वैज्ञानिकों की नई खोज, बनेंगे आपके दिल का हाल समझने वाले रोबोट

वैज्ञानिकों की नई खोज, बनेंगे आपके दिल का हाल समझने वाले रोबोट

प्रेषित समय :10:54:02 AM / Tue, Dec 31st, 2024
Reporter : पलपल रिपोर्टर

रोबोट्स को लेकर अब तक यह धारणा थी कि वे इंसानों के जैसे भावनाओं को नहीं समझ सकते। लेकिन, वैज्ञानिकों की नई खोज इस धारणा को बदलने वाली है। आने वाले समय में ऐसे रोबोट्स विकसित किए जाएंगे, जो आपकी त्वचा को छूकर आपके मन की गहराइयों को पढ़ सकेंगे। ये रोबोट बिना आपके बोले ही समझ लेंगे कि आप खुश हैं, दुखी हैं, या अंदर ही अंदर परेशान हैं।

IEEE Access नामक पत्रिका में प्रकाशित एक शोध रिपोर्ट के अनुसार, इंसानी भावनाओं का असर त्वचा पर देखा जा सकता है। जब आप किसी भावनात्मक स्थिति से गुजरते हैं, तो आपकी त्वचा की तंत्रिका गतिविधियों और पसीने में बदलाव होता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह तरीका बोलचाल या चेहरे के भावों की तुलना में ज्यादा सटीक है, क्योंकि इन पर आधारित नतीजे हमेशा भरोसेमंद नहीं होते। इस अध्ययन में टोक्यो मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने 33 प्रतिभागियों को शामिल किया। इन प्रतिभागियों को विभिन्न भावनात्मक वीडियो दिखाए गए, और उनकी त्वचा की स्थिति को रियल-टाइम में मापा गया।

खुशी और गम: फैमिली बॉन्ड जैसे सीन पर खुशी और गम की मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखी गईं।
डर: डर का भाव लंबे समय तक प्रभावी रहा।
मजाक: मजाक से संबंधित भाव त्वरित रूप से उत्पन्न हुए और तुरंत समाप्त हो गए।
शोध में यह पाया गया कि मूड बदलते ही इमोशन्स भी बदल गए, और इन्हें त्वचा की प्रतिक्रिया के माध्यम से आसानी से समझा जा सकता है।

यह तकनीक रोबोटिक्स में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। ऐसे रोबोट्स न केवल भावनाओं को पहचानने में माहिर होंगे, बल्कि भविष्य में वे विभिन्न परिस्थितियों में इंसानों के साथ बेहतर तरीके से संवाद कर सकेंगे। यह खोज स्वास्थ्य सेवा, मनोरंजन, और भावनात्मक सहयोग जैसे क्षेत्रों में बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। इस नई तकनीक से रोबोट्स और इंसानों के बीच की दूरी कम होगी। वैज्ञानिकों का यह कदम एक ऐसे भविष्य की ओर संकेत करता है, जहां मशीनें इंसानों के साथ न केवल कार्य करेंगी, बल्कि उनकी भावनाओं को समझकर उनकी जिंदगी को बेहतर बनाने में भी मदद करेंगी।