रामपुरी तार कोरमा उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर रामपुर से जुड़ा एक लाजवाब और शाही व्यंजन है। यह डिश अपनी खासियत और अनोखे स्वाद के कारण भारतीय मुगलई व्यंजनों की विरासत का हिस्सा मानी जाती है। तार शब्द का मतलब इस डिश की खास तरह की ग्रेवी से है, जो अपने स्वाद के लिए जानी जाती है। इस व्यंजन का इतिहास नवाबी दौर से जुड़ा हुआ है, जब इसे खासतौर पर राजसी मेहमानों के लिए बनाया जाता था। मसालों का सही इस्तेमाल और धीमी आंच पर पकाई गई ग्रेवी और मटन का कोमल स्वाद इस डिश को खास बनाते हैं। रामपुरी तार कोरमा में इस्तेमाल होने वाले मसाले और पेस्ट इसे एक अलग पहचान देते हैं।
अगर आप इसे बनाने चाहते हैं, तो शेफ कुणाल कपूर की रेसिपी को ट्राई करें। बता दें इस रेसिपी को शेफ कुणाल कपूर ने अपने इंस्टाग्राम पर साझा किया है, जिसे हम आपको आसान शब्दों में बता रहे हैं। तो देर किस बात की आइए विस्तार से इस लेख में तार कोरमा बनाने की आसान रेसिपी-
विधि- सबसे पहले ऊपर बताई गई सामग्रियों को तैयार करके रखें। फिर एक कड़ाही में घी गर्म करें और उसमें स्लाइस किए हुए प्याज, हरी इलायची, तेज पत्ता और मखाना डालकर सुनहरा भूरा होने तक भूनें। अब भुने हुए मिश्रण को ठंडा करें और फिर सूखा नारियल बुरादा और दूध मिलाकर बारीक पेस्ट बना लें। इसी कड़ाही में थोड़ा घी गर्म करें और उसमें मटन के टुकड़े डालें। अदरक-लहसुन पेस्ट, प्याज का पेस्ट, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और दही मिलाकर अच्छी तरह भूनें। फिर इसमें कोरमा मसाला डालकर तब तक पकाएं जब तक तेल ऊपर न आ जाए। अब जरूरत के हिसाब से पानी और नमक डालकर मिलाएं। फिर ढककर धीमी आंच पर मटन को पूरी तरह पकने तक पकाएं। फिर तैयार पेस्ट को कड़ाही में डालें और जाफरी गरम मसाला और केवड़ा जल मिलाकर 5 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं। अब गरमा-गरम कोरमा नान या तंदूरी रोटी के साथ सर्व करें। बस सर्व करने से पहले ऊपर से हरा धनिया और नींबू का रस ऊपर से छिड़के और कटा हुआ अदरक डाल दें।