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हॉन्गकॉन्ग को लेकर भारत ने बदले अपने सुर

सोनल सिन्हा

चीन अपने पडोसी देशों से रिश्ते बद से बदतर करता जा रहा है, चाहे वह ताइवान हो, जापान हो या कोई और देश,वह  हर किसी से उलझने का साहस करता नजर आ रहा है.अगर हॉन्गकॉन्ग की बात करे तो ये बोलना कतई गलत नही होगा कि चीन ने  वहा लोक-तंत्र की हत्या कर दी है तथा वहा के लोगो का खूब दमन कर रहा है जो बेशक चिंता का विषय है.इस मुद्दे पर कई देश चीन पे सवाल उठाते रहे है पर भारत ने कभी हॉन्गकॉन्ग और ताइवान के मुद्दे पर नही बोला था क्योंकि भारत चीन से अपने रिश्ते खराब नही करना चाहता था.लेकिन,आज हालात और परिस्थिति काफी अलग  है जिसके परिणामस्वरूप भारत और चीन के रिश्तों में  खटास आ चुकी है.वैसे कई मुद्दों पर मनमुटाव तो पहले से  ही था पर इस



कानपुर नरसंहारः प्यादों के वजीर बनने की कहानी

अजय कुमार

उत्तर प्रदेश में खादी-खाकी-अपराधीतीनों का गठजोड़ हमेशा से फलता-फूलता रहा है.कोई भी दल इससे अछूता नहीं है.तीनों ही एक-दूसरे के पूरक हैं.नेताओं को जब बिना मेहनत के चुनाव जीतना होता है वह चुनाव जीतने के लिए जाति-धर्म और अपराधियों (जिसे आम बोलचाल की भाषा में बाहुबलीकहा जाता है) का सहारा लेना है,तो अपराधी इसके बदले में सफेदपोश नेताओं का संरक्षण हासिल कर लेते हैं.तब पुलिस भी ऐसे अपराधियों पर हाथ डालने की हिम्मत  नहीं जुटा पाती है.इसकी के साथ इस गठजोड़ में खाकी की भी इंट्री हो जाती है.खाकी उस खादी के अधीन रहती है जो अपनी सियासत चमकाने के लिए अपराधियों को सरक्षण देता है.ऐसी दशा में कुछ रिश्वतखोर खाकी पहनने वालों के पास आ



मप्र के राजनीतिक अरण्य की मल्टी टाइगर कथा

अजय बोकिल

क्या ही संयोग है कि शिवराज मंत्रिमंडल के ताजा विस्तार में जैसी अरण्य छाया दिखाई दी, वैसी पहले कभी नजर नहीं आई. मंत्रिमंडल में शेर का हिस्सा हासिल करने बाद प्रदेश की राजनीति के एक बड़े नक्षत्र ज्योतिरादित्य सिंधिया ने तगड़ा कटाक्ष किया कि टाइगर अभी जिंदा है.हालांकि ऐसा ही दावा डेढ़ साल पहले मुख्‍यमंत्री शिवराज ने सरकार गंवाने  के बाद अपने निर्वाचन क्षेत्र बुदनी में एक सभा में किया था. ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि अब प्रदेश की भाजपा राजनीति में असली टाइगर कौन है, इस सियासी स्पर्द्धा में कौन सा ‍टाइगर टिकेगा या फिर यहां कई टाइगरों का सह-अस्तित्व होने वाला है? प्रदेश में राजनीतिक टाइगरों  की इस बढ़



भारतीय सेना की तरह पुलिस पर भरोसा क्यों नहीं है?

प्रियंका सौरभ

देश भर में हम आये दिन पुलिस द्वारा हिरासत में लिये गए लोगों की मृत्यु और यातना की घटनाों को सुनते हैं जिसके फलस्वरूप पुलिस की छवि पर दाग लगते है. यही नहीं अपराधी प्रवृति के लोगों में पुलिस के प्रति क्रूरता जन्म लेती है. उत्तर प्रदेश और हरियाणा में अभी-अभी पुलिस वालों के साथ हुई मुठभेड़ और पुलिस वालों का इस तरह शहीद होना भारत की विघटित होती आपराधिक न्यायिक प्रणाली की ओर इशारा करते हुए देश में पुलिस सुधार की आवश्यकता को उजागर करता है. देश में अधिकांशतः राज्यों में पुलिस की छवि तानाशाहीपूर्ण, जनता के साथ मित्रवत न होना और अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने की रही है.

रोज़ ऐसे अनेक किस्से सुनने-पढ़ने और देखने को मिल



बड़ी लकीर को छोटी करने के चक्‍कर में फंसे हैं हम

रवि प्रकाश

किसी दूसरे के द्वारा खींची गई लकीर को यदि छोटा करना हो तो इसके दो उपाय है. एक या तो उसके नीचे या फिर उसके बगल में बड़ी लकीर खींच दें या फिर पहले से जो लकीर खींची गई है उसे रगड़ कर मिटा दें. अपने देश में हम दूसरे की लकीर को छोटा बनाने के लिए अपनी बड़ी लकीर नहीं नहीं खींचते हैं. हम दूसरे की लकीर को मिटाकर ही उसे छोटा बनाने के प्रयास में लगे रहते हैं. यह काम हम इतनी तल्‍लीनता से करने में जुटे रहते हैं कि हमें अपनी जिंदगी में या अपने व्‍यवासाय में नया कुछ कर पाने के लिए समय ही नहीं निकाल पाते हैं. क्योंकि हमारा सारा समय दूसरे के द्वारा किए गए कार्यों की आलोचना करना या उसे गलत ठहराने में व्यतीत हो जाता है.

इन दिनों चीन क



शिक्षा माफियाओं के दबाव से हटकर ले स्कूल खोलने का फैसला

डॉ. सत्यवान सौरभ

कोरोना संकट के बीच में शिक्षा मंत्रालय ने आदेश जारी किया है कि राज्य सरकार चाहे तो जुलाई से स्कूलों को खोल सकती है. इसी बीच करीब 5 से ज्यादा राज्य सरकारों ने जुलाई से स्कूलों को खोलने के आदेश भी जारी कर दिए हैं मगर प्रश्न और चिंता की बात ये है कि क्या स्वास्थ्य मानकों को पूरा करते हुए स्कूल प्रबंधन स्कूल खोलने को तैयार है और पूरे देश भर में क्या जुलाई से खुलने वाले स्कूलों में अभिभावक अपने बच्चों को भेजने को तैयार भी है या फिर वो इस वक्त अपने बच्चों के भविष्य और जान को लेकर असमंजस कि स्थिति में है.स्कूल खुले तो कोरोना वायरस संक्रमण पर काबू पाना मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि अभी लगातार कोरोना पॉजिटिव केस बढ़ रहे हैं.



क्या यह पी.वी. नरसिंहराव का राजनीतिक पुनर्जन्म है?  

अजय बोकिल

देर से ही सही,इतिहास न्याय तो करता है. 28 जून को देश के प्रमुख अखबारों में जब पूर्वप्रधानमंत्री पी.वी.नरसिंहराव की 99 वीं जयंती पर श्रद्धांजलि स्वरूप फुल पेज केविज्ञापन देखे तो सुखद आश्चर्य के साथ लगा कि दुनिया में देर है,अंधेर नहीं. हैरानी की बात यह थी कि ये विज्ञापन उस कांग्रेस पार्टी ने नहीं दिएथे, जिसमें नरसिंहाराव ने अपनी पूरी जिंदगी खपा दी थी, बल्कि महज 20 साल पहले जन्मी और अब तेलंगाना मेंसत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति ( टीआरएस) सरकार ने दिए थे. इसमें पी.वी. को तेलंगानाका गौरव और भारत की शान बताया गया था. विज्ञापन में भारत माता के परमप्रिय पुत्रको महा अभिवादन के साथ राज्य के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव न



निजी स्कूलों को नियंत्रित कर सरकार शिक्षकों की भर्ती करे 

प्रियंका सौरभ

दरअसल सरकारी स्कूल फेल नहीं हुए हैं बल्कि यह इसे चलाने वाली सरकारों, नौकरशाहों और नेताओं का फेलियर है. सरकारी स्कूल प्रणाली के हालिया बदसूरती के लिए यही लोग जिम्मेवार है जिन्होंने निजीकरण के नाम पर राज्य की महत्वपूर्ण सम्पति का सर्वनाश कर दिया है. वैसे भी वो राज्य जल्द ही बर्बाद हो जाते है या भ्र्ष्टाचार का गढ़ बन जाते है जिनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और पुलिस व्यवस्था पर निजीकरण का सांप कुंडली मारकर बैठ जाता है. आज निजी स्कूलों का नेटवर्क देश के हर कोने में फैल गया है. सरकारी स्कूल केवल इस देश के सबसे वंचित और हाशिये पर रह रहे समुदायों के बच्चों की स्कूलिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. अच्छे घरों के बच्चे न



न आप बड़े भक्‍त हैं, न हम छोटे भक्‍त हैं!

रवि प्रकाश

पहले हम आस्तिक और नास्तिक होते थे. जो भगवान में आस्‍था रखते उन्‍हें आस्तिक कहा जाता है और वे जो भगवान में आस्‍था नहीं रखते , नास्तिक कहलाते हैं. जब से हमने इंसानों को भगवान का दर्जा देना शुरू कर दिया है तब से हम न तो आस्तिक रहे और न ही नास्तिक. हम भक्‍त बन गए हैं. हमने दिल से भक्ति शुरू कर दी है इसलिए दिमाग ने सोचना बंद कर दिया है. तब भी हम जब अपने इंसान रूपी भगवान के विषय में सोचना शुरू करते हैं तो हमारा दिल हमें धिक्‍कारने लगता है. यह सबसे खतरनाक स्थिति है. हम अपने विवेक को संतुलित रखते हुए विवेचना नहीं कर पाते हैं. यह भक्ति का ही प्रभाव होता है जब हम अपने किसी जानने वाले के खिलाफ भी उठ खड़े होते हैं. उसका विरोध करन



जवाब क्यों नहीं देते कमलनाथ?

प्रकाश भटनागर

प्रभात झा निसंदेह एक गजब की खूबी से भरे नेता हैं. बयान के जरिए कब, कहां और कितनी आग उगलना है, इस मामले में उनके कैलकुलेशन का कोई सानी नहीं है. टीवी कैमरे पर उन्होंने शायद ही कभी किसी बाइट की शुरूआत से अंत तक अपने तीखे आरोह को अवरोह के समीप भी आने दिया हो. इस से ठीक उलट हिसाब है कमलनाथ का. कई बार तो ऐसा लगता है कि उनके होंठों की फड़फड़ाहट से इंतजार में कैमरा ही दम न तोड़ दे. उत्तर इस मुद्रा में देते हैं कि अक्सर सवाल पूछने वाल ही भ्रमजाल का शिकार हो जाता है कि आखिर उसने क्या सवाल पूछा था. झा बयानों में विशुद्ध रूप से अपने मतलब (लाभ कहना ज्यादा उचित होगा) की बात कहते हैं, लेकिन किसी खास शब्द का ऐसा दुमछल्ला भी फिट कर देते हैं कि



सरकारी नौकरी, बड़े व्यापारी और नेताओं के लिए सैनिक सेवा अनिवार्य हो

डॉ. सत्यवान सौरभ

अब समय आ गया है कि सरकारी कर्मचारियों और 5 लाख से ऊपर की आय वालों के लिए आर्मी सर्विस अनिवार्य की जाये.ताकि देशभक्ति नारों से निकलकर वास्तविक रंग में आये और सबको पता चले कि कैसे एक फौजी देश की धड़कन है?? जो वतन की मिट्टी के लिए कुर्बान होता है अपना सब कुछ भूलकर. इनकम टैक्स की तर्ज और रिजर्वेशन के आधार पर आर्मी सर्विस के साल निर्धारित किये जाए. हर देशवासी को सीमा सेवा का मौका मिलना ही चाहिए ताकि कोई आंदोलन न करें कि मुझे ये अवसर नहीं मिला. न कोई धरने पर बैठे . ग्रुप ए और बी एवं 12 लाख से ऊपर की आय वाले परिवार के के लिए तो ये इस वतन में रहने की प्रथम शर्त होनी चाहिए.

देश के पैसे को अपनी तिजौरी में भरकर देश के अन्न- धन के का ल



कोरोनिल के बहाने बाबा रामदेव को मोदी सरकार का दिव्य झटका ?

अजय बोकिल

कोरोना महामारी की कथित रामबाण दवा दिव्य कोरोनिल टैबलेट पर रोक लगाकर मोदी सरकार ने बाबा रामदेव को तगड़ा झटका दे दिया है. इससे भड़के बाबा ने ट्वीट किया कि आयुर्वेद का विरोध एवं नफरत करने वालों के लिए यह घोर निराशा की खबर है. इसके पहले केन्द्रीय आयुष मंत्री श्रीपाद नाइक ने कहा था कि नियमानुसार किसी भी आयुर्वेदिक दवा को जांच के ‍लिए आयुष मं‍त्रालय में देना होता है. इसे परखने के बाद दवा के प्रयोग की अनुमति दी जाती है. सरकार ने बाबा की दवा के प्रचार-प्रसार पर भी रोक लगा दी. इस बीच यह बात भी सामने आई कि कोरोना दवा निर्माता पतंजलि आयुर्वेद ने उत्तराखंड सरकार से इम्युनिटी बूस्टर ( प्रतिरोध वर्द्धक) और सर्दी-खांसी की दव



पाठकों की दिलचस्‍पी का रखें ध्‍यान तभी बनेंगे अच्‍छे लेखक

रवि प्रकाश

लिखने वाला प्रत्‍येक व्‍यक्ति लेखक नहीं हो सकता, उसी प्रकार छपा हुआ कोई भी कागज आर्टिकल नहीं हो सकता. आर्टिकल लिखना यानि कि शब्दों का सही तरीके से इस्तेमाल करना है. इससे आप अपनी बातों को कम से कम शब्दों में और ज्यादा से ज्यादा जानकारी के साथ बयान कर सकें. बोलने और लिखने में फर्क यह है कि बोलते समय सुनने वाला व्यक्ति आपके सामने होता है और आप यह समझ सकते है कि वह आपकी बात को समझ भी रहा है या नहीं. या फिर आप जो कुछ भी कह रहे हैं वह उसके सिर के डुपर से गुजर रहा है. कहीं आपकी बातों को सुनते हुये उसे जम्‍हाईयां तो नहीं आ रही है. सुनने वाले की परिस्थिति को देखकर आप अपने बोलने की कला अथवा विषयवस्‍तु में परिवर्तन कर उसे दिलच



क्या होगा चीन का अगला कदम?

सोनल सिन्हा

पिछले कुछ दिनो से चीन और भारत के बीच जिस तरह की स्थिति बनी हुई है उसे देख कर ऐसा लगता है कि मामला काफी संवेदनशील है और कभी भी कुछ भी हो सकता है. जिस तरीके से चीन अपनी आक्रमक्ता भारत को दिखा रहा  है और दुनिया को ये दिखाने की कोशिश कर रहा है कि अगर युद्ध हुआ तो वो इसे अपने पक्ष में कर लेगा, तो ये उसकी सबसे बड़ी भूल होगी. सच तो यह है कि कही न कही चीन भी ये बात जनता है कि अगर उसने युद्ध लड़ा तो उसकी तबाही निश्चित हैं. आइये 
उन कारणों की चर्चा करते है जो ये  सिद्ध करते है कि अगर युद्ध हुआ तो बेशक चीन की तबाही तय है.

चीन का सीमा विवाद सिर्फ भारत से नही बल्कि और भी कई पड़ोसी देशो से है, जिसमे जापान, रुस, वियतनाम, हांगकांग, तिब



परमाणु परीक्षण की जगह गूंजेगी कुम्हारों के चाक की ध्वनि

डॉ. सत्यवान सौरभ

बदलते दौर में भारत के  गांवों में चल रहे परंपरागत व्यवसायों को भी नया रूप देने की जरूरत है. गांवों के परंपरागत व्यवसाय के खत्म होने की बात करना सरासर गलत है.अभी भी हम ग्रामीण व्यवसाय को थोड़ी-सी तब्दीली कर जिंदा रख सकते हैं. ग्रामीण भारत  अब नई तकनीक और नई सुविधाओं से लैस हो रहा हैं.भारत के गांव बदल रहे हैं, तो इनको अपने कारोबार में थोड़ा-सा बदलाव करने की जरूरत है.नई सोच और नए प्रयोग के जरिए ग्रामीण कारोबार को जिन्दा रखकर विशेष हासिल किया जा सकता है और उसे अपनी जीविका का साधन बनाया जा सकता है.

इसी दिशा में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग ने पोखरण की एक समय सबसे प्रसिद्ध रही बर्तनों की कला की पुनःप्राप्ति तथा कुम



अच्‍छा इंसान बनने का आशीर्वाद हम क्‍यों नहीं देते 

रवि प्रकाश

21 जून को फादर्स डे था. बहुत से बच्‍चों ने अपने पिता के पैर छुए होंगे. हालांकि पैर छूने का प्रचलन अब समाप्‍त प्राय स्थिति में है. आने वाले कुछ वर्षों के बाद बच्‍चों को यह पता भी नहीं होगा कि बड़ों को पैर छूकर प्रणाम करना चाहिए. क्‍योंकि उन बच्‍चों के माता-पिता ने युवावस्‍था से ही यह बंद कर दिया है. बच्‍चे जब अपने माता-पिता को प्रणाम करते हैं तो वे कई प्रकार के आशीर्वाद देते हैं. इन आशीर्वादों में प्रचलित आशीर्वाद हैं, खुश रहो. कुछ पिता यह भी कहते हैं कि तुम्‍हारी मनोकामनाएं पूर्ण हों. मगर ऐसे पिताओं की संख्‍या बहुत कम होगी, जिन्‍होंने कल अपने बच्‍चों को अच्‍छा इंसान बनने का आशीर्वाद दिया होगा. 
हमारे



इस बार आम भी कुछ सहमा-सहमा सा है!

अजय बोकिल

गलवान घाटी मामले में चीन की शाब्दिक ठुकाई करने वालों को इस बात का अंदाज नहीं है कि चीन  हमे अब आम उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में भी कड़ी चुनौती दे रहा है. अभी हम आम की पैदावार और निर्यात के मामले में दुनिया में नंबर  वन हैं. लेकिन चीन भी दूसरे नंबर पर आ चुका है. हालांकि इस साल कोरोना वायरस ने हमारे आम को रसहीन बना दिया. लाॅक डाउन के चलते ज्यादातर आम पेड़ों पर ही सड़ गए. मई के दूसरे पखवाड़े में कुछ आम बाजारों में दिखना शुरू हुआ तो जून की बारिश ने उसे भी बेस्वाद-सा कर दिया. हमारे आमों की खासियत और रंगत बनी रहे, इसके लिए अब यूपी के आमों की कुछ और लोकप्रिय किस्मों के लिए जीआई टैग हासिल करने के प्रयास शुरू हो गए हैं. ले



आत्मनिर्भर होने के मायने तलाशने होंगे

डाँ नीलम महेंद्र

आजकल देश में सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर चीन को बॉयकॉट करने कीमुहिम चल रही है. इससे पहले कोविड 19 के परिणामस्वरूप जब देश की अर्थव्यवस्था पर वैश्वीकरण के दुष्प्रभाव सामने आने लगे थे तो प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत का मंत्र दिया था. उस समय यह मंत्र देश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ पहुंचाने की दृष्टि से उठाया गया एक मजबूत कदम था जो आज  भारत चीन सीमा विवाद के चलते बॉयकॉट चायना का रूप ले चुका है. लेकिन जब तक हम आत्मनिर्भर नहीं बनेंगे चीन के आर्थिक बहिष्कार की बातें खोखली ही सिद्ध होंगी. इसे मानव चरित्र का पाखंड कहें या उसकी मजबूरी कि एक तरफ इनटरनेट के विभिन्न माध्यम चीनी समान के बहिष्कार के संदेशों स



सिंधिया...अब आगे क्या?

प्रकाश भटनागर

महानगर नामक एक कहानी श्रंखला को पढ़ना रोचक अनुभव था. इसकी एक कहानी दो व्यावसायिक प्रतिद्वंदियों की है. पहले पात्र की जिद है कि दूसरे की कंपनी के शेयर में बहुमत पाकर वहां का सर्वेसर्वा बन जाए. उसके इन प्रयासों को रोकने के लिए दूसरा हर जायज-नाजायज हथकंडा अपनाता है. पहला जीत तो जाता है, लेकिन इस खींचतान के बीच सामने वाले के किये गए घनघोर किस्म के चारित्रिक हमलों की टीस उसे सालती रहती है. इसके चलते उस फतेह की गयी कंपनी में वह अपनी जगह अपने नीम पागल भाई को चेयरमैन बना देता है. यह तय मानकर चलिए कि राज्यसभा चुनाव में अपनी जीत के बावजूद ज्योतिरादित्य सिंधिया किसी भी सूरत में खुलकर प्रसन्न नहीं हो पा रहे होंगे. क्योंकि अभ



चीन से नेपाल की बढ़ती नजदीकियां  

सोनल सिन्हा

जैसा की आप सबको पता है कि भारत और चीन के रिश्ते दिन पर दिन बदतर होते जा रहे हैं.एक तरफ चीन अपनी विस्तारवादी नीतियों से बाज़ नही आ रहा है वही दूसरी ओर भारत भी अपने ज़मीन के एक इंच का भी समझौता करने को तैयार नही हैं.और जब बात युद्ध की आती है तो किसी भी देश को सबसे ज्यादा उम्मीद अपने पडोसी देशों से रहती है वे कि हर मुश्किल में वो हमारे साथ खड़े रहेंगे.पर दुख की बात ये हैं कि भारत के अपने  पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते भी बिगड़ते जा रहे हैं.चीन और पाकिस्तान के बारे में तो हम सब को पहले से ही ज्ञात हैं, पर आश्चर्य की बात ये है कि हमारा करीबी मित्र देश नेपाल ,जिसके साथ हमारे रिश्ते सबसे बेहतरीन रहे हैं वो भी आज हमसे युद्ध की बात कर रह



सार्वजनिक परिवहन को ज्यादा साफ-सुरक्षित बनाना होगा 

डॉ. सत्यवान सौरभ

अब परिवहन सड़कों पर लौट आया है, लेकिन जब तक कोरोनोवायरस संक्रमण बढ़ रहा है, चीजें सामान्य से बहुत दूर रहेंगी. अर्थव्यवस्था को फिर से गति देने और शहरों में कामगारों को कार्यस्थल पर लाने में सार्वजनिक परिवहन एक प्रमुख माध्यम है, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के समय में बसों, ट्रेनों की यात्रा को सुरक्षित बनाने की जरूरत महसूस हो रही है . कोविड-19 महामारी से प्रभावित पूरी दुनिया में  सार्वजनिक परिवहन नये रूप में सामने आ रहा है. पहले जैसा होने में सालों लग जायेंगे. अब सवाल यही है क्या हम पहले जैसे परिवहन के साधनों का इस्तेमाल कर पाएंगे और कब से कर पाएंगे.  

जब तक ये सामान्य नहीं हो जाता तब तक क्या सावधानियां रखने क



हर्ड इम्युनिटी के भरोसे तो पूरा भारत कोरोनामय हो जायेगा

प्रियंका सौरभ

भारत में जैसे-जैसे कोरोना का प्रसार तेज हो रहा है,तो हर्ड इम्यूनिटी को लेकर चर्चा जोर पकड़ रही है। हर्ड इम्यूनिटी यानी अगर लगभग 70-90 फीसद लोगों में बीमारी के प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाए तो बाकी भी बच जाएंगे। लेकिन इसके लिए वैक्सीन जरूरी है।  क्या  कोरोना वैक्सीन की अनुपलब्धता में  हर्ड इम्युनिटी अपना काम कर पाएगी?

कोरोना की शुरुआत में ब्रिटेन ने हर्ड इम्यूनिटी का प्रयोग करने की कोशिश की। हालांकि वहां के तीन सौ से अधिक वैज्ञानिकों ने सरकार के इस कदम का विरोध किया और कहा कि सरकार को सख्त प्रतिबंधों के बारे में सोचना चाहिए, ना कि हर्ड इम्यूनिटीजैसे विकल्प के बारे में, जिससे बहुत सारे लोगों



उफ्, बीमा राशि से गरीबी मिटाने खुद को मरवाने की मजबूरी!

अजय बोकिल

कर्ज और बेकारी से परेशान एक व्यापारी द्वारा खुद ही सुपारी देकर अपनी हत्या इस उम्मीद में करवाना कि बाद मरने के उसके परिवार को बीमा राशि मिल जाएगी, को आप क्या कहेंगे? लाक डाउन में काम धंधा खोने के बाद उपजी लाचारी की प‍राकाष्ठा, निराशाजनित सोच में छिपी परिवार की चिंता या फिर अवसाद की इंतिहा? इस वक्त जब पूरा देश और खासकर मीडिया अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की खुदकुशी को लेकर विह्वल हुआ जा रहा है, लगभग उसी समय देश की राजधानी दिल्ली के एक कर्ज में डूबे एक युवा व्यापारी ने बीमा राशि से अपनी गरीबी दूर करने की पवित्र मंशा से खुद की ही हत्या करवा ली ताकि उसके मरने के बाद बीमा राशि  के रूप में मिलने वाली 1 करोड़ की रकम से बाक



अभिनेता की मौत समाज के लिए सदमा-संदेश दोनों

अजय कुमार

जीवन में जो लोग लक्ष्य निर्धारित करके दृढ़ संकल्प के साथ उसे हासिल करने की कोशिश करते हैं उन्हें अपनी मंजिल मिल ही जाती है. यह सच्चाई है. इसके साथ एक सच्चाई यह भी है कि मंजिल हासिल करने के लिए जितना कठोर तप करना पड़ता है,उससे अधिक मुश्किल होता है उस सफलता को बचाए रखना. क्योेंकि जब दौलत और शोहरत आती है तो अकेले नहीं आती है,बल्कि अपने साथ कई बुराइयां भी लेकर आती हंै. इसके साथ कुछ घर, समाज और स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी बढ़ जाती है. सफल व्यक्ति को समाज का बढ़ा हिस्सा अपना आइडियल मानने लगता है. उस समय किसी भी सफल व्यक्ति को अपने चाल-चरित्र और चेहरे सब विशेष ध्यान रखना होता है. जरा सी चूक का मतलब अर्श से फर्श पर आ जाना. जब कभी



पप्पू जी का एंटीना

मुकेश कुमार सिंह

एक हैं हमारे पप्पू जी. इनके पिताजी, दादी, दादी के पिताजी सब ने शासन किया था लेकिन यह बिचारे दुनिया के तमाम सहारे होने के बावजूद कुछ ना कर पाए. अंग्रेजी बूस्ट से लेकर देसी च्यवनप्राश तक सब का सेवन किया. कुछ फायदा नहीं हुआ तो दोनों मिलाकर भी सेवन कर लिया फिर भी कुछ ना हो पाया. कभी टोपी लगाकर मस्जिद गए तो कभी कोट पर ही जनेऊ धारण कर लिया. चुनाव आते ही महान शिवभक्त घोषित किए गए पर चुनाव खत्म होते ही उन्हें ऐसे भूल गए जैसे पहले आतंकवादी भारत में बम ब्लास्ट करके भूल जाया करते थे.  हालांकि शिवजी सबसे आसानी से प्रसन्न हो जाने वाले भगवान माने जाते हैं लेकिन जो उन्हें भी प्रसन्न ना कर पाया वह भारत की दुर्दांत जनता को क्या प्र



सफलता बनाम आत्महत्या-एक विश्लेषण

सोनल सिन्हा

आमतौर पर सफलता को पैसे, भौतिक सुख सुविधाओं से जोड़ कर देखा जाता हैं, अगर आपके पास काफी धन-दौलत, शोहरत है तो आपको सफल माना जाता हैं. पर क्या ये सच हैं? अगर ये सच है तो अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के पास इन सभी चीज़ों में से क्या नही था? सुशांत जी के आत्महत्या ने सफलता की परिभाषा पे एक गहरी चोट पहुचाई हैं,जिसका ज़ख्म  आने वाले कई सालों तक हमारे दिलों को आहत करता रहेगा.

मनुष्य सफलता पाने के ख़्वाब लिए अपनी सारी जिंदगी पैसे के पीछे भागते भागते गवां देता हैं और जब कही एकांत में बैठ कर सोचता हैं तो उसे एहसास होता हैं कि जिसे वो अपनी सफलता सोच रहा है वो तो बस एक दौड़ थी जिंदगी की जिसने सब कुछ दिया बजाए सुकून और सफलता के.

बाहर



पानी से सस्ता तेल,भारत में रेट आसमान पर  

डॉ. सत्यवान सौरभ

लॉकडाउन की वजह से दुनियाभर में लोग घरों में है। तेल की मांग में कमी की यह भी एक बड़ी वजह है। दुनिया के पास फिलहाल इस्तेमाल की ज़रूरत से ज़्यादा कच्चा तेल है और आर्थिक गिरावट की वजह से दुनियाभर में तेल की मांग में कमी आई है। तेल के सबसे बड़े निर्यातक ओपेक और इसके सहयोगी जैसे रूस, पहले ही तेल के उत्पादन में रिकॉर्ड कमी लाने पर राज़ी हो चुके है। अमरीका और बाकी देशों में भी तेल उत्पादन में कमी लाने का फ़ैसला लिया गया है। लेकिन तेल उत्पादन में कमी लाने के बावजूद दुनिया के पास इस्तेमाल की ज़रूरत से अधिक कच्चा तेल उपलब्ध है।  समंदर और धरती पर भी स्टोरेज तेज़ी से भर रहे हैं। स्टोरोज की कमी भी एक समस्या बन रही है। साथ ही



विकास और बिहार-कुछ सवाल 

सोनल सिन्हा

एमडीआई स्कोर के आधार पर, बिहार भारत के शीर्ष 3 सबसे कम विकसित राज्यों की सूची में है. आपको क्या लगता है इसके पीछे क्या कारण हैं?
अत्यधिक उपजाऊ और उत्पादक भूमि, अच्छे जल संसाधन और कड़ी मेहनत करने वाले लोगों से सम्पन होने के बावजूद, बिहार अभी भी विकास की कमी से ग्रस्त है, जो नौकरी और बेहतर अवसरों की तलाश में बिहार से दूसरे राज्यों में पलायन करने वाले लोगों की संख्या से काफी स्पष्ट है.
हम जानते है किसी भी देश या राज्य की प्रगति के लिए सबसे जरूरी होता है व्यापार  का बढ़ना, निर्यात का बढ़ना और  बिहार की प्रगति के लिए भी ये लागू  होता हैं.
आज हमारे राज्य बिहार में व्यापार करने वालों की काफी कमी हैं खास कर के निर्य



अनाज खरीदी में भी मक्का के साथ दलितों सा बर्ताव क्यों? 

अजय बोकिल

मध्यप्रदेश में कोरोना काल में भी मोदी सरकार की साल भर की उपलब्धियां जताने वाली भाजपा की धुंआधार वर्चुअल रैलियों के बीच एक चिंताजनक एक्चुअल खबर आई कि राज्य में मक्का पैदा करने वाले किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य ( एमएसपी)  से भी कम में अपनी फसल बेचनी पड़ रही है. जिस भाव व्यापारी मक्का खरीद रहे हैं, उसमें तो लागत भी नहीं निकल रही. इससे परेशान प्रदेश के सिवनी जिले के किसानों ने बाकायदा एक आॅन लाइन आंदोलन छेड़ दिया है. इसे किसान सत्याग्रह नाम दिया गया है. इन किसानों का कहना है कि  चूं‍कि भारत सरकार विदेशों से मक्का आयात कर रही है, इसलिए स्थानीय बाजार में मक्के के दाम आधे हो गए हैं. यह किसानों को आत्मनिर्भर बनान



अमरनाथ यात्रा के लिए यह शर्त, रोजाना 500 यात्रियों को होगी अनुमति

गलवान नदी का जल स्तर बढऩे से डूबे चीनी सैनिकों के टेंट, लौटना पड़ सकता है वापस

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के गश्ती दल पर हमला, एक जवान घायल

कुलगाम में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, दो आतंकी ढेर, दो जवान घायल

CRPF कर्मी और छह साल के बच्चे की हत्या करने वाला आतंकी मुठभेड़ में ढेर

सोपोर में CRPF की पेट्रोलिंग पार्टी पर आतंकवादियों ने की फायरिंग, एक जवान शहीद-3 घायल

अनंतनाग में एनकाउंटर, CRPF जवान और 5 साल के बच्चे को मारने वाले 2 आतंकी ढेर

पाकिस्तानी एयरबेस पर चीन की हलचल! भारतीय सेना अलर्ट

अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से दिया इस्तीफा

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में सुरक्षाबलों ने मार गिराये तीन आतंकी, हथियार बरामद

कश्मीर में एलपीजी स्टॉक व स्कूलों को खाली करने का फरमान, चीन से तनाव के बीच बड़ा निर्णय

जम्मू-कश्मीर में भूकम्प का जोरदार झटका, घर से बाहर निकले लोग

जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों को मिली बड़ी सफलता, 3 आतंकी मार गिराए

जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ की पेट्रोल पार्टी पर आतंकी हमला, एक सैनिक शहीद

पुलवामा में सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में तीन आतंकी ढेर, तलाशी अभियान जारी

जम्मू-कश्मीर में आतंकी मॉड्यूल का भांडाफोड़, आतंकियों के 5 सहयोगी गिरफ्तार

सोपोर के हरदशिवा इलाके में एनकाउंटर जारी, दो दहशतगर्द ढेर, इलाके में इंटरनेट सेवा बंद

पुलवाला में आतंकियों से मुठभेड़, सेना ने मार गिराए दो आतंकी, एक जवान शहीद

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षाबलों ने मार गिराये दो आतंकी, एक जवान शहीद

पाकिस्तान ने किया सीजफायर का उल्लंघन, सेना का एक जवान शहीद, एक घायल

जम्मू-कश्मीर के शोपियां तथा श्रीनगर में सुरक्षाबलों ने मार गिराये चार आंतकवादी

श्रीनगर में बड़ी संख्या में फोर्स तैनात, इंटरनेट-मोबाइल सेवा बंद, एक आंतकी ढेर

J&K: कुलगाम में एक आतंकी ढेर, दोनों ओर से फायरिंग, ऑपरेशन जारी

जेएंडके: लांचिग पैड पर करीब 300 आतंकी घुसपैठ की फिराक, सेना सतर्क

बीएसएफ ने मार गिराया पाक का जासूसी ड्रोन, की जा रही थी हथियारों की तस्करी

J&K के निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह को जमानत, दिल्ली पुलिस नहीं दाखिल कर पाई चार्टशीट

जम्मू-कश्मीर: शोपियां में 5 और पंपोर में 3, कश्मीर में आतंकियों का बड़ा सफाया

सुरक्षाबलों ने मार गिराये मस्जिद में छिपे तीन आतंकवादी, सर्च अभियान अब भी जारी

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग से सुरक्षाबलों ने हिज्बुल आतंकी इमरान नबी को किया गिरफ्तार

J&K- शोपियां में हुई मुठभेड़, सुरक्षाबलों ने 3 आतंकी किए ढेर

जम्मू-कश्मीर के शोपियां में एनकाउंटर, सुरक्षाबलों ने मार गिराए 3 आतंकी

एएलसी पर बीआरओ ने इंफ्रास्ट्रक्चर का काम शुरू किया, 1500 श्रमिक झारखंड से जा रहे लद्दाख

पीओके के लोग भी करेंगे भारत का हिस्सा बनने की मांग: राजनाथ सिंह

पाक ने फिर किया संघर्षविराम का उल्लंघन, सेना का एक सैनिक शहीद, दो घायल

सीआरपीएफ के 31 जवान पाये गये कोरोना पॉजीटिव, एक ही बटालियन के हैं सभी

झारखंड के 1500 मजदूर चीन बॉर्डर पर सड़क बनाने ट्रेन से रवाना, सीएम सोरेन ने दिखाई हरी झंडी

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने अब तक मार गिराये 4 आतंकी, मुठभेड़ जारी

सेना का सीमा पार भीषण प्रहार, घुटनों पर पाकिस्तान, भौंपू लगाकर मांग रहा माफी

शोपियां में सुरक्षाबलों ने किया लश्कर के आतंकवादी को गिरफ्तार, आंतकी से हथियार बरामद

सीज फायर तोडऩे पर भारतीय सेना का करारा जवाब, पाक सेना की 10 चौकियां तबाह

पाकिस्तान ने किया संघर्ष विराम का उल्लघंन, एक भारतीय सैनिक शहीद

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने किया नार्को-टेरर मॉड्यूल का भांडाफोड़, बड़ी मात्रा में नगदी बरामद

जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन ऑलआउट, इस साल 89 आतंकियों का सफाया

जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सेना ने मार गिराये 5 आतंकवादी, क्षेत्र में इंटरनेट सेवा बंद

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों ने की सरपंच की गोली मारकर हत्या

जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सुबह से जारी एनकाउंटर में अब तक पांच आतंकी ढेर,24 घंटों में 10 आतंकवादियों को किया ढेर

जेएंडके के पुुंंछ में बादल फटा, एक झटके में बह गई 5 किमी सड़क, कई वाहन, मकान दबे

अमरनाथ यात्रा, 21 जुलाई से शुरू होगी, 55 साल से कम उम्र वालों को इजाजत नहीं

पहले चरण में केवल पैदल यात्री कर सकेंगे मां वैष्णो देवी यात्रा

राजौरी में सुरक्षाबलों ने एक आतंकवादी को मार गिराया, की गई पूरे इलाके की घेराबंदी

बर्फानी बाबा की पहली तस्वीर आई. आप भी कीजिए दर्शन, इस बार 15 दिन की होगी यात्रा

जम्मू-कश्मीर: सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी, जैश के 3 आतंकियों को किया ढेर

जम्मू में कोरोना से मौत के बाद दाह संस्कार में हमला, अधजली लाश लेकर भागे परिजन

पुलवामा में सुरक्षाबलों ने एक आंतकी मार गिराया, तलाशी अभियान जारी

बडगाम में जैश-ए-मोहम्मद के छह मददगार गिरफ्तार, हथियार और गोला-बारूद बरामद

J&K: मेेंढर सेक्टर में सेना की बड़ी कार्रवाई, 13 आतंकी घुसपैठियों को मार गिराया

नौशेरा सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश कर रहे तीन पाक आतंकियों को सेना ने मार गिराया

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में सेना ने हिज्बुल मुजाहिदीन के दो आतंकियों को किया ढेर

कांग्रेस के नेता सैफुद्दीन सोज की नजरबंदी को उनकी पत्नी ने न्यायालय में दी चुनौती

इस बार 15 दिन की अमरनाथ यात्रा, यात्रियों की संख्या भी रहेगी सीमित

बड़ा खुलासा: पुलवामा में CRPF के 400 जवानों को निशाना बनाना चाहते थे आतंकी

जम्मू-कश्मीर: पुलवामा जैसी आतंकी साजिश नाकाम, राजपोरा में कार से IED बरामद

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में सुरक्षाबलों ने मार गिराये 2 आतंकी, 2 पत्थरबाज भी जख्मी

बडग़ाम में सेना ने किया लश्कर-ए-तैयबा के मॉड्यूल का भांडाफोड़, 4 आतंकी गिरफ्तार

पुलवामा में सुरक्षाबलों की टीम पर आतंकी हमला, एक जवान शहीद- दो घायल

पुलवामा में सीआरपीएफ व पुलिस की संयुक्त टीम पर आंतकी हमला, एक जवान शहीद

कुलगाम मुठभेड़ में मारे गए आतंकी कोरोना संक्रमित थे, पाकिस्तान की घिनौनी साजिश की पोल खुली