RBI MPC Meeting 2024 : रेपो रेट में 9वीं बार भी नहीं हुआ बदलाव, नहीं बढ़ेगी ईएमआई

RBI MPC Meeting 2024 : रेपो रेट में 9वीं बार भी नहीं हुआ बदलाव, नहीं बढ़ेगी ईएमआई

प्रेषित समय :11:28:05 AM / Thu, Aug 8th, 2024
Reporter : reporternamegoeshere
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नई दिल्‍ली. भारतीय रिजर्व बैंक ने लगातार नौंवी बार रेपो रेट को 6.5 फीसदी पर बरकरार रखा है. 6 अगस्‍त से शुरू हुई मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee Meeting) की बैठक की समाप्ति के बाद आज रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी. महंगाई को केंद्रीय बैंक की निर्धारित सीमा के भीतर लोन और आर्थिक वृद्धि को गति देने के मकसद से नीतिगत दर को यथावत रखा गया है.भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने 4-2 बहुमत से नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रखने के लिए मतदान किया.

मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (एमएसएफ) और स्टैंडर्ड डिपॉजिट फैसिलिटी (एसडीएफ) की दरों में भी बदलाव नहीं किया गया है. मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी 6.75 फीसदी और स्टैंडर्ड डिपॉजिट फैसिलिटी 6.25 फीसदी पर अपरिवर्तित रहेंगी. आरबीआई गवर्नर ने कहा कि अनुकूल आधार प्रभाव के कारण हेडलाइन मुद्रास्फीति में नरमी आने की उम्मीद है, लेकिन यह प्रवृत्ति तीसरी तिमाही में उलट सकती है.

रेपो दर को 6.5 फीसदी पर बरकरार रखने का मतलब है कि होम और कार लोन सहित कई तरह के कर्जों पर ब्‍याज दरों में बढोतरी नहीं होगी. रिजर्व बैंक ने आखिरी बार फरवरी, 2023 में रेपो रेट में बढ़ोतरी की थी. इस बढ़ोतरी के बाद रेपो रेट 6.5 फीसदी कर दी गई. इसके बाद लगातार 9 बार केंद्रीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक हो चुकी है. बता दें कि रेपो रेट के आधार पर बैंक लोन की ब्याज दर पर फैसला लेते हैं.

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि घरेलू विकास स्थिर शहरी खपत के कारण ठीक ढंग से हो रहा है. एमपीसी का मानना है कि मुद्रास्फीति को देखते हुए मौद्रिक नीति का स्थिर रहना महत्वपूर्ण है. समिति ने सतत आर्थिक विकास को समर्थन देने के लिए मुद्रास्फीति पर प्राथमिक ध्यान बनाए रखने पर जोर दिया. शक्तिकांत दास ने कहा कि मुद्रास्फीति धीरे-धीरे सभी अर्थव्यवस्थाओं में कम हो रही है, जबकि मध्यम अवधि के वैश्विक विकास के सामने गंभीर चुनौतियां हैं. इन सबके बावजूद, घरेलू आर्थिक गतिविधि लचीली बनी हुई है. मांग में सुधार के कारण विनिर्माण क्षेत्र में तेजी आ रही है.