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राहुल गांधी जो न करे वही कम

निरंजन परिहार

कांग्रेसी साथियों से अपना एक सवाल है.सवाल राहुल गांधी को लेकर है.बुरा मत लगाइयेगा.सवाल यह कि लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीट पर जाकर राहुल गांधी मोदी से गले मिले थे या उनके गले पड़े थे ? ये राहुल गांधी ही हैं, जिन्होंने विदेशी राष्ट्राध्यक्षों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गले लगकर मिलने को गले पड़ना बताया था.लेकिन पूरे देश ने ही नहीं बल्कि दुनिया भर ने देखा कि लोकसभा में राहुल गांधी अपनी सीट से उठे और प्रधानमंत्री की सीट के पास जाकर उनके गले लगे.मगर मोदी अपनी जगह से हिले तक नहीं.इसे क्या कहा जाए.अपना निष्कर्ष सिर्फ यही है कि राहुल गांधी ने गलबहियां करने ने की



धरती को ठंडा रखने के कुछ सुझाव

अनूप शुक्ल

धरती लगातार गर्म हो रही है.कुछ लोग ठंडे में बैठे धरती की गरमाहट कम करने के उपाय सोच रहे हैं. सोचने से मन भटकता है तो विचार करने लगते हैं. विचार से थके तो फ़िर सोचने लगे. सोच और विचार की एकरसता से बचने के लिये बीच-बीच में बहस भी करते जा रहे हैं. आप भी देखिये सोच, विचार और बहस के कुछ सीन.

अगर ऐसे ही चलता रहा तो आगे आने वाले कुछ सालों में समुद्र के किनारे के शहर पानी में पानी में डूब जायेगे. पानी के लिये त्राहि-त्राहि मच जायेगी. हमें कुछ करना होगा, कुछ सोचना होगा.

धरती का तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है. अगर हम चेते नहीं तो आने वाली पीढियां हमें कभी माफ़ नहीं करेंगे.

अगला विश्वयुद्द पानी के लिये होगा.

हमें अपनी आवश्



गुड एप्रोच, बेटर नाॅलेज, बेस्ट परफोर्मेंस!

अनिता

आमतौर पर जब भी नाॅलेज लेने की बात आती है तो हम अक्सर अपने काम से रिलेटेड नाॅलेज तो बड़े इंट्रेस्ट के साथ ले लेते हैं लेकिन हमारे काम से जुड़े दूसरे नाॅलेज लेने में बड़ी बोरियत महसूस करते हैं.जबकि सच्चाई यही है कि यदि नाॅलेज को लेकर हमारी एप्रोच सही है कि हम अपने फिल्ड के साथ-साथ रिलेटेड फिल्ड का भी बेहतर नाॅलेज लेने की कोशिश करेंगे तो हमारी परफोर्मेंस बेस्ट होगी.
उदाहरण के लिए, ब्यूटीशियंस के पास मेकओवर के लिए लोग आते हैं.ब्यूटीशियंस के पास मेकओवर का तो बहुत अच्छा नाॅलेज होता है लेकिन यदि इंसान की सुंदरता से जुड़ी हैल्थ, फिटनेस, योगा आदि की  जानकारी का अभाव है तो वह अपनी परफोर्मेंस बेस्ट नहीं दे पाएगा.जैसे फेस



भारत में और कितने पाकिस्तान!

सुरेश हिन्दुस्तानी

प्राय: देश में इस प्रकार की आवाजें मुखरित होती रही हैं कि देश में कई क्षेत्र इस प्रकार के दिखाई देते हैं, जैसे यह पाकिस्तान के हिस्से हों, यानी पूरी तरह से इस्लामिक. वहां भारत की सांस्कृतिक गतिविधियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध सा दिखाई देता है. यहां यह बात करना उल्लेखनीय ही होगा कि आज भारत का जो दृश्य दिखाई देता है, वह वास्तव में भारत की मूल संस्कृति का हिस्सा न होकर एक नवीन संस्कृति को उदित करने का षड्यंत्री प्रयास है. भारत की मूल संस्कृति हजारों वर्ष पुरानी है. यह बात सही है कि संस्कृति का निर्माण कोई दो चार सौ वर्षों में नहीं होता, हजारों, लाखों वर्षों के बाद ही संस्कृति का निर्माण होता है. हम एक हजार वर्ष पूर्व क



गोल्डन गर्ल की गोल्डन जीत से महका भारत 

ललित गर्ग

देश का एक भी व्यक्ति अगर दृढ़ संकल्प से आगे बढ़ने की ठान ले तो वह शिखर पर पहुंच सकता है. विश्व को बौना बना सकता है. पूरे देश के निवासियों का सिर ऊंचा कर सकता है. भारत की नई ‘उड़नपरी’ 18 वर्षीय असमिया एथलीट हिमा दास ने ऐसा ही करके दिखाया है, उसने अपनी शानदार उपलब्धि से भारतीय ऐथलेटिक्स में एक नए अध्याय की शुरुआत कर दी है. जब इस गोल्डन गर्ल की अनूठी एवं विलक्षण गोल्डन जीत की खबर अखबारों में शीर्ष में छपी तो सबको लगा कि शब्द उन पृष्ठों से बाहर निकलकर नाच रहे हैं. फिनलैंड के टैम्पेयर शहर में आयोजित आईएएएफ वल्र्ड अंडर-20 ऐथलेटिक्स चैंपियनशिप की 400 मीटर दौड़ में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता है.
देश की अस्मिता पर नित-नये लगने वा



यह लड़ाई है, अच्छाई और बुराई की

डाँ नीलम महेंद्र

उच्चतम न्यायालय ने 9 जुलाई 2018 के अपने ताजा फैसले में 16 दिसंबर 2012 के निर्भया कांड के दोषियों की फाँसी की सजा को बरकरार रखते हुए उसे उम्र कैद में बदलने की उनकी अपील ठुकरा दी है.
दिल्ली का निर्भया कांड देश का वो कांड था जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया था. देश के हर कोने से निर्भया के लिए न्याय और आरोपियों के लिए फाँसी की आवाज उठ रही थी. मकसद सिर्फ यही था कि इस प्रकार के अपराध करने से पहले अपराधी सौ बार सोचे. लेकिन आज छह साल बाद भी इस प्रकार के अपराध और उसमें की जाने वाली क्रूरता  लगातार बढ़ती जा रही है. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार साल 2015 में बलात्कार के 34651, 2015 मे 38947 मामले दर्ज हुए थे. 2013 में यह संख्या 25923 थी. कल तक



आरक्षण वर्गीकरण का अनावश्यक विरोध

सुरेंद्र किशोर

संसद के मौनसून सत्र में सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने वाले विधेयक को नए सिरे से लाने की तैयारी में है.
देखना है कि इस बार विपक्ष इस विधेयक पर क्या रवैया अपनाता है ?
यह सवाल इसलिए क्योंकि कांग्रेस ने ओ.बी.सी.के 27 प्रतिशत आरक्षण के वर्गीकरण के विरोध में खड़े होने का संकेत दिया है.
ऐसा करके वह एक राजनीतिक जुआ ही खेल रही है.
इससे पहले 1990 में राजीव गांधी ने ओबीसी आरक्षण के वी.पी.सिंह सरकार के निर्णय का लोक सभा में विरोध करके कांग्रेस को पिछड़ों से दूर करने का काम किया था.
तब कांग्रेस ने गैर आरक्षित वर्ग के हितों का ध्यान रखा और आज वह पिछड़ों के बीच के संपन्न हिस्से के हितों का ध्यान रख र



आओ एक नयी दुनिया बसाएं

ललित गर्ग

आज का मनुष्य भूलभूलैया में फंसा हुआ है. यदि देखा जाये तो संसार का विस्तार यानी सुविधावादी और भौतिकवादी जीवनशैली एक प्रकार की भूलभूलैया ही है. भोग के रास्ते चारों ओर खुले हुए हैं. धन, सत्ता, यश और भोग - इन सबका जाल बिछा है और यह जान इतना मजबूत है कि एक बार आदमी उसमें फंसा कि निकल नहीं पाता. जिस प्रकार दलदल में फंसा मनुष्य उसमें से निकलने के लिये जितना प्रयत्न करता है, उतना ही और फंसता जाता है, यही स्थिति वर्तमान युग में मनुष्य के साथ है. भोग-विलास, सांसारिक माया-जाल आदि की रचना मनुष्य स्वयं करता है और स्वयं ही उसमें फंसता जाता है. उसकी अपनी बनाई हथकड़ी-बेड़ी उसी के हाथ-पैरों में पड़ जाता है. जब विवेक नष्ट हो जाता है तो ऐसा ह



धरती पुत्रों को बंपर सौगात

सुरेश हिन्दुस्तानी

भारत कृषि प्रधान देश है, इसका आशय यह भी है कि भारत में कृषि के विकास के लिए जितने सकारात्मक प्रयास होंगे, भारत उतनी ही तीव्र गति से विकास के पथ पर अग्रसर होगा. यह बात सही है कि कृषि प्रधान देश होने के बाद भी कृषि विकास के लिए स्वतंत्रता के पश्चात उतने प्रयास नहीं किए गए, जितने होने चाहिए. इस कारण किसान खेती से दूर भागने का प्रयास करने लगा. कृषि के क्षेत्र में वर्तमान सरकार की यह महानतम उपलब्धि कही जा सकती है कि उसने कृषि उत्पादन के क्षेत्र में आशातीत सफलता प्राप्त की है, लेकिन किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पर रहा था, जिसके कारण किसान बहुत परेशान था. अब मोदी सरकार ने किसानों की फसल के लिए न्यूनतम समर्थन



इस रात की सुबह नहीं!

प्रकाश भटनागर

क्या अब भी यह बहस मौजू है कि राजनीति में वंशवाद हो या नहीं हो? सन्दर्भ उस नियम का है, जिसके तहत भाजपा ने चुनाव में स्थापित नेताओं के परिवारजनों को टिकट देने के नियम कड़े कर दिए हैं. इसे राजनीतिक शुचिता का मामला मत समझिये. शुचिता और सियासत का तालमेल तलाशना चील के घोंसले में मांस पाने की कोशिश जैसा ही है. ऐसे नियम बनते हैं, असंतोष को थामने के लिए. पार्टी के भीतर का असंतोष.
गंदगी से बजबजाते राजनीतिक सिस्टम को  ठीक करने का कोई भी जतन आज तक पूरी तरह कामयाब नहीं हुआ है. दशकों में एकाध टीएन शेषन आता है. वो अकेला जो ठीक कर सका, बस उतना ही लोकतंत्र पर मेहरबानी के  रूप में ले लिया जाना चाहिए. हम निस्पृह भाव से तमाम गलत आचरण उ



अमित शाह के बयान के निहितार्थ

सुरेश हिन्दुस्तानी

अभी हाल ही में पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यह कहकर सभी राजनीतिक दलों की चिंताएं बढ़ा दी हैं कि अबकी बार लोकसभा चुनाव में भाजपा को कम से कम 22 सीटें चाहिए. वैसे तो हर राजनीतिक दल हर चुनाव में ज्यादा से ज्यादा सीटें की रणनीति बनाता है, लेकिन किसके खाते में कितनी खुशी आती है, यह तब पता चलता है, जब परिणाम आते हैं. यह बात सही है कि भाजपा आज अछूता राजनीतिक दल नहीं है. जो लोग भाजपा पर सांप्रदायिक राजनीतिक करने का खु लकर आरोप लगाते थे, उनमें कई दल उनके साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा हैं. ऐसे में यह भी कहा जा सकता है कि भाजपा के प्रति अब अनुराग उत्पन्न होता जा रहा है. दूसरी सबसे महत्वप



तेल और तेल के दाम

अनूप शुक्ल

तेल फिर चर्चा में हैं . हमेशा रहता है. तेल के दाम चंद्रमा की कलाओं की तरह बढ़ते हैं. चन्द्रमा तो छोटा बड़ा होता है. लेकिन तेल के दाम को छोटा होना पसंद नहीं. कभी मजबूरी में घटना भी पड़ता है तो दोगुना बढ़कर हिसाब बराबर कर लेता है.

तेल का महत्व जगजाहिर है. तेल खुद को जलाकर दूसरों के लिए ऊर्जा पैदा करता है. वोट बैंक की तरह समझिये तेल को. किसी लोकतंत्र में दबे-कुचले , वंचित लोग चुनाव में महत्वपूर्ण हो जाते हैं. वैसे ही जमीन में मीलों नीचे दबा- कुचला, काला-कलूटा , बदसूरत तेल जमीन पर आते ही महत्वपूर्ण हो जाता है. लोग इस पर कब्जे के लिए मारपीट करने लगते हैं.

वोट बैंक पर कब्जे के लिए अपने देश में भाषणबाजी, आरोप-प्रत्यारोप या फिर



एक दूसरी जमीन पानी के बाद भी है!

प्रकाश भटनागर

गये  साल डिस्कवरी चैनल पर एक शो देखा था. नदी में उतरे ज़ेबरा पर मगरमच्छों ने हमला किया. वह घायल हुआ, लेकिन किसी तरह पानी से बाहर आ गया. वहाँ एक शेर परिवार ने उसे निशाना बनाना चाहा. ज़ेबरा घायल होने की वजह से भाग नहीं सकता था. इसलिए फिर वो पानी में उत्तर गया. अब हालत यह कि पानी में मगरमच्छ उसे शिकार बनाना चाह रहे थे और ज़मीन पर शेर उसे देखकर जुबान लपलपा रहे थे. दो समान प्रवृत्ति के किन्तु अलग-अलग प्रजातियों वाले खूंखार जीवों के बीच भागते-भागते अंततः ज़ेबरा उनमें से किसी एक का निवाला बन गया.

क्या सभ्य समाज के नाम पर पनपे जंगल में हम भी शिकारियों के निशाने पर हैं? एक-सी प्रवृत्ति किन्तु अलग-अलग प्रजाति वालों के निशाने प



भीड़तंत्र का हत्यारा बन जाने का दर्द

ललित गर्ग

महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के चंदगांव में सोशल मीडिया पर फैलाये जा रहे फर्जी मेसेज पर यकीन करके भीड़ द्वारा दो लोगों को पीट-पीट के हत्या कर दिये जाने का मामला सामने आया है. इससे पहले असम के कार्बी आंग्लोंग जिले में भीड़ ने बच्चा चोरी के संदेह में पेशे से साउंड इंजीनियर नीलोत्पल दास और गुवाहाटी के ही व्यवसायी अभिजीत की पीट-पीटकर हत्या कर दी. कुछ अर्से पहले दिल्ली में खुलेआम दो लड़कों को पेशाब करने से रोकने पर एक ई-रिक्शा चालक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई. कभी गौमांस खाने के तथाकथित आरोपी को मार डाला जाता है, कभी किसी की गायों को वधशाला ले जाने के संदेह में पीट-पीटकर हत्या कर दी जाती है, कभी छोटी-मोटी चोरी करने वाले क



आम चुनाव 2019? अच्छे दिन वाला कि अच्छे दिल वाला पीएम होगा?

प्रदीप द्विवेदी

लगता है, राहुल गांधी के राजनीति में अच्छे दिन आ गए हैं? कम-से-कम भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के सहयोगी रहे सुधीन्द्र कुलकर्णी के राहुल गांधी पर भरोसे को देख कर तो यही लगता है.
यही नहीं, शायद बाबा रामदेव को भी राहुल गांधी का अच्छा भविष्य नजर आने लगा है, तभी तो वह कह रहे हैं- राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मेरे दोस्ताना रिश्ते हैं. 
वैसे, कांग्रेसी तो राहुल गांधी के समर्थक हैं ही, लेकिन कांग्रेस में भी शीला दीक्षित जैसे नेता, जिनकी कभी राहुल गांधी लेकर अलग राय थी, का यह कहना कि... राहुल एक सक्षम नेता के तौर पर उभरे हैं, कामयाबी के किसी प्रमाण-पत्र से कम नहीं है? 
सुधीन्द्र कुलकर्णी का कहना था कि... भारत



जयललिता के समर्थकों का सत्ता संघर्ष जारी है!

अभिमनोज

तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के गुजर जाने के बाद से प्रदेश में एआईएडीएमके के विभिन्न पक्षों में सत्ता संघर्ष जारी है. वैसे तो जयललिता की सबसे करीब रही शशिकला सत्ता की सबसे प्रबल दावेदार थी, लेकिन ऐन मौके पर कोर्ट के एक फैसले के कारण उन्हें जेल जाना पड़ा और सत्ता उनके हाथ से निकल गई. इस वक्त तमिलनाडु में एआईएडीएमके की राजनीति शशिकला पक्ष के टीटीवी दिनाकरन, सीएम पलानीसामी और पूर्व मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम के इर्दगिर्द है?
खबर है कि... मद्रास हाई कोर्ट ने 18 एमएलए की सदस्यता रद्द किए जाने के मामले में निर्णय दे दिया है, इस मामले में हाई कोर्ट की दो जजों की बेंच ने विभाजित फैसला सुनाया है जिसके तहत हाई



फ़ादर्स डे बनाम तर्पण

मनोज कुमार

रिश्ते में हम तेरे बाप लगते हैं, तब लगता है कि बाप कोई बड़ी चीज होता है लेकिन बाज़ार ने 'फादर्स डे' कहकर उसे भी टेडीबियर की शक्ल दे दी है. ब्च्चे उन्हीं की जेब काटकर, उन्हें गिफ्ट देते हैं. उपहार कहने पर बाज़ार की नज़रों में देहाती हो जाएंगे, इसीलिए गिफ़्ट कहना ही ठीक रहेगा. ये डे का कॉन्सेप्ट बाज़ार के है, क्योकि भारत में बाप आज भी वैसा ही है, जैसा कि फ़ादर डे के पहले था. रफू किये कपड़े और फ़टी बनिया एक बाप को बाप बनाता है क्योंकि वह बाप बच्चों को नए कपड़ों में देखकर खुश होता है. उसकी तमन्ना तब पूरी होती है जब उसके बच्चे जीने लायक नोकरी पा लें. बहुत मजबूरी हो तब बच्चों से वह ना कहता है, वरना उनकी हर ज़रूरत बाप की खुशी होती है, मज़बूर



स्व-प्रेरणा की मिसालों से बनता समाज

ललित गर्ग

कहते हैं कि जिसके सिर पर कुछ कर गुजरने का जुनून सवार होता है तो फिर वो हर मुश्किल हालात का सामना करते हुए अपनी मंजिल को हासिल कर ही लेता है. ऐसे लोग अपने किसी भी काम के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं होते बल्कि वो आत्मनिर्भर होकर अपने सभी कामों को अंजाम देते हैं और दुनिया के सामने एक अनोखी मिसाल पेश करते हैं. जुनून, स्वप्रेरणा, श्रमदान और आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश करनेवाला एक ऐसा ही अनूठा उदाहरण छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से मात्र पच्चीस किलोमीटर दूर आमदी नाम के एक गांव में लोगों द्वारा खुद तालाब बना लेने का है. यह गांव हर साल गर्मी में पानी के लिए तरस जाता था. लेकिन विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाली राज्य सरकार ने कोई स



आरएसएस की ताकत? कोई ईर्ष्या तो कर सकता है, लेकिन इंकार नहीं

प्रदीप द्विवेदी

भारतीय राजनीति में आरएसएस का प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं होने के बावजूद आरएसएस की ताकत को सियासी दुनिया नजरअंदाज नहीं कर सकती है? आरएसएस की ताकत से कोई भी ईर्ष्या तो कर सकता है, लेकिन उसकी ताकत से इंकार नहीं कर सकता है. अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यदि संघ का समर्थन भाजपा को नहीं मिले तो भाजपा की सियासी सफलताएं आधी भी नहीं बचेंगी?
कुछ समय पहले देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आरएसएस के कार्यक्रम में भाग लेने के कारण संघ एक बार फिर चर्चाओं में है. बगैर किसी आधार के संघ की आलोचना तो होती रही है, परन्तु संघ के खिलाफ ठोस सबूतों का अभाव रहा है, यही नहीं... समय-समय पर संघ ने देश-समाज में अपनी श्रेष्ठ भूमिका अ



 माना की पीएम मोदी बहादुर हैं, पर प्रेस से क्यों दूर हैं?

अभिमनोज

पीएम नरेन्द्र भाई मोदी की जिस तरह की ब्रांडिंग हो रही है, उससे लगता है कि वे बहादुर हैं, पर सवाल यह है कि फिर वे प्रेस से क्यों दूर हैं? प्रेस से बातचीत तो छोडि़ए, वे तो कईं ज्वलंत मुद्दों पर ही चुप्पी साध लेते हैं, और शायद इसीलिए मौन रहने का भाजपाई आरोप झेलने वाले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी कुछ समय पूर्व पीएम मोदी पर व्यंग्यबाण चलाए थे कि... उन्हें बोलने का उपदेश देने वाले मोदी क्यों ज्वलंत मुद्दों पर चुप्पी साधे रहते हैं?
नरेंद्र भाई मोदी प्रेस के साथ एक तरफा संवाद रखते हैं जैसा अपनी पार्टी के नेताओं के साथ रखते हैं, उनके भाषण सुनो, उनके मन की बात सुनो और उनके बयान खुब प्रचारित करो. 
यही वजह है कि भ



प्रेम ही संसार की नींव है...!

गिरीश बिल्लोरे “मुकुल”

संत वैलेंटाइन के नाम पर प्रेम का सन्देश देने वाले दिन में बुराई क्या..? इस सवाल पर घच्च से अपने राम पर पक्ष द्रोही होने का आरोप तय कर दिया जावेगा कोई डंडा लेकर मारने भी आ जावे इसका मुझे पूरा पूरा अंदाज़ है. देर रात तलक नेट पर निर्वसना रतियों को निहारते लोग या फिर रूमानी चैट सेवाओं का लाभ उठाते लोग ही सर्वाधिक शक्ति के साथ इस दिवस पर सक्रीय नज़र आते हैं . जबकि परिवारों में बालिकाओं और महिलाओं के साथ दुराचारों पर इनकी निगाह कभी कभार ही ही पड़ती होगी.
घरेलू शोषण पर आक्रामक क्यों नहीं होते ये लोग. वास्तव में यह सब एक पूर्वाग्रही मिशन के हिस्से होते हैं. जो बिना समझ के विरोध का परचम लेकर आगे बढ़ते हैं. वास्तव में होना ये चा



प्रेम एक सहज गठबंधन होता है... 

अनूप शुक्ल

सुबह-सुबह कार से टहलने निकले. पप्पू की दुकान के पास की फ़ुटपाथ पर बैठे एक जोड़ा कानाफ़ूसी वाले अंदाज में बतिया रहा था. अंदाजे-ए-गुफ़्तगू वही वाला जिसमें गांधी जी-नेहरू जी के साथ बतियाते हुये तस्वीरों में दिखते हैं. तस्वीर में भले ही नेहरू जी, गांधीजी से , किसी मीटिंग में स्वयंसेवकों को सब्जी-पूड़ी बंटेगी कि दाल-चावल, विषय पर चर्चा कर रहे हों लेकिन उनके महापुरुष होने के नाते माना यही जायेगा कि वे देश-विदेश की किसी बड़ी समस्या पर चर्चा कर रहे हैं. ऐसे ही ये फुटपाथिया लोग भले ही अमेरिका और उत्तर कोरिया के राष्ट्रपतियों के सनकी बयानों की चर्चा कर रहे हों लेकिन हम यही सोचेंगे कि ये शाम के दाल-रोटी के इंतजाम की चर्चा कर रहे ह



ज्योतिष शास्त्र विचार का विषय है, विवाद का नहीं

प्रदीप द्विवेदी

ज्योतिष को लेकर अक्सर बहस की स्थितियां बनती हैं और अनेक तर्कशास़़्त्री इसे पूरी ताकत से गलत साबित करने में लग जाते हैं. मैं न तो ज्योतिष शास्त्र का प्रवक्ता हूं  और न ही इसे सही-गलत साबित करना मेरी जिम्मेदारी है, क्योंकि... यह निजी उपयोग का ज्ञान है, सार्वजनिक बहस का विज्ञान नहीं.
ज्योतिष का ज्ञान एकत्रित करने में सैकडों ऋषियों को हजारों साल लगे और इसकी गणनाएं आधुनिक उपकरणों से ज्ञात गणनाओं से प्रमाणित हो रही हैं तो यह मान लेना चाहिए कि ज्योतिष ज्ञान महज कल्पना नहीं है, हकीकत का विज्ञान है?
ज्योतिष के साथ दो बडी समस्याएं है, एक- ज्योतिष ज्ञान के लिए ज्योतिषी होने का योग होना चाहिए, और दो- ज्यादातर ज्योति



उपचुनाव में एक बार फिर मतदाता मुखर हुआ 

ललित गर्ग

भारत के लोकतन्त्र की सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि चुनाव के समय मतदाता ही बादशाह होता है. इस समय राजनेताओं के भाग्य का फैसला करने का अधिकार उसी को होता है. हमने यह बात सत्तर वर्षीय लोकतंत्र के जीवन में एक बार नहीं, बल्कि अनेक बार देखी है. जब-जब इन मतदाताओं को नजरअंदाज किया गया, राजनैतिक दलों को मुंह की खानी पड़ी है. हाल में सम्पन्न हुए कई राज्यों के विधानसभा व लोकसभा उपचुनावों के नतीजों से जो सन्देश निकला है वह यही है कि भारत के लोकतन्त्र को जीवन्त और ऊर्जावान बनाये रखने में मतदाताओं ने एक बार फिर अपने अधिकार का बहुत सूझबूझ एवं विवेक से उपयोग किया हैं. उसने जो निर्णय दिया है उससे कुछ राजनैतिक नेतृत्व जीत की खुशफहम



दिवस विशेष: उदन्त मार्तण्ड की परम्परा निभाता हिन्दी पत्रकारिता

मनोज कुमार

कथाकार अशोक गुजराती की लिखी चार पंक्तियां सहज ही स्मरण हो आती हैं कि 

राजा ने कहा रात है

मंत्री ने कहा रात है

सबने कहा रात है

यह सुबह सुबह की बात है

कथाकार की बातों पर यकीन करें तो मीडिया का जो चाल, चरित्र और चेहरा समाज के सामने आता है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है किन्तु क्या यही पूरा सच है? यदि हां में इसका जवाब है तो समाज की विभिन्न समस्याओं और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मीडिया के साथ क्यों बात की जाती है? क्यों मीडिया को भागीदार बनाया जाता है? सच तो यही है कि मीडिया हमेशा से निरपेक्ष और स्वतंत्र रहा है. हां में हां मिलाना उसकी आदत में नहीं है और यदि ऐसा होता तो जिस तरह समाज के



विदेश नीति: सुषमा नहीं मोदी का जादू !

कुमार राकेश

भारत की विदेश नीति में मोदी प्रभाव ज्यादा है, बनिस्पत सुषमा के. कोई कुछ भी कहे,प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी ने विदेशों में भारत के जयघोष का जो डंका बजाया है,वो आज तक कमोबेश अटलबिहारी बाजपाई को छोड़कर किसी प्रधानमंत्री या विदेश मंत्री ने बजाया.
 भारतीय संस्कृति के तहत ये बात चरितार्थ और प्रमाणित है कि हैं- दंभ ईश्वर का आहार है.यदि आप दम्भी हो गए या कहीं से उस दंभ का अंश मात्र में आप में आ गया तो आपके अन्दर की इंसानियत मर जाती है. शायद देश की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ ऐसा ही हो रहा है . कभी नम्रता,शोखी,अदब,नफासत,नज़ाकत,तहजीब के लिए मशहूर रही श्रीमती स्वराज,आज वो पहले  वाली सुषमा स्वराज नहीं रही है. कारण ज



देख तेरे भगवान की हालत क्या हो गई इंसान!

प्रदीप द्विवेदी

धरती पर मानव जीवन के भविष्य को लेकर मैं बहुत आश्वस्त हूं , कारण? इस धरती पर बडे-से-बडे राक्षस आए, नीच-से-नीच आतंकवादी आए, लेकिन इस धरती को नर्क नहीं बना पाए, ठीक इसी तरह महान-से-महान संत आए लेकिन धरती को स्वर्ग नहीं बना पाए!
मतलब, सर्वशक्तिमान ईश्वर के आगे सभी बौने हैं? कोई भी संत हो या राक्षस, उसकी समय सीमा तय है और उसके गुजरने के बाद कोई दूसरा उसकी जगह ले नहीं सकता है, बल्कि कईं बार तो राक्षस के घर में संत पैदा हो जाते हैं और उस राक्षस की तमाम नकारात्मक उर्जा को ही नष्ट कर देते हैं!
ईश्वर ने इंसान को बनाया या नहीं, यह तो पता नहीं, लेकिन इंसान ने कई ईश्वर बना दिए हैं, जबकि सच्चाई यह है कि ईश्वर एक है और जातियां केवल तीन!


गैरभाजपाइयों की चुनौती वास्तविक. लाभ की गणित काल्पनिक?

अभिमनोज

कर्नाटक प्रकरण ने विपक्षी एकता की राह दिखा दी है और ज्यादातर गैरभाजपाई नेता उस राह पर चल भी पड़े हैं, लेकिन... इस राह पर चल कर मंजिल हासिल करने के मामले में अभी भी कईं किन्तु-परन्तु हैं.
अलबत्ता... गैरभाजपाइयों ने 2019 में मोदी के विजय रथ को रोकने का तरीका तलाश लिया है, जिसके जरिए देश के 13 राज्यों में 15 दल मिलकर सवा चार सौ से ज्यादा लोकसभा सीटों पर भाजपा की जीत खटाई में डाल देंगे? इस गैरभाजपाई चक्रव्यूह को रचना आसान नहीं है, लेकिन यदि बन गया तो भाजपा के लिए चक्रव्यूह तोडऩा बेहद मुश्किल होगा?
कर्नाटक चुनाव नतीजों के बाद भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरी और अपने कामयाब जोड़तोड़ के इतिहास के भरोसे 21वें राज्य के रूप मे



ज्वलंत सवाल: आठ राज्यों में हिन्दू अल्पसंख्यक

सुरेश हिन्दुस्तानी

देश में कश्मीर से विस्थापित हुए हिन्दुओं के बारे में अगर उसी समय समाधान निकलता तो संभवत: अन्य राज्यों में इसकी पुनरावृति रुक सकती थी, लेकिन समाधान निकालने के किसी भी तरीके पर सरकार की ओर से कोई चिंतन नहीं किया गया. इस कारण यह समस्या आज पूरे देश में तेजी से पैर पसारती जा रही है. इसका मुख्य कारण देश विरोधी कार्यों को अंजाम देने वाली राजनीति को माना जा सकता है. कश्मीर का सबसे जघन्य सच यह है कि वहां से जो हिन्दू धर्म को पूरी तरह से मानते थे, उन्हें ही भगाया गया, बाकी सब मुसलमान बन गए. यह एक प्रकार से धर्मान्तरण का ही खेल था. धर्मांतरण का खेल कौन चला रहा है, यह भी लगभग सभी जानते हैं.

महात्मा गांधी ने धर्मान्तरण के बारे



कठुआ मामले में बर्खास्त पुलिसकर्मी को लेकर कोर्ट ने सरकार को भेजा नोटिस

गुरुवार को कश्मीर में हुई नाबालिग की निर्मम हत्या के विरोध में कुपवाड़ा बंद

अभिमनोज: क्या जम्मू-कश्मीर में भाजपा का पहला सियासी कदम कामयाब रहा?

जाकिर मूसा कश्मीर में कर रहा आतंकियों की भर्ती, रच रहा बड़े हमले की साजिश

बारामूला में पुलिस चाैकी पर आतंकवादियों ने फैंका हथगोला

20 दिनों में दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किये बाबा अमरनाथ के दर्शन

पाकिस्‍तान से जुड़े वॉट्सऐप ग्रुप भड़का रहे हैं कश्‍मीरी युवाओं को...

JKCA घोटाला मामले में CBI ने फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

कई राज्यों में बा‌रिश बनी तबाही की वजह, जम्मू में 7 और केरल में 4 की मौत

वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन, श्रद्धालुओं का आना-जाना बंद

कुपवाड़ा में सोमवार तड़के शुरू हुई मुठभेड़ में एक आतंकी ढेर, दो जवान घायल

सेहर बाबा वाटरफॉल में भूस्खलन से चार लोगों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

फिर हिरासत में लिए गए अलगाववादी नेता यासीन मलिक

अमरनाथ दर्शन के लिए 2,922 तीर्थयात्रियों का जत्था रवाना, 26 अगस्त तक चलेगी यात्रा

सुरेश हिन्दुस्थानी: भारत विरोधी है महबूबा का बयान

CRPF की सतर्कता के चलते नाकाम हुई राइफल लूट की साजिश, पकड़ा गया संदिग्‍ध

आंतकवादियों ने सीआरपीएफ दस्ते पर की फायरिंग, 1 जवान शहीद 2 घायल

महबूबा की धमकी, कहा- PDP को तोड़ा तो हालात और बदतर होंगे

पीडीपी के बांडीपोरा जिला अध्यक्ष को दिखाया गया बाहर का रास्ता

युवक की मौत के बाद उत्तर कश्मीर में लगा कर्फ्यू, इंटरनेट सेवा बंद

अमरनाथ श्रद्धालुओं से भरी मिनी बस की ट्रक से हुई टक्कर, 13 घायल

कुपवाड़ा में सेना के साथ मुठभेड़ में एक आतंकी ढेर

शोपियां में दुर्घटनावश हुए विस्फोट में 6 वर्षीय बच्चे की मौत, चार घायल

अलगाववादियों के बंद से कश्मीर घाटी में जनजीवन प्रभावित

सेना प्रमुख ने जारी की सख्त गाइडलाइन, फौजियों से अब नहीं लिया जाएगा नौकरों जैसा काम

यूपीएससी टॉपर के 'रेपिस्तान' ट्वीट को लेकर मचा बवाल, सरकार ने जारी किया नोटिस

जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन ऑलआउट के तहत मारे गए 100 से अधिक आतंकी

PDP में तेज हुए बगावत के सुर, 14 विधायक पार्टी छोड़ने को तैयार

शोपियां में सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को किया ढेर, खत्‍म हुई मुठभेड़

पवित्र अमरनाथ गुफा के लिए रवाना हुआ 11000 तीर्थ यात्रियों का जत्था

सुरक्षाबलों से घिरते ही आतंकी ने किया घर फ़ोन, पिता की हार्ट अटैक से हुई मौत

सड़क हादसे में दो अमरनाथ यात्रियों की मौत

BSF की गिरफ्त में 4 तस्‍कर, आतंकियों तक पहुंचाते थे हथियार और मादक पदार्थ

त्राल में सीआरपीएफ कैंप पर आतंकियों ने किया ग्रेनेड हमला

जामिया मस्जिद तीन दिन तक बंद रहने के बाद साेमवार को खोली गई

कश्मीर में सुरक्षा कारणों से स्थगित ट्रेन सेवा सोमवार से फिर बहाल

जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद, फंसे हजारों लोग

जम्मू्-श्रीनगर हाईवे पर रोका गया ट्रैफिक, अमरनाथ यात्रियों सहित हजारों लोग फंसे

अमरनाथ यात्रा कल एक दिन के लिए स्थगित

महबूबा की धमकी, पीडीपी को तोड़ने के गंभीर परिणाम होंगे

अमरनाथ यात्रा: खराब मौसम का असर, दो दिन बाद रवाना हुआ जत्था

आतंकी बुरहान की बरसी पर J&K में बिगड़े हालात, किशोरी सहित तीन लोगों की मौत

पुलवामा में सुरक्षा बलों के शिविर एवं गश्ती दल पर आतंकवादियों ने फेंके ग्रेनेड

जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के लिए बीजेपी की राजनीतिक कवायद जारी

गिरफ्तार अलगाववादी नेता अंद्राबी को कोर्ट ने भेजा NIA की कस्टडी में

ऐतिहासिक जामिया मस्जिद को अशांति की आशंका के मद्देनजर किया गया बंद

दलाई लामा ने लेह के लोगों के साथ मनाया 83वां जन्मदिन

अमरनाथ यात्रियों को लेकर जा रही बस श्रीनगर-लेह हाईवे पर पलटी

बौखलाये आतंकी: पुलिस जवान जावेद को मार डाला, गोलियों से छलनी शव मिला

जम्मू-कश्मीर में गोलाबारूद के साथ दो जिंदा आतंकी गिरफ्तार, ग्रेनेड भी बरामद

J&K पहुंचे राजनाथ सिंह, अमरनाथ यात्रा के सुरक्षा प्रबंधों का लिया जायजा

J&K में नई सरकार की सुगबुगाहट, PDP के चार विधायक BJP के संपर्क में

बुरहान वानी की बरसी के दो दिन पहले कश्मीर में हाई अलर्ट, इंटरनेट सेवाएं बंद

जम्मूू-कश्मीर की सेंट्रल यूनिवर्सिटी में राष्ट्रगान का अपमान, कुर्सियों पर बैठे रहे छात्र

गुरु हरगोेविंद सिंह जयंती पर वोहरा, महबूबा ने लोगों को दी बधाई

खराब मौसम की वजह से रुकी अमरनाथ यात्रा, 14 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

अमरनाथ में भूस्‍खलन और बारिश से अब तक 10 श्रद्धालुओं की मौत

बाबा अमरनाथ के जयघोष के साथ 5,382 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था रवाना

व्हाट्स एप ग्रुप एडमिन को 10 दिन के भीतर कराना होगा रजिस्ट्रेशन,नहीं तो....

जम्मू-कश्मीर में पास आते नजर आ रहे महबूबा और कांग्रेस

सोशल नेटवर्किंग साइट पर अमरनाथ में हमले की झूठी खबर आने से मचा हड़कंप

कश्मीर के सियासी मुद्दे पर चर्चा करने वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की अहम बैठक

भीषण बारिश के कारण J&K में तीन की मौत

बालटाल से फिर शुरू हुई अमरनाथ यात्रा, खतरे की निशान से ऊपर बह रही झेलम

पुलवामा ऑपरेशन खत्म, सुरक्षा बल ने मार गिराए तीन आतंकवादी

अमरनाथ यात्रा में बारिश ने फिर डाली रुकावट, पहलगाम-बालटाल में फंसे श्रद्धालु



कश्यपमर कश्मीर और वराहमूला है बारामूला


पहले सीमा पर फायरिंग, फिर पहुंचा सुरक्षा परिषद के सदस्यों के पास पाकिस्तान


कश्मीर में बकरीद के लिए खरीदारी चरम पर


एमपी विजेंद्र सिंगल ने मां के चरणों में लगाई हाजरी


डोडा मे फटा बादल


भारत, पाकिस्तान के बीच दोस्ती का पुल बने कश्मीर : महबूबा


श्रीनगर: अदालत के बाहर आतंकी हमला


सरकार की कथित आपराधिक लापरवाही के खिलाफ पी.डी.पी. उतरी सडक़ों पर


दशर्नो के लिए हर रोज तीस हजार से भी अधिक श्रद्वालु धर्मनगरी मे


मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया


रक्त दान से किसी की जान बचाई जा सकती है


मोसम खराव रहने के वाद शनिवार को धर्मनगरी सहित भवन मार्ग पर मोसम वडा सुहावना


पैंथल मे मंकर संक्रति के दिन 114वा विशाल दंगल


रघुनाथ मंदिर केे परिस्पर मे कटडा वासियो की वैठक मुल्खराज पुरोहित की अध्यष्ता


महिला मोर्च द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया


ग्रेनेड ब्लास्ट में एक बच्चे की मौत, दो घायल


के.जी.एच.ई.पी. के आसपास नागरिकों की आवाजाही पर प्रतिबंध


सीवल डिफैंस की वैठक का आयोजन


अमित कुमार ने एस.एस.पी. श्रीनगर का कार्यभार संभाला


जनता लोकतांत्रिक प्रतिद्वंद्दिता का महत्व समझने लगी है: महबूबा, सीमांत क्षेत्रों के हित पीडीपी के अति महत्वपूर्ण


मतदाताओं को करें जागरूक


मां वैष्णो देवी जी के भवन पर श्रद्धालु घायल


राहत काजमी की फिल्म आइडेंटिटी कार्ड की पूरी शूटिंग कश्मीर में हुई


कश्मीर में कड़ाके की ठंडए लेह में पारा 11 डिग्री


जम्मू कश्मीर रणजी को 20 लाख पुरस्कार