हाई बीपी को कंट्रोल करती है डार्क चॉकलेट, जानें कब-कितना खायें

हाई बीपी को कंट्रोल करती है डार्क चॉकलेट, जानें कब-कितना खायें

प्रेषित समय :09:07:42 AM / Thu, Jul 7th, 2022

अगर आपका ब्लड प्रेशर हमेशा ज्यादा बढ़ा रहता है तो हार्ट डिजीज, किडनी डिजीज, स्ट्रोक और भी कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं लेकिन आप डार्क चॉकलेट की मदद से हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित कर सकते हैं. डार्क चॉकलेट में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करते है. डार्क चॉकलेट में पाए जाने वाले बायोएक्टिव कंपाउंड चेहरे के लिए बहुत अच्छे होते हैं. डार्क चॉकलेट में पाए जाने वाले फ्लेवनॉल्स, तेज़ धूप से त्वचा की रक्षा करते हैं. इतना ही नहीं त्वचा में रक्त के प्रवाह में सुधार करने और उसे हाइड्रेटेड बनाए रखने में भी डार्क चॉकलेट सहायक मानी जाती है. डार्क चॉकलेट में मौजूद तत्व तनाव, चिंता और डिप्रेशन को कम करता है. इसके अलावा आपको रिलैक्स करने में भी मदद करता है. वर्ल्ड चॉकलेट डे पर जानें डार्क चॉकलेट खाने के फायदे-

डार्क चॉकलेट खाने के फायदे
लाइफ एनचिरिंग के मुताबिक अगर आप दिन में 30- 60 ग्राम चॉकलेट खाते हैं तो आपका बीपी कंट्रोल रहता है. डार्क चॉकलेट में व्हाइट चॉकलेट के मुकाबले कम दूध और चीनी होती है. इसलिए इसकी कैलोरीज की मात्रा कम होती है जो हमारा शरीर आसानी से पचा पाता है लेकिन बहुत ज्यादा चॉकलेट खाना आपको नुक्सान भी पहुंचा सकता है.

डार्क चॉकलेट में फ्लेवनॉल्स पाया जाता है जो शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड के उत्पादन को बढ़ाने के लिए धमनियों की परत को उत्तेजित करता है. नाइट्रिक ऑक्साइड धमनियों को आराम देने और रक्त प्रवाह के प्रतिरोध को कम करने में सहायक होता है, जिसके कारण ब्लड प्रेशर के खतरे को कम किया जा सकता है.

डार्क चॉकलेट में विटामिन और मिनरल्स होते हैं जो स्किन के लिए काफी फायदेमंद हैं. साथ ही यह उम्र बढ़ने के लक्षणों को भी कम करती है. डार्क चॉकलेट में थियोब्रोमीन होता है जो हमारे दांतों के इनैमेल को मजबूत बनाता है. जिससे कैविटी का खतरा भी कम हो जाता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

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