ज्यादा नेगेटिव सोचने से हो सकती हैं ये 5 बीमारियां

ज्यादा नेगेटिव सोचने से हो सकती हैं ये 5 बीमारियां

प्रेषित समय :10:17:25 AM / Thu, Aug 1st, 2024
Reporter : reporternamegoeshere
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हमारी मेंटल और फिजिकल हेल्थ के बीच सीधा संबंध है. अगर नोटिस किया हो तो कोई भी इंसान तनाव के दौरान ज्यादा थका हुआ महसूस करता है. नेगेटिव विचार आते हैं तो आप जल्दी बीमार होने लगेंगे. आयुर्वेदिक डॉक्टर और न्यूट्रिशन व डाइट कंसल्टेंट डॉ. ईशा नेगी के मुताबिक, नकारात्मक थिंकिंग से कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. वहीं, अगर आप पॉजीटिव सोचते रहेंगे तो ज्यादा एक्टिव रहेंगे. इसको लेकर डॉ. ईशा नेगी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी शेयर किया है. आइए जानते हैं कि नेगेटिव सोच से किन बीमारियों का खतरा होता है.

दिल से जुड़ी बीमारियां- एक्सपर्ट के मुताबिक, ज्यादा नेगेटिव सोचने से तनाव और बेचैनी बढ़ने लगती है. इससे बॉडी में स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल का बैलेंस बिगड़ जाता है. इसके चलते दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. आपहाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और हार्ट बीट तेज होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल डिसऑर्डर- डॉ. ईशा नेगी कहती हैं कि ज्यादा नकारात्मक विचार से आंतों पर भी असर होता है. इससे आंतों में मौजूद गुड बैक्टीरिया को नुकसान होता है. इससे लोगों को इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम, अल्सर, अपच, दस्त और पेट से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.

थायराइड और PCOS- ज्यादा नेगेटिव सोचने डिप्रेशन होने लगता है. इसके कारण शरीर में मौजूद कई हार्मोन्स का लेवल बिगड़ सकते हैं. ऐसे में आपको थायराइड, डायबिटीज और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.

कमजोर इम्यूनिटी- लगातार नेगेटिव थिंकिंग से इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है. कमजोर इम्यूनिटी के चलते इंफेक्शन या गंभीर बीमारियों का खतरा हो सकती है. इसलिए अपने इमोशंस पर कंट्रोल रखें.

शरीर में दर्द- इसके अलावा, नेगेटिव सोचने से आपको दूसरी भी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं. इससे तनाव बढ़ सकता है, जिसके चलते मांसपेशियों में दर्द और अकड़न हो सकती है. ऐसे में आपको पीठ और गर्दन में दर्द रहने की दिक्कत भी हो सकती है.