पल-पल इंडिया ने लिखा था- आपातकाल का वर्ष-अंक, क्या करेगा? अब 1977 जैसा बदलाव 2022 लाएगा, क्या?

पल-पल इंडिया ने लिखा था- आपातकाल का वर्ष-अंक, क्या करेगा? अब 1977 जैसा बदलाव 2022 लाएगा, क्या?

प्रेषित समय :08:50:46 AM / Wed, Jul 27th, 2022
प्रदीप द्विवेदी (15/1/2022). यह विचित्र संयोग ही है कि कई राजनीतिक घटनाचक्र दोहराए जाते हैं, जब किसान आंदोलन जारी था, तब लिखा था- देश में किसान आंदोलन जारी है और मोदी सरकार का सियासी रवैया वैसा ही है, जैसा आपातकाल में केंद्र सरकार का था, 25 जून 2020 को पल-पल इंडिया ने, सियासत के सितारेः आपातकाल का वर्ष-अंक, क्या और राजनीतिक संघर्ष बढ़ाएगा? में कहा था- यदि आप अंकशास्त्र पर भरोसा करते हैं, तो मान लीजिए कि यह वर्ष 2020, आपातकाल के वर्ष 1975 जैसा ही गुजरेगा, जब सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी संघर्ष चरम पर था?
आपातकाल के वर्ष 1975 और वर्ष 2020 में एक समानता है.... दोनों का वर्ष-अंक 4 है. यदि 1975 में आपातकाल आया, तो 2020 में एकतरफा कृषि कानून आया, 2021 में मोदी सरकार की तानाशाही रही, तो 2021 समाप्त होते-होते तानाशाही समाप्त हो गई.
अब वर्ष-अंक 6 के 1977 की तरह 2022 आ रहा है, जब मार्च 1977 में देश में सत्ता का सबसे बड़ा बदलाव हुआ था, तो अब यह देखना दिलचस्प होगा कि- क्या मार्च 2022 से देश फिर सत्ता का बड़ा बदलाव देखेगा?
याद रहे, पल-पल इंडिया में 1 जनवरी 2020 को लिखा था....
हालांकि, समय पूर्णरूप से तो वैसा ही कभी नहीं आ सकता है, परन्तु अंकशास्त्र पर भरोसा करें, तो इस वक्त- 2020 में देश के हालात तकरीबन 1975 जैसे ही हैं, इसलिए अगले 21 माह भी लगभग वैसे ही गुजरेंगे.
पहले सत्ता पक्ष का दबदबा बना रहेगा, धीरे-धीरे विपक्ष का असर बढ़ेगा और 21 माह गुजरते-गुजरते सियासी तस्वीर बदलने लगेगी!
सियासत के सितारे संकेत दे रहे हैं कि अब तक का समय तो लगभग आपातकाल के उस दौर जैसा ही गुजर रहा है, देखना दिलचस्प होगा कि क्या आगे भी इसी तरह के बदलाव आते हैं? क्योंकि, वर्ष 2022 का अंक- 6 है, जो वर्ष 1977 का था?
 
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

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