिया कहेगी कि बोल कि तेरे लब आजाद हैं लेकिन हकीकत इसके खिलाफ है. औपचारिकता के लिए दुनिया ने 3 मई की तारीख तय कर मुनादी कर दी है कि यह दिन विश्व पे्रस की स्वतंत्रता का दिन होगा. यह बात सच है कि जब यह कोशिश हुई थी तब प्रेस और पत्रकारिता के लब आजाद थे लेकिन आज की तारीख में दुनिया का कोई देश दावे के साथ नहीं कह सकता कि प्रेस के लब आज भी आजाद हैं. तिस पर तुर्रा यह कि मीडिया की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगा दो. ठोक दो कि मीडिया अब दिल से नहीं, दलों से चल रही है. यह कहना आसान है लेकिन यह सच पूरा नहीं है. इसके आगे और पीछे की भी कहानी है जो डराती नहीं, धमकाती है और कहती है कि तेरे लब आजाद नहीं हैं. सनद रहे कि तीन मई क



कमलनाथ ने तो कांग्रेस का सच स्वीकारा है, लेकिन बीजेपी अभी भी भ्रम में है?

अभिमनोज

एमपी के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने त्रिशंकू लोकसभा का अनुमान व्यक्त करते हुए कहा है कि- लोकसभा चुनाव में कांग्रेस बहुत बहुत अच्छा करेगी, परन्तु बहुमत मिलने की संभावना नहीं है, इसलिए केन्द्र में नई सरकार बनाने के लिए चुनाव बाद गठबंधन करना होगा!

वैसे तो चुनाव के नतीजों को लेकर कोई भी भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है, परन्तु इस वक्त जो सियासी तस्वीर है, उसके मद्देनजर कमलनाथ का कहना उन तमाम सर्वे के करीब है जो त्रिशंकू लोकसभा के संकेत दे रहे हैं.

हालांकि, कमलनाथ ने तो यह सच्चाई स्वीकार कर ली, परन्तु बीजेपी अब भी भ्रमजाल से बाहर नहीं आ पा रही है. भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान क



क्या है सुन्दरता का मापदण्ड?

डाँ नीलम महेंद्र

हाल ही में आइआइटी में पढने वाली एक लड़की के आत्महत्या करने की खबर आई कारण कि वो मोटी थी उसे अपने मोटा होना इतना शर्मिंदा करता था की वो अवसाद में चली गयी उसका अपनी परीक्षाओं में अव्वल आना भी उसे इस दुःख से बहार नहीं कर पाया यानी उसकी बौधिक क्षमता शारीरक आकर्षण से हार गयी दरअसल. आज हम जिस युग में जी रहे हैं वो एक ऐसा वैज्ञानिक और औद्योगिक युग है जहाँ भौतिकवाद अपने चरम पर है. इस युग में हर चीज का कृत्रिम उत्पादन हो रहा है. ये वो दौर है जिसमें ईश्वर की बनाई दुनिया से इतर मनुष्य ने एक नई दुनिया का ही अविष्कार कर लिया है यानी कि वर्चुअल वर्ल्ड. इतना ही नहीं बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशल इनटेलीजेंस ने भी इस युग



नरेन्द्र मोदी को सियासी धोखा दिया जा रहा है या सर्वे के नाम पर चुनाव प्रचार चल रहा है?

प्रदीप द्विवेदी

आम चुनाव हैं, तो खास सर्वे तो होंगे ही, इस बार भी हो रहे हैं, लेकिन इन सर्वे पर नजर डालें तो यह बात साफ है कि- या तो नरेन्द्र मोदी को सियासी धोखा दिया जा रहा है, या फिर सर्वे के नाम पर अप्रत्यक्ष चुनाव प्रचार चल रहा है?
विभिन्न सर्वे बता रहे हैं कि लोस सीटें जीतने के मामले में एनडीए बहुत आगे और बहुमत के करीब है, मतलब... केन्द्र में अगली सरकार भी नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बनेगी, लेकिन कैसे? क्या बीजेपी को राजस्थान में 25 में से 25 सीटें मिल जाएंगी, गुजरात में 26 में से 26, एमपी में 29 में से 27, यूपी में 80 में से 71, झारखंड में 14 में से 13, छत्तीसगढ़ 13 में से 9 सीटें मिल जाएंगी? यदि नहीं, तो यह तो साफ है कि 2014 की तरह बीजेपी अकेले दम पर तो बहु



कठुआ दुष्कर्म कांड में ग्राम प्रधान सहित 6 दोषी करार, एक बरी

कश्मीर में मूसा के खात्मे के बाद अल-कायदा का नया कमांडर

J&K: पुलवामा में चार आतंकी ढेर, हथियार लेकर फरार दो SPO का भी सफाया

ईद के दिन श्रीनगर की सड़कों पर निकले पत्थरबाज, भारत विरोधी नारे लगाए

अमित शाह का जम्मू-कश्मीर के परिसीमन पर बाकी मंत्रियों के साथ मंथन

अमरनाथ यात्रा के बाद होंगे जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव आयोग ने कर दिया ऐलान

जम्मू-कश्मीर के बारामूला में दिल का दौरा पड़ने से जवान की मौत

अमित शाह ने लिया आतंक के खात्मे का संकल्प, निशाने पर टॉप 10 आतंकी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन का किया दौरा

जम्मू-कश्मीर के त्राल में आतंकी हमला, CRPF कैंप पर फेंका गया ग्रेनेड, गोलीबारी जारी

शोपियां में सेना ने घेरे हिजबुल-लश्कर के कमांडर, मुठभेड़ में 1 आतंकी ढेर

कुलगाम में मुठभेड़ स्थल के पास हिंसा, 50 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल

भारत की धर्मनिरपेक्ष छवि खतरे का सामना कर रही है : अब्दुल्ला

कश्मीर के अनंतनाग में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी, दो आतंकी ढेर

पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा पर किया सीजफायर का उल्लंघन, गोलाबारी में नागरिक घायल

श्रीनगर में कर्फ्यू, कश्मीर के मुख्य शहरों में प्रतिबंध

कश्‍मीर: मुठभेड़ में मारा गया आतंकी जाकिर मूसा, रॉकेट लॉंचर बरामद

उमर अब्दुल्ला ने पीएम मोदी और अमित शाह को दी बधाई

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में मुठभेड़, दो आतंकी को सुरक्षाबलों ने मार गिराया

महबूबा मुफ्ती ने EVM पर उठाए सवाल, कहा- ये एक और बालाकोट की तैयारी

आर्मी जवान औरंगजेब की हत्या करने वाले आतंकी को सुरक्षा बलों ने मार गिराया

पुलवामा में मुठभेड़, सुरक्षाबलों ने दो आतंकी को मार गिराया

पुलवामा में मुठभेड़, मार गिराये गये 3 आतंकी, एक जवान शहीद, दो जवान घायल

रमज़ान में भूखे बच्चे को खाना खिलाया, सिख जवान के कायल हुए लोग

जम्मू कश्मीर में बड़ी आतंकी साजिश विफल, लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी गिरफ्तार

कश्‍मीर में बच्ची से दुष्कर्म मामले में भड़की हिंसा, 50 लोग घायल, कई इलाकों में कर्फ्यू

एफ-16 मार गिराने वाले पायलट अभिनंदन को मिली नई पोस्टिंग

श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर एक तरफा यातायात शुरु

जम्‍मू-कश्‍मीर : मानवता फिर शर्मशार, 3 साल की मासूम से दरिंदगी

जम्मू-कश्मीरः शोपियां में लश्कर-ए तैयबा के दो वांटेड आतंकी ढेर

घाटी में सेना व आतंकियों के बीच मुठभेड़, ISJK कमांडर इशफाक सोफी ढेर

पुलवामा में आतंकियों ने पोलिंग बूथ पर फेंका ग्रेनेड, बैरकपुर में वोटिंग के दौरान हिंसा

पत्‍थरबाज को जीप के बोनट पर बैठाकर घुमाने वाले मेजर की वरिष्‍ठता 6 महीने हुई कम

पाकिस्तान की नापाक हरकतें शुरू, गोलाबारी में एक नागरिक घायल, सेना का मुंहतोड़ जवाब

कश्मीर में भाजपा नेता ‘अटल' की गोली मारकर हत्या

कश्मीर में सुरक्षा कारणों से ट्रेन सेवा स्थगित

शाेपियां में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, 2 आतंकी ढेर

वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने शुरू किया ‘मिशन ग्रीन’

छुट्टी पर घर गए हेड कांस्टेबल को आतंकियों ने मारी गोली, अस्पताल भर्ती

सुरक्षा कारणों से कश्मीर घाटी में रेल सेवा स्थगित

लोकसभा चुनाव 2019: चौथे चरण की वोटिंग जारी, कई दिग्गजों की किस्मत दांव पर

श्रीनगर में जैश ए मोहम्मद के तीन आतंकवादी गिरफ्तार

'कश्‍मीर खतरे में है तो इस खतरे को छोड़ दें पीएम': महबूबा मुफ्ती

अमरनाथ यात्रा: ऑनलाइन हेलिकॉप्टर टिकट बुकिंग एक मई से

अनंतनाग में मुठभेड़, दो आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया, हथियार बरामद

महबूबा मुफ्ती ने कहा यासीन मलिक को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए

'पाक की मुहब्बत' में महबूबा का नापाक बयान, बोलीं-पड़ोसी के एटम बम ईद के लिए नहीं

श्रीनगर लोकसभा सीट के 90 मतदान केंद्रों पर किसी ने नहीं डाला वोट

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज का बयान, कहा-अनुच्छेद 35ए और 370 को खत्म करना जरूरी

भारत मोदी नहीं, न ही मोदी भारत हैं: महबूबा

कांग्रेस की नीतियों के चलते ही कश्मीरी पंडितों को अपना घर छोड़ना पड़ा: पीएम मोदी

J&K में RSS नेता हत्याकांड का खुलासा, आतंकी जाहिद हुसैन था मास्टरमाइंड

J&K: हाईवे पर बड़ा हमला करने की साजिश रच रहे आतंकी, रेड अलर्ट जारी

पाक ने 45 दिन में 513 बार किया संघर्ष विराम का उल्लंघन और झेला 6 गुना नुकसान

शोपियां में सुरक्षाबलों ने मार गिराए दो आतंकी, मुठभेड़ जारी

पाकिस्तान ने भारतीय चौकियों पर की गोलीबारी, तीन घायल

बारामूला में पुलिसकर्मियों को चुनाव ड्यूटी पर ले जा रहा वाहन दुर्घटनाग्रस्त,10 घायल

उमर ने श्मीर के मतदाताओं से कहा, 'समझदारी से दें वोट'

लोगों को हिंसा के लिए उकसा रहीं महबूबा मुफ्ती,किया जाये गिरफ्तार:BJP

गंभीर की गुगली पर महबूबा हुईं क्लीन बोल्ड, ट्वीटर पर किया ब्लॉक

NIA ने अलगाववादी नेता यासीन मलिक को किया गिरफ्तार

J&K के किश्तवाड़ में RSS नेता पर आतंकी हमला, PSO समेत 2 की मौत

UAE से प्रत्यर्पित जैश कमांडर का खुलासा,उसे पुलवामा हमले के बारे में था पता

अनुच्छेद 370,35A को हटाने से कश्मीर में आजादी का मार्ग प्रशस्त होगा:फारूक

रविवार और बुधवार को काफिला भेजने के जम्मू कश्मीर सरकार के आदेश को सेना की ना

बीजेपी के 370 हटाने के वादे पर बोलीं महूबबा- आग से खेलना बंंद करो

जम्मू-कश्मीर के सोपोर में आतंकियों ने पुलिस स्टेशन पर किया ग्रेनेड से हमला

कठुआ रेप-मर्डर केस में सजा का ऐलान, 3 दोषियों को उम्रकैद, 3 को 5-5 साल की सजा

पुंछ में पाकिस्तान ने तोड़ा सीजफायर, एक जवान शहीद

लद्दाख को कश्मीर से जोड़ने वाला राजमार्ग बंद

अनुच्छेद 370, 35अ को कोई खतरा नहीं: सत्य पाल

अनंतनाग में बड़ा आतंकी हमला, CRPF के 5 जवान शहीद- 2 आतंकी ढेर

अनंतनाग हमला: आतंकियो की थी साजिश, CRPF भीड़ में चलाए गोली

अमरनाथ यात्रा पर आतंकी खतरा, 350 से ज्यादा अर्द्धसैनिक बलों की कंपनियां होंगी तैनात

पुलवामा में आतंकियों ने सेना के काफिले को निशाना बनाकर किया IED विस्फोट

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़, मेजर शहीद



कश्यपमर कश्मीर और वराहमूला है बारामूला


पहले सीमा पर फायरिंग, फिर पहुंचा सुरक्षा परिषद के सदस्यों के पास पाकिस्तान


कश्मीर में बकरीद के लिए खरीदारी चरम पर


एमपी विजेंद्र सिंगल ने मां के चरणों में लगाई हाजरी


डोडा मे फटा बादल


भारत, पाकिस्तान के बीच दोस्ती का पुल बने कश्मीर : महबूबा


श्रीनगर: अदालत के बाहर आतंकी हमला


सरकार की कथित आपराधिक लापरवाही के खिलाफ पी.डी.पी. उतरी सडक़ों पर


दशर्नो के लिए हर रोज तीस हजार से भी अधिक श्रद्वालु धर्मनगरी मे


मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया


रक्त दान से किसी की जान बचाई जा सकती है


मोसम खराव रहने के वाद शनिवार को धर्मनगरी सहित भवन मार्ग पर मोसम वडा सुहावना


पैंथल मे मंकर संक्रति के दिन 114वा विशाल दंगल


रघुनाथ मंदिर केे परिस्पर मे कटडा वासियो की वैठक मुल्खराज पुरोहित की अध्यष्ता


महिला मोर्च द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया


ग्रेनेड ब्लास्ट में एक बच्चे की मौत, दो घायल


के.जी.एच.ई.पी. के आसपास नागरिकों की आवाजाही पर प्रतिबंध


सीवल डिफैंस की वैठक का आयोजन


अमित कुमार ने एस.एस.पी. श्रीनगर का कार्यभार संभाला


जनता लोकतांत्रिक प्रतिद्वंद्दिता का महत्व समझने लगी है: महबूबा, सीमांत क्षेत्रों के हित पीडीपी के अति महत्वपूर्ण


मतदाताओं को करें जागरूक


मां वैष्णो देवी जी के भवन पर श्रद्धालु घायल


राहत काजमी की फिल्म आइडेंटिटी कार्ड की पूरी शूटिंग कश्मीर में हुई


कश्मीर में कड़ाके की ठंडए लेह में पारा 11 डिग्री


जम्मू कश्मीर रणजी को 20 लाख पुरस्कार


कश्यपमर कश्मीर और वराहमूला है बारामूला


पहले सीमा पर फायरिंग, फिर पहुंचा सुरक्षा परिषद के सदस्यों के पास पाकिस्तान


कश्मीर में बकरीद के लिए खरीदारी चरम पर


एमपी विजेंद्र सिंगल ने मां के चरणों में लगाई हाजरी


डोडा मे फटा बादल


भारत, पाकिस्तान के बीच दोस्ती का पुल बने कश्मीर : महबूबा


श्रीनगर: अदालत के बाहर आतंकी हमला


सरकार की कथित आपराधिक लापरवाही के खिलाफ पी.डी.पी. उतरी सडक़ों पर


दशर्नो के लिए हर रोज तीस हजार से भी अधिक श्रद्वालु धर्मनगरी मे


मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया


रक्त दान से किसी की जान बचाई जा सकती है


मोसम खराव रहने के वाद शनिवार को धर्मनगरी सहित भवन मार्ग पर मोसम वडा सुहावना


पैंथल मे मंकर संक्रति के दिन 114वा विशाल दंगल


रघुनाथ मंदिर केे परिस्पर मे कटडा वासियो की वैठक मुल्खराज पुरोहित की अध्यष्ता


महिला मोर्च द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया


ग्रेनेड ब्लास्ट में एक बच्चे की मौत, दो घायल


के.जी.एच.ई.पी. के आसपास नागरिकों की आवाजाही पर प्रतिबंध


सीवल डिफैंस की वैठक का आयोजन


अमित कुमार ने एस.एस.पी. श्रीनगर का कार्यभार संभाला


जनता लोकतांत्रिक प्रतिद्वंद्दिता का महत्व समझने लगी है: महबूबा, सीमांत क्षेत्रों के हित पीडीपी के अति महत्वपूर्ण


मतदाताओं को करें जागरूक


मां वैष्णो देवी जी के भवन पर श्रद्धालु घायल


राहत काजमी की फिल्म आइडेंटिटी कार्ड की पूरी शूटिंग कश्मीर में हुई


कश्मीर में कड़ाके की ठंडए लेह में पारा 11 डिग्री


जम्मू कश्मीर रणजी को 20 लाख पुरस्कार