अनिल मिश्र/ रांची
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीक से दो पहिया वाहनों को अब सुरक्षित बनाया जाएगा. एआई एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (एडास) नाम की तकनीक से दो पहिया वाहनों में दुर्घटना की आशंका को न्यूनतम किया जा सकेगा और इससे बाइकर्स की जान को बचाया जा सकेगा. इस तकनीक के आधार पर अब दो पहिया वाहनों के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन के लिए ट्रायल शुरू हो गया है. इस अभिनव तकनीक के आधार पर प्रोडक्शन शुरू करने की पहल जमशेदपुर के युवा इंटरप्रेन्योर आयुष कुमार ने की है. उन्होंने बाईट्स नामक स्टार्टअप शुरू किया है. देश के चर्चित इन्वेस्टर व इंटरप्रेन्योर निखिल कामथ की कंपनी वीटी फंड ने फंडिंग करने के लिए टाईअप किया है.
इस फंडिंग से ही प्रोडक्शन शुरू होगा.एडवांस ड्राइविंग असिस्टेंस सिस्टम (एडास) तकनीक इंसानी गलती के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को काफी हद तक कम करने में मदद करती है. रडार आधारित तकनीक को भविष्य के मॉडलों के लिए ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजी के विकास की दिशा में पहले कदम के रूप में भी देखा जा रहा है. दरअसल, एडास सिस्टम, मल्टी विजन-बेस्ड एल्गोरिदम पर काम करता है, जो आसपास के स्थिति और माहौल पर आधारित होता है. आसान शब्दों में समझें तो एडास सिस्टम ड्राइविंग के दौरान ड्राइवर की सहायता करने के लिए एडवांस तकनीक का उपयोग करता है और इस प्रकार ड्राइवर के परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने में मदद करता है. ये सिस्टम वाहन के चारों ओर की स्थिति को देखने के लिए सेंसर तकनीक का उपयोग करता है और फिर ड्राइवर को जानकारी प्रदान करता है या आवश्यक होने पर स्वयं ही कार्रवाई करता है.
दरअसल जमशेदपुर के भुइयांडीह के एग्रिको निवासी आयुष कुमार ने मात्र 21 वर्ष की उम्र में अपने को-फाउंडर प्रखर अग्रवाल के साथ भारत का पहला एडास स्टार्टअप बाईट्स शुरू कर दिया है.आयुष कुमार की प्रारंभिक शिक्षा जमशेदपुर पब्लिक स्कूल बारीडीह (बैच 2020) से हुई है. उन्होंने 2020 में बेंगलुरु के क्रिस्टू जयंती कॉलेज से बीकॉम करने के लिए अपने गृहनगर से बाहर कदम रखा. इसके बाद बेंगलुरु में नौकरी की. वाराणसी के प्रखर अग्रवाल ने स्टार्टअप में अहम भूमिका निभाई है. दोनों ने साथ मिलकर ऐसी टेक्नोलॉजी बनाई है ,जो वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल कर सके और लाखों लोगों की जान बचा सके.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-