धनु लग्न के व्यक्ति परोपकारी, जनता से संपर्क रखने वाले, ज्ञानवान, धार्मिक प्रवृत्ति वाले, धैर्य शील, सज्जन पुरुष होते हैं, ऐसा व्यक्ति दानी, धनी, गंभीर, जन प्रिय, माता का सुख पाने वाला व हर प्रकार से सुखी होता है
यदि गुरु पापयुक्त या पाप दृष्ट हो तो पेट, लीवर, किडनी के रोगों से पीड़ित होते हैं, जनता से विरोध व दुःखी होते है*
* धनु लग्न के द्वितीय स्थान मेे शनि की मकर व तृतीय स्थान मेे कुंभ राशि पड़ती है, शनि यदि बलवान हो तो छोटी बहनों की संख्या ज्यादा होती है , व्यक्ति बाहुबल से धन कमाता है, बड़े लोगों से मित्रता होती है, छोटी बहनों व मित्रो से सहायता प्राप्त करता है, पत्नी दीर्घायु होती है,
निर्बल हो तो छोटे भाई बहनों व मित्रों के द्वारा धन का नाश होता है, आयु कम होती है
* मंगल पंचमेश व द्वादशेष होता है, मंगल बलवान हो तो धन प्रदान करता है, सप्तम स्थान मेे स्थित मंगल कामुक बनाता है, लग्न, पंचम, नवम स्थान मेे स्थित मंगल अच्छा भाग्य, शिक्षा व पुत्र प्रदान करता है
* धनु लग्न में शुक्र छठे व एकादश भाव का स्वामी बनता है, दोनों क्षति के स्थान है अतः शुक्र मंगल के साथ होकर जिस भाव भावेश से युति अथवा दृष्टि डालेंगे, उस भाव से संबंधित अंग अथवा उस भाव से संबंधित व्यक्ति को चोट पहुंचाएंगे,मंगल के साथ मिलकर प्रभाव डाले तो यह अनिष्टकारक तथा हिंसात्मक हो जाता है
इसी तरह से शनि के साथ होने पर उस अंग अथवा व्यक्ति को रोगी बनाएंगे, किन्तु अकेला शुक्र यदि पीड़ित न हो या संधि भाग में न हो तो ज्यादा हानि नहीं करेगा
सुस्थित व बलवान शुक्र धन भी अच्छा देता है
* धनु लग्न में स्त्री की कुंडली में गुरु व बुध दोनों, सूर्य, शनि, राहु से पीड़ित हों या पुरुष की कुंडली में शुक्र बुध पीड़ित हों तो शीघ्र ही जीवन साथी से अलगाव हो जाता है, क्योंकि धनु लग्न में बुध केंद्रादिपत्य दोष से दूषित होता है, बलवान होने पर नौकरी व्यवसाय में सफलता व सम्मान प्राप्त करता है, यदि बुध द्वितीय, षष्ठ, अष्टम या द्वादश मेे निर्बल हो तो अपनी दशा में रोग देता है, यदि इस पर सूर्य, शनि, राहु की दृष्टि हो तो नौकरी व्यवसाय से अलग कर देता है
* धनु लग्न की कुंडली में चन्द्र अष्टमेश बनता है, यह माना जाता है कि चन्द्र को अष्टमेश होने का दोष नहीं लगता है, चन्द्र यदि बलवान हो तो अपनी अंतर्दशा मेे धन देता है, यदि निर्बल, पक्षबल से क्षीण, पाप युक्त, पाप दृष्ट हो तो शिशु अवस्था में महान अरिष्ट कारक होता है
* धनु लग्न के नवम स्थान मेे सिंह राशि पड़ती है, यदि सूर्य बलवान हो तो नवमाधिपति तथा राजकीय ग्रह होने के कारण सरकारी नौकरी अथवा शासन से लाभ प्राप्त करता है, लग्न में यदि नीच का भी हो (पापयुक्त, पापदृष्ठ न हो) तो मनुष्य को धार्मिक बनाता है
** यह फलादेश राशियों पर आधारित है, ग्रहों की स्थिति, दृष्टि, युति आदि के आधार पर फल परिवर्तित हो जाता है.
धनु लग्न व्यक्तित्व विशेषता
धनु लग्न में पैदा हुए जातकों में एक उज्ज्वल, शांत स्वभाव, जीवन और भविष्य के लिए लगभग असाध्य आशावादी दृष्टिकोण होती है. यदि आप धनु लग्न जातक हैं तो आपके पास एक हंसमुख, ऊर्जावान, मज़ेदार, मिलनसार और मुखर व्यक्तित्व है. आपके पास जीवन के लिए एक आशावादी दृष्टिकोण है. अधिकतर भाग्य आपके अनुकूल नहीं होता है, फिर भी आप अपने जीवन में सफलता हासिल करने में कामयाब होते हैं. नकारात्मक लोग और निराशावादी विचार आपके लिए नहीं हैं और इनसे दूर रहने की आप कोशिश करते हैं. यद्यपि आप अपनी क्षमताओं के अनुसार दूसरों की मदद करने की भी कोशिश करते हैं.
धनु लग्न वालों के पास अच्छा स्वभाव, असाधारण रूप से मज़ेदार और एक प्रेरणादायक आध्यात्मिक पक्ष है. विपरीत परिस्थितियों में, आप अधीर हो जाते हैं, जिम्मेदारी लेने से डरते हैं, और आत्म-भोगी भी हो जाते हैं. बातचीत में जल्दबाजी करने की प्रवृत्ति के कारण आप अनजाने में दूसरों द्वारा गलत समझा जा सकता है. इसके अलावा, आप जुआ के प्रति रुझान रखते हैं.
दार्शनिक और लक्ष्य-उन्मुख, कोई भी बाधा आपको निर्णय लेने और दीर्घकालिक योजना बनाने से रोक नहीं सकती है. आप पढ़ना, सोचना पसंद करते हैं, और एक जीवन भर सीखने वाले व्यक्ति हैं. यात्रा, बाहरी रोमांच, विभिन्न संस्कृतियाँ और नए लोगों से मिलना आपको उत्साहित करता है. आप उन कुछ संकेतों में से एक हैं जो अजनबियों के साथ बातचीत को बहाल कर सकते हैं.
धनु लग्न शारीरिक विशेषता
धनु लग्न के जातको के पास चौड़ा ललाट होता है. आपके पास कई विशेषताएं होती हैं, अक्सर मुस्कुराते हुए होंठ, और घने बालों के आप धनी हैं. इस लग्न में जन्मे जातको की आंखें सुंदर, स्पष्ट और चमकदार होती हैं. आपके चेहरे और मुद्रा में एक खुलापन है. त्वरित गति और नाटकीय इशारे इस लग्न के लिए सामान्य लक्षण हैं. स्वाभाविक रूप से, आपके पास एक मजबूत और एथलेटिक बिल्ड बॉडी है, लेकिन आप भोजन, पेय (अपने शासक ग्रह बृहस्पति के कारण - बहुतायत और अधिकता के ग्रह) के चलते आप मोटे हो सकते हैं.
धनु लग्न मानसिक विशेषता
ज्योतिषाचार्य के अनुसार धनु लग्न के जातक भावनात्मक रूप से अपने परिवार और घर से जुड़े होते हैं, जो सीधे तौर पर अपनी भावनाओं को प्रभावित करते हैं. आप शायद ही कभी अपनी भावनात्मक जरूरतों को व्यक्त करते हैं लेकिन अपनी भावनाओं और भावनाओं के बारे में सोचने में बहुत समय व्यतीत करते हैं. एक ओर आप खुशमिजाज होते हैं, वहीं दूसरी ओर आप भावुक, पीछे हटने वाले और मूडी हो सकते हैं. आप परिपक्व और अंदर से जमीन स्तर से जुड़े हैं.
धनु लग्न प्रेम और संबंध विशेषता
धनु लग्न के जातक वफादार प्रेमियों के लिए आपने हृदय में सदैव स्थान रखते हैं. आपके पास एक उच्च बुद्धि है और मजेदार और रचनात्मक तरीकों से अपने प्यार और रोमांस को व्यक्त करते हैं. आप एक ऐसे रिश्ते की तलाश करते हैं जो विविधता, संचार और स्वतंत्रता प्रदान करता है. धनु लग्न के लिए अनुकूल लग्न वायु तत्व के राशि मिथुन, तुला और कुंभ हैं. अच्छे साथी और अच्छे प्रेम संबंध के लिए अग्नि तत्व के राशि भी सही हैं.
धनु लग्न स्वास्थ्य विशेषता
धनु लग्न का जातकों के जांघ, कूल्हों और यकृत पर नियंत्रण रहता है. अल्कोहल के अधिक सेवन या वसा से भरपूर आहार से संभावित स्वास्थ्य जोखिम आपके लिए पैदा होते हैं. पीठ दर्द इस लग्नन से जुड़ी एक आम शिकायत है. धनु लग्न के जातक जांघों के कुछ समस्याओं का अनुभव करने के लिए संभावित हैं.
धनु लग्न राशि के लिए शुभ ग्रह
धनु राशि के जातकों के लिए मंगल और सूर्य लाभकारी ग्रह हैं. चंद्रमा और बृहस्पति तटस्थ ग्रह हैं.
धनु लग्न राशि के लिए नकारात्मक ग्रह
शुक्र, बुध, राहु, और केतु इस चिन्ह के लिए नकारात्मक ग्रह हैं.
धनु लग्न राशि के लिए अनुकूल रंग
आपके लिए पीला और नारंगी लबसे अनुकूल माना गया है.
धनु लग्न राशि के लिए भाग्यशाली रत्न
पीला नीलम और लाल मूंगा अत्यधिक लाभकारी रंग है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-एक्ट्रेस पूजा हेगड़े ने ओपन शर्ट में दिखाया जीरो फिगर
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