सचिन वझे का लेटर बम: अनिल देशमुख के साथ ही मंत्री अनिल परब पर वसूली कराने का आरोप

सचिन वझे का लेटर बम: अनिल देशमुख के साथ ही मंत्री अनिल परब पर वसूली कराने का आरोप

प्रेषित समय :07:48:27 AM / Thu, Apr 8th, 2021

मुंबई. अंटीलिया मामले एवं मनसुख हिरेन हत्याकांड में गिरफ्तार मुंबई पुलिस के निलंबित एपीआइ सचिन वझे ने एनआइए कोर्ट को पत्र लिखकर अनिल देशमुख के साथ ही महाराष्ट्र सरकार के एक और मंत्री अनिल परब पर वसूली कराने का आरोप लगाया है.

पत्र सचिन वझे ने बताया है कि उससे अनिल देशमुख के अलावा शिवसेना कोटे के परिवहन मंत्री अनिल परब भी वसूली करवाते थे. अनिल देशमुख जहां बार एवं रेस्टोरेंट्स से वसूली करने को कहते थे, वहीं अनिल परब ने मुंबई महानगरपालिका के ठेकेदारों से वसूली करने को कहा था. वझे के इस पत्र से पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा देशमुख पर लगाए गए आरोपों की भी पुष्टि होती दिख रही है.

विशेष एनआइए अदालत को लिखे अपने हस्तलिखित पत्र में सचिन वझे ने बड़ा धमाका करते हुए कहा है कि छह जून, 2020 को उसका निलंबन समाप्त होने के कुछ ही दिन बाद गृहमंत्री अनिल देशमुख ने उसे नागपुर से फोन करके कहा कि राकांपा अध्यक्ष शरद पवार उसे फिर से निलंबित कराना चाहते हैं. गृहमंत्री ने कहा कि यदि वह उन्हें दो करोड़ रुपए दे, तो वे शरद पवार को समझाएंगे. वझे के अनुसार दो करोड़ रुपए दे पाने में असमर्थता जाहिर करने पर देशमुख ने कहा कि बाद में दे देना.

जनवरी 2021 में देशमुख ने फिर उसे अपने बंगले ज्ञानेश्वरी पर बुलाया और कहा कि मुंबई में 1650 बार एवं रेस्टोरेंट्स हैं. इन सबसे हर महीने तीन से साढ़े तीन लाख रुपए हमारे लिए वसूल करो. वझे ने इसका प्रतिवाद करते हुए कहा कि मुंबई में 200 से ज्यादा बार नहीं हैं और इतने पैसे वसूल नहीं किए जा सकते. क्योंकि ये मेरी क्षमता से बाहर है. गृहमंत्री के कक्ष से बाहर निकलने पर उनके निजी सचिव कुंदन ने भी पैसे वसूलने पर जोर दिया.

वझे के अनुसार उसने वहां से लौटकर ये बातें पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह को बताई थीं और आशंका जताई थी कि ऐसा न करने पर मुझे जल्दी ही किसी झूठे मामले में फंसाया जा सकता है. इस पर सिंह ने मेरा हौसला बढ़ाते हुए कोई गलत काम न करने की सलाह दी थी.

वझे ने शिवसेना कोटे के परिवहन मंत्री अनिल परब पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने भी उसे अपने सरकारी बंगले पर बुलाकर सैफी बुरहानी अपलिफ्टमेंट ट्रस्ट (एसबीयूटी) के खिलाफ मिल रही शिकायतों पर ध्यान देने को कहा था.

परब चाहते थे कि वझे भिंडी बाजार में इमारतों का निर्माण करवा रहे इस ट्रस्ट के ट्रस्टियों को उनके पास लेकर आए, ताकि वे उनसे लेनदेन की बात कर सकें. परब ने वझे को मुंबई महानगरपालिका के ठेकेदारों से भी 50-50 करोड़ रुपये वसूलने को कहा था.

बुधवार को ये आरोप सामने आने के बाद शिवसेना कोटे के मंत्री अनिल परब ने अपनी सफाई में कहा कि वह बालासाहब ठाकरे और अपनी दोनों बेटियों की कसम खाने को तैयार हैं कि उन्होंने कभी वझे से इस प्रकार की वसूली करने को नहीं कहा. परब का आरोप है कि भाजपा केंद्रीय एजेंसी का इस्तेमाल करने के लिए राज्य सरकार को बदनाम कर रही है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

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