कार्तिक मास में तुलसी की आराधना का विशेष महत्व

कार्तिक मास में तुलसी की आराधना का विशेष महत्व

प्रेषित समय :20:44:32 PM / Thu, Oct 21st, 2021

 *हिंदू पुराण के अनुसार हर माह की अपनी अलग विशेषता होती है, लेकिन कार्तिक मास की महिमा बहुत ज्यादा है.*
 *हिंदू पंचांग का आठवां महीना कार्तिक का होता है. इस साल कार्तिक माह की शुरुआत 21 अक्टूबर 2021 से प्रारंभ हो रही है. ये 19 नवंबर तक रहेगा.*
 *इस मास को रोगनाशक मास भी कहा जाता है.*
 *वहीं, कार्तिक मास को सद्बुद्धि, लक्ष्मी और मुक्ति प्राप्त कराने वाला मास भी कहा जाता है.*
 *इस माह में किया गया पूजा-पाठ पापों से मुक्त करता है और मुक्ति के मार्ग पर ले जाता है.* 
 *कहते हैं कि कार्तिक महीने में किसी पवित्र नदी यमुना नदी में ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना बहुत लाभकारी होता है.*
 *ग्रंथों में कहा गया है कि अगर आप नदी के जल में स्नान करने में असमर्थ हैं तो नहाने के पानी में किसी पवित्र नदी का जल मिलाकर भी स्नान किया जा सकता है.*
 *कार्तिक मास में तुलसी की आराधना का विशेष महत्व है.*
 *पुराणों में कहा गया है कि कार्तिक मास में लगातार एक महीने तक तुलसी के सामने दीपदान करने पर अत्यधिक पुण्य की प्राप्ति होती है.*
 *कहते हैं इस पूरे मास प्रतिदिन किसी पवित्र नदी, तीर्थ स्थल, मंदिर, फिर घर में रखी हुई तुलसी के पास दीपदान करना चाहिए. इसका बहुत अधिक महत्व है.*
 *बताया गया है कि दीपदान शरद पूर्णिमा से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक नियमित रूप से किया जाता है. कहते हैं कि दीपदान से घर का ही नहीं बल्कि जीवन का अंधेरा भी दूर हो जाता है और मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर घर को धन-धान्य से भर देती हैं.*
 *कार्तिक मास में कुछ चीजों के दान का विशेष महत्व होता है.*
 *कहते हैं कि पूरे महीने किसी ब्राह्मण या फिर जरूरतमंद को दान देने से बहुत पुण्य फल मिलता है.* 
 *इस महीने में तुलसी दान, अन्न दान, गाय दान और आंवले का पौधा दान करने का विशेष महत्व है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

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